तेल बाजार में हलचल: UAE के संगठन छोड़ने पर भारत ने जताई राहत, जानिए वजह

नई दिल्ली

संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले दिनों तेल उत्पादक मुस्लिम देशों के संगठन ओपेक से खुद को अलग कर लिया था। उसका कहना था कि इस संगठन में रहते हुए उसके ऊपर तेल उत्पादन की सीमा तय करने को लेकर बंधन रहता है। ऐसे में वह इससे बाहर रहना ही ठीक समझ रहा है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी यूएई दौरे पर 15 मई को पहुंचने वाले हैं। उससे पहले यूएई स्थित भारतीय राजदूत दीपक मित्तल का कहना है कि इससे हमें फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत की ऊर्जा सुरक्षा यूएई के साथ संबंध बेहतर होने से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब यदि यूएई की ओर से तेल उत्पादन में इजाफा होगा तो इसका फायदा हमें सीधे तौर पर मिलेगा।

इसके अलावा हम अपने ऊर्जा स्रोतों का विविधिकरण भी कर सकेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे से पहले उन्होंने कहा कि हमारी संयुक्त अरब अमीरात के साथ साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। अब हम अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहे हैं और अलग-अलग देशों से खरीद बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत भी एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से इजाफा कर रहा है। हमारी ओर से पाइपलाइन नेटवर्क को बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा एलपीजी, कच्चा तेल, एलएनजी की स्टोरेज के लिए भी हम क्षमता तेजी से बढ़ा रहे हैं।

मित्तल ने कहा, 'संयुक्त अरब अमीरात हमारे लिए महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। पिछले साल भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने वाले देशों में यूएई चौथे स्थान पर था। भारत के कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी 11 फीसदी थी। इसके अलावा पिछले 6 से 7 सालों में वह एलएनजी का तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है।' दीपक मित्तल ने कहा कि यूएई ने जब ओपेक से बाहर निकलने का फैसला लिया है तो वह अपने लिए बाहर भी अवसरों की तलाश कर रहा होगा। उसने उत्पादन में इजाफा किया तो भारत एक खरीददार के तौर पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने हमेशा ही अच्छे नेटवर्क को प्राथमिकता दी है।

सऊदी अरब से किन मतभेदों के चलते OPEC से निकला UAE

उन्होंने कहा कि हम अपने रणनीतिक स्टोरेज में इजाफा कर रहे हैं। कच्चे तेल के अलावा हम गैस, एलपीजी और पीएनजी की स्टोरेज भी बढ़ाना चाहते हैं। बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात ने ओपेक से बाहर निकलने का फैसला लिया था। इस तरह उसने दशकों से सऊदी अरब के साथ चले आ रहे मतभेदों को खत्म कर दिया था। दरअसल सऊदी अरब की ओपेक में ज्यादा पकड़ मानी जाती है। अकसर वह तेल उत्पादन घटाने और बढ़ाने के एकतरफा फैसलों की बात करता था। यह स्थिति यूएई को असहज करने वाली थी।

admin

Related Posts

सुप्रीम कोर्ट में बदला कार्यप्रणाली का तरीका, स्टाफ को मिली वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब सुप्रीम कोर्ट में भी दिखाई देने लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए आदेश…

तपती गर्मी के बीच खुशखबरी! जल्द आएगा मॉनसून, बारिश से मिलेगी राहत

नई दिल्ली उत्तर भारत समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कई दिनों तक बारिश होने के बाद एक बार फिर से भीषण गर्मी का दौर वापस लौट आया है। इसकी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

‘खुद को साबित करने की जरूरत नहीं’— 2027 वर्ल्ड कप को लेकर विराट कोहली का बयान चर्चा में

  • By admin
  • May 16, 2026
  • 2 views
‘खुद को साबित करने की जरूरत नहीं’— 2027 वर्ल्ड कप को लेकर विराट कोहली का बयान चर्चा में

विश्व कप हीरो ईशान किशन को बिहार सरकार ने किया सम्मानित, खेल प्रतिभाओं को मिला बड़ा संदेश

  • By admin
  • May 15, 2026
  • 1 views
विश्व कप हीरो ईशान किशन को बिहार सरकार ने किया सम्मानित, खेल प्रतिभाओं को मिला बड़ा संदेश

IPL 2026,शुभमन गिल की GT फॉर्म में, KKR को जीत के लिए करना होगा बड़ा कमाल

  • By admin
  • May 15, 2026
  • 1 views
IPL 2026,शुभमन गिल की GT फॉर्म में, KKR को जीत के लिए करना होगा बड़ा कमाल

ग्रैंड चेस टूर में प्रगनानंद का फिरोजा से रोमांचक ड्रॉ

  • By admin
  • May 15, 2026
  • 2 views
ग्रैंड चेस टूर में प्रगनानंद का फिरोजा से रोमांचक ड्रॉ

बैडमिंटन: सिंधू-लक्ष्य सेन क्वार्टर फाइनल में, सात्विक-चिराग की भी जीत

  • By admin
  • May 15, 2026
  • 1 views
बैडमिंटन: सिंधू-लक्ष्य सेन क्वार्टर फाइनल में, सात्विक-चिराग की भी जीत

LSG vs CSK Head to Head: प्लेऑफ की उम्मीदों के बीच चेन्नई की बड़ी परीक्षा आज

  • By admin
  • May 15, 2026
  • 2 views
LSG vs CSK Head to Head: प्लेऑफ की उम्मीदों के बीच चेन्नई की बड़ी परीक्षा आज