30 साल सेवा के बाद भी शून्य पेंशन, 1998 के शिक्षकों का फूटा गुस्सा, अब ‘करो या मरो’ आंदोलन की चेतावनी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के उपप्रांत अध्यक्ष दिनेश सिंह एवं संभाग अध्यक्ष हजरत अली ने संयुक्त रूप से शासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जताते हुए कहा है कि वर्ष 1998 के शिक्षकों के साथ शुरू से ही “सौतेला व्यवहार” किया गया है।
संघ नेताओं ने बताया कि वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है, साल 2028 तक लगभग 90-92% शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे, लेकिन उन्हें एक रुपए की भी पेंशन नहीं मिल रही। वहीं 2035 तक सभी शिक्षक रिटायर हो जाएंगे, जिनमें से अधिकांश को बेहद कम या नगण्य पेंशन मिलेगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि 30 वर्षों तक सेवा देने के बाद 62 वर्ष की उम्र में एक शिक्षक बिना पेंशन के सम्मानजनक जीवन कैसे जी सकता है?

नियुक्ति से लेकर सिविलियन तक उठाए सवाल

संघ ने बताया कि उनकी नियुक्ति शिक्षा विभाग के रिक्त पदों पर हुई थी, वेतन भी शिक्षा विभाग द्वारा दिया जाता था, लेकिन पंचायत के माध्यम से भर्ती होने के कारण उन्हें पंचायत कर्मचारी माना गया।
2018 में “सिविलियन” किए जाने के बाद भी उनकी पूर्व सेवा को शून्य मान लिया गया, जिससे शिक्षकों को भारी नुकसान हुआ। संघ का कहना है कि जब कार्य और वेतन शिक्षा विभाग का था, तो उन्हें पंचायत कर्मचारी मानना अन्यायपूर्ण है।

पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग

संघ ने स्पष्ट किया कि वे सभी 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षक हैं, इसलिए उन्हें पेंशन सेवा अधिनियम 1976 के तहत पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए।
नेताओं ने यह भी बताया कि पूर्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थानीय निकाय कर्मचारियों को सिविलियन के बाद नियुक्ति तिथि से पेंशन दी गई थी, उसी आधार पर 1998 से सेवा गणना जोड़कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की जा रही है।

आश्वासन बहुत, समाधान शून्य

संघ का आरोप है कि उन्होंने कई बार विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं, ज्ञापन सौंपे और चर्चा की।
कई बार आश्वासन भी मिले, लेकिन न तो मामला मंत्रिमंडल में लाया गया, न ही संघ को चर्चा के लिए बुलाया गया, और न ही कोई ठोस निर्णय लिया गया।

अब आर-पार की लड़ाई की चेतावनी

संघ नेताओं ने कहा कि अब स्थिति “करो या मरो” जैसी हो गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो शिक्षक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
“हमने कभी हड़ताल या आंदोलन का रास्ता नहीं चुना, लेकिन अब शासन की उदासीनता हमें सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।”

सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार मांग रहे शिक्षक

संघ ने अंत में कहा कि वे छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं और उन्हें भी समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है।
उनका आरोप है कि शासन की नीतियों के कारण उनके अधिकारों का हनन हो रहा है और अब वे अपने हक के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

admin

Related Posts

विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास और सशक्तिकरण के लिए प्राथमिकता आधारित लाभ वितरण की अपील

रायपुर ’राज्यपाल  डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’ राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली।…

कवर्धा को स्वच्छ, सुंदर और धूल-रहित बनाने के लिए योजनाबद्ध विकास कार्य जारी

रायपुर फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार कवर्धा शहरवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर के हृदय स्थल में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL प्लेऑफ में रन बरसे: पाटीदार की शानदार बल्लेबाजी से गुजरात पर बढ़ा दबाव

  • By admin
  • May 26, 2026
  • 3 views
IPL प्लेऑफ में रन बरसे: पाटीदार की शानदार बल्लेबाजी से गुजरात पर बढ़ा दबाव

वनडे-T20 के लिए श्रीलंका को नया कप्तान, तीनों फॉर्मेट की टीम का हुआ ऐलान

  • By admin
  • May 26, 2026
  • 2 views
वनडे-T20 के लिए श्रीलंका को नया कप्तान, तीनों फॉर्मेट की टीम का हुआ ऐलान

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बड़ा ऐलान, T20 क्रिकेट में 200 रन ठोकने का जताया भरोसा

  • By admin
  • May 26, 2026
  • 3 views
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बड़ा ऐलान, T20 क्रिकेट में 200 रन ठोकने का जताया भरोसा

धर्मशाला में भिड़ेंगी दिग्गजों की फौज, कोहली की टीम के सामने रबाडा और राशिद का दमदार हमला

  • By admin
  • May 26, 2026
  • 2 views
धर्मशाला में भिड़ेंगी दिग्गजों की फौज, कोहली की टीम के सामने रबाडा और राशिद का दमदार हमला

फ्लॉप प्रदर्शन पड़ा भारी? IPL 2026 के बाद 5 टीमों में हो सकता है बड़ा कप्तानी बदलाव

  • By admin
  • May 26, 2026
  • 2 views
फ्लॉप प्रदर्शन पड़ा भारी? IPL 2026 के बाद 5 टीमों में हो सकता है बड़ा कप्तानी बदलाव

French Open 2026: जोकोविच बने सबसे बड़े रिकॉर्डधारी, रोजर फेडरर को छोड़ा पीछे

  • By admin
  • May 25, 2026
  • 2 views
French Open 2026: जोकोविच बने सबसे बड़े रिकॉर्डधारी, रोजर फेडरर को छोड़ा पीछे