विश्वास का तरीका बदलना होगा तभी भगवान को जान पाएंगे

मेरे आसपास के सभी लोग भगवान को मानते हैं, इसलिए मैं भी भगवान को मानता हूं। सब भगवान में अटूट विश्वास रखते हैं, इसलिए मैं भी रखता हूं। सब मंदिर जाते हैं, इसलिए मैं भी जाता हूं। जो सब कह रहे होते हैं या फिर जो सब कर रहे होते हैं, उसमें आपकी खोज तो कुछ भी नहीं, इसमें तो कोई गहरी बात नहीं। जिसने भगवान को अनुभव किया, उसने भगवान में श्रद्धा और विश्वास रखा! यदि उसने भी भेड़चाल की तरह दूसरों के कहने में आकर बिना भगवान को अनुभव किए उनके प्रति श्रद्धा अनुभव की या विश्वास किया तो यह ज्ञान सहित विज्ञान नहीं। फिर यह केवल मान्यता है, और मान्यता दौड़ाती बहुत है, पहुंचाती कहीं भी नहीं।

मानना और जानना, दोनों में बड़ा अंतर है। सब मानते हैं, इसलिए हम भी मानेंगे की प्रवृत्ति सही नहीं है। मानने से ऊपर उठकर हमें जानने में आना होगा। यदि हमने ईश्वर को दूसरों की देखा-देखी ही माना तो उनमें हमारा विश्वास आने-जाने वाला ही होगा। वह विश्वास हमेशा एक जैसा रहने वाला नहीं होगा। उस विश्वास में स्थायित्व की भावना का अभाव होगा। जब जीवन में सब ठीक चल रहा होता है तो मन में जो भी बनावटी विश्वास होते हैं, वे ठीक हैं और वे चल भी जाते हैं। लेकिन जब जीवन में परिस्थितियां उलटी-पुलटी हों, विपरीत हों, जो सोच कर चल रहे हों, वह हो ही न रहा हो तो उस समय यह जो ऊपर वाला विश्वास है, वह डगमगा जाएगा। इस ऊपर-ऊपर वाले विश्वास में कोई गहराई नहीं होती। इसकी सीधी वजह यह है कि यह विश्वास अनुभव के आधार पर नहीं होता, बल्कि सुनी-सुनाई बातों के कारण हो रहा होता है।

वैसे भी जो देखा न जा सके, उसमें विश्वास करना कठिन ही होता है। लेकिन उस परमात्मा को अनुभव करने की शक्ति भी हमारे ही अंदर निहित है। हम सब में परमात्मा का निवास है। तो सबसे पहले अपने विश्वास को नए तरीके से स्थापित करना होगा। उसको अपने अनुभव के आधार पर नया जन्म देना होगा और यह तब होगा जब यह भाव पक्का होगा कि कोई शक्ति तो है जो सारे विश्व को बड़ी बारीकी से और व्यवस्थित तरीके से चला रही है। कोई तो ताकत है जो हमारे शरीर को निरंतर गति दे रही है। कोई तो है, जिससे मेरे सहित पूरा ब्रह्मांड चल रहा है।

इस सार को अपने अंतरतम के भीतर उतर कर ही जाना जा सकता है। इसके लिए ध्यान है। ध्यान का अभ्यास अपने भीतर स्थित उसी ब्रह्म को जानने की प्रक्रिया है, जिससे हम चल रहे हैं, यह जगत चल रहा है। अपने अंदर उतरने के लिए हमें ध्यान करना होगा क्योंकि निरंतर ध्यान और प्रार्थना आपको उस शक्ति को अपने भीतर अनुभव करा देती है। तब किसी के कहने से विश्वास करने की जरूरत नहीं रह जाती है, बल्कि तब तो अपने अंदर खुद-ब-खुद विश्वास उत्पन्न हो जाता है!

जब विश्वास अंदर से अनुभव के आधार पर जन्म लेता है तो भारी से भारी दुख हो या कितनी भी उलटी-पुलटी परिस्थितियां हों, वह सबमें अडिग बना रहता है। इसलिए पहला कार्य और सारी कोशिश अपने भीतर उतरने की होनी चाहिए। फिर जैसा अंदर की आवाज कहे, वैसा करो। फिर जो भी घटेगा वह उचित होगा और वही हमारी जीवन यात्रा में सहायक होगा।

 

  • admin

    Related Posts

    अप्रैल 2026 विवाह मुहूर्त: खरमास के बाद शादी के दिन, देखें पूरी लिस्ट

    हिंदू पंचांग के मुताबिक अप्रैल 2026 का महीना शुभ कार्यों के लिहाज से खास रहने वाला है. महीने की शुरुआत में भले ही मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी, लेकिन जैसे…

    राशियों का हाल, कन्या और तुला को मिलेगी नई जिम्मेदारी, मीन राशि वाले सेहत के प्रति रहें सावधान

    मेष आज दिन थोड़ा भागदौड़ वाला रह सकता है, लेकिन काम धीरे-धीरे पूरे होते जाएंगे। मन में किसी बात को लेकर हल्की चिंता रह सकती है, पर बेवजह ज्यादा सोचने…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    विराट कोहली ने 28 रन में किया कमाल, भुवनेश्वर कुमार का ‘महारिकॉर्ड’ और इतिहास की नई शुरुआत

    • By admin
    • April 6, 2026
    • 0 views
    विराट कोहली ने 28 रन में किया कमाल, भुवनेश्वर कुमार का ‘महारिकॉर्ड’ और इतिहास की नई शुरुआत

    सांसे थाम लेने वाले मैच में ऋषभ पंत ने दिलाई जीत, गोयनका की भावुक प्रतिक्रिया

    • By admin
    • April 6, 2026
    • 2 views
    सांसे थाम लेने वाले मैच में ऋषभ पंत ने दिलाई जीत, गोयनका की भावुक प्रतिक्रिया

    RCB के सामने CSK की हार, डेविड के दम पर टीम ने तीसरी जीत दर्ज की

    • By admin
    • April 6, 2026
    • 1 views
    RCB के सामने CSK की हार, डेविड के दम पर टीम ने तीसरी जीत दर्ज की

    टेस्ट क्रिकेट में बादशाहत बचाने को एक्शन मोड में बोर्ड, गंभीर और अगरकर की देखरेख में तैयार होगा 64 खिलाड़ियों का पूल

    • By admin
    • April 5, 2026
    • 4 views
    टेस्ट क्रिकेट में बादशाहत बचाने को एक्शन मोड में बोर्ड, गंभीर और अगरकर की देखरेख में तैयार होगा 64 खिलाड़ियों का पूल

    थ्रिलर मैच में लखनऊ विजयी: अंतिम ओवर में पलटा खेल, ऋषभ पंत छाए

    • By admin
    • April 5, 2026
    • 2 views
    थ्रिलर मैच में लखनऊ विजयी: अंतिम ओवर में पलटा खेल, ऋषभ पंत छाए

    केकेआर बनाम पंजाब किंग्स प्रीव्यू, स्पिन तिकड़ी के फ्लॉप शो से परेशान कोलकाता को फॉर्म में चल रही पीबीकेएस से कड़ी चुनौती

    • By admin
    • April 5, 2026
    • 4 views
    केकेआर बनाम पंजाब किंग्स प्रीव्यू, स्पिन तिकड़ी के फ्लॉप शो से परेशान कोलकाता को फॉर्म में चल रही पीबीकेएस से कड़ी चुनौती