जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य अब लगभग अंतिम चरण की ओर, प्रकृति संरक्षण कार्यक्रम में समाज का योगदान

भोपाल
नगरीय क्षेत्रों में 30 मार्च से शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्य अब लगभग अंतिम चरण की ओर हैं। नगरीय निकायों में स्थित जल संरचनाओं की साफ-सफाई एवं पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन के लिये रैन वाटर हॉर्वेस्टिंग संरचना तैयार करने के कार्य को हाथ में लिया गया। इसी के साथ नगरीय इलाकों में हरित क्षेत्र विकास के लिये पौध-रोपण का कार्य विभागीय योजनाओं और जन-भागीदारी से किया गया। इन कार्यों की समीक्षा नगरीय निकायों में नियमित रूप से की गयी। नगरीय क्षेत्र के निवासियों में जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा उनके प्रति स्वामित्व की भावना का विकास करने के लिये नगरीय निकायों में जन-जागरूकता और प्रचार-प्रसार का कार्य प्रमुखता से किया गया। नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में चित्रकला, निबंध और रंगोली प्रतियोगिताएँ आयोजित की गयीं। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में प्रकृति से प्रेम की भावना मजबूत हुई।

प्रकृति संरक्षण कार्यक्रम में समाज का योगदान
पर्यावरण जिसमें प्रकृतिक संसाधन, जल और स्वच्छ वायु के लिये समाज की महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस पुनीत कार्य में विद्यार्थी और युवा शक्ति ने अपनी भागीदारी की। समाज के सभी वर्गों ने अपनी रूचि अनुसार प्रकृति के विभिन्न रूपों को चित्रकला, श्लोगन लेखन, वॉल पेंटिंग आदि के माध्यम से पर्यावरण से जुड़े संदेश जन-सामान्य तक पहुँचाये।

ऐतिहासिक मंदिरों के आस-पास की जल संरचनाओं के संरक्षण की अपील
नगरपालिक निगम सागर में जलगंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम में भूतेश्वर बावड़ी कुआँ की सफाई एवं जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने पिछले दिनों अपने प्रवास के दौरान किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐतिहासिक मंदिरों के आस-पास नदी, तालाब, बावड़ी, कुआँ या कम से कम एक छोटा जलकुंड तो निश्चित रूप से होता है। हम सबका कर्त्तव्य है कि इन्हें संरक्षित किया जाये। उन्होंने कहा कि ये जल-स्रोत मंदिर में जल आपूर्ति करने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय निवासियों की जल मांग को पूरा करते थे। इस जल संरचना में नगर निगम सागर द्वारा जन-भागीदारी से संरक्षण का कार्य निरंतर किया गया। जन-भागीदारी में महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शहर के अनेक स्वयंसेवी संगठन इस कार्य के लिये सामने आये और उन्होंने अपना योगदान दिया।

 जल संरचनाओं के समीप पौध-रोपण
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों और जल संरचनाओं के आसपास साफ-सफाई का कार्य नियमित रूप से किया गया। वर्षा के मौसम को देखते हुए पौध-रोपण में गड्ढ़े की गहराई, स्थल का चयन तथा आगामी 1-2 वर्ष तक उनकी देखरेख के कार्य की योजना बनाकर चर्चा कर जिम्मेदारी तय की गयी। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकता के अनुसार पौधों का चयन किया जा रहा है। पौधों की सुरक्षा के लिये आवश्यक सामग्री एकत्र करने का कार्य स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। कुछ नगरीय क्षेत्रों में जल-स्रोतों के आसपास बगीचे तैयार करने की योजना भी तैयार की गयी।

तालाबों से जल कुंभी निकासी
अनूपपुर जिले के नगर परिषद अमरकंटक स्थित पुष्कर तालाब की साफ-सफाई कर जलकुंभी निकासी का कार्य किया गया। इसके साथ ही तालाब के आस-पास पौध-रोपण किया गया। स्थानीय नागरिकों ने नगरीय क्षेत्र में जल बचत की शपथ और क्षेत्र में हरित संरक्षण की शपथ भी ली। इस अवसर पर नगरीय निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, उपयंत्री एवं फील्ड स्टॉफ उपस्थित रहे। अमरकंटक माँ नर्मदा का उद्गम स्थल है। नागरिकों ने इस क्षेत्र में जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न किस्मों के पौधों का रोपण करने का संकल्प लिया। नागरिकों ने जल-स्रोत की साफ-सफाई और पौधों की सुरक्षा की भी शपथ ली।

प्राचीन बावड़ी की सफाई
नगर निगम रीवा में स्थित ऐतिहासिक अजब कुँवरि बावड़ी का इतिहास करीब 350 वर्ष पुराना है। यह बावड़ी गुढ़ चौराहे के पास महाराजा भाव सिंह द्वारा महारानी अजब कुँवरि के लिए सन् 1664 से सन् 1670 के मध्य बनवाई गई थी। इसकी अद्वितीय और स्थापत्य कला इसे रीवा की सांस्कृतिक धरोहर बनाती है। समय के साथ यह बावड़ी संरचनात्मक रूप से मजबूत बनी रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बावड़ी के परिसर में सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। यह प्रयास रीवा की समृद्ध विरासत को जन-मानस से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही।

 

admin

Related Posts

देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में जल गंगा जल संवर्धन अभियान का किया उद्घाटन

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान का किया शुभारंभ मंदिर परिसर में प्याऊ का लोकार्पण, जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर दिया जोर…

पं. कुंजीलाल दुबे का विधानसभा अध्यक्ष के रूप में योगदान महत्वपूर्ण, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

पं. कुंजीलाल दुबे का विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने तीन बार विधानसभा अध्यक्ष रहे स्व. पं. दुबे की 130वीं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

सैमसन के बिना मुश्किल में राजस्थान! फाफ डुप्लेसी बोले- यह टीम के लिए बड़ा नुकसान

  • By admin
  • March 19, 2026
  • 0 views
सैमसन के बिना मुश्किल में राजस्थान! फाफ डुप्लेसी बोले- यह टीम के लिए बड़ा नुकसान

फिर गूंजी किलकारी: दिनेश कार्तिक-दीपिका पल्लीकल के घर बेटी का जन्म, जानिए क्या है नाम

  • By admin
  • March 19, 2026
  • 0 views
फिर गूंजी किलकारी: दिनेश कार्तिक-दीपिका पल्लीकल के घर बेटी का जन्म, जानिए क्या है नाम

पढ़ाई जरूरी है, क्योंकि पूरी जिंदगी नहीं खेल सकते: PV सिंधू ने दिया प्रेरणादायक संदेश

  • By admin
  • March 19, 2026
  • 1 views
पढ़ाई जरूरी है, क्योंकि पूरी जिंदगी नहीं खेल सकते: PV सिंधू ने दिया प्रेरणादायक संदेश

अफगान क्रिकेटर्स की दिल छूने वाली पहल, पाक एयरस्ट्राइक के घायलों से काबुल में की मुलाकात

  • By admin
  • March 19, 2026
  • 0 views
अफगान क्रिकेटर्स की दिल छूने वाली पहल, पाक एयरस्ट्राइक के घायलों से काबुल में की मुलाकात

आईलीग दो की शुरुआत 27 मार्च से

  • By admin
  • March 19, 2026
  • 1 views
आईलीग दो की शुरुआत 27 मार्च से

IPL 2026 का आगाज़: Virat Kohli की एंट्री, 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad से भिड़ेगी Royal Challengers Bengaluru

  • By admin
  • March 18, 2026
  • 2 views
IPL 2026 का आगाज़: Virat Kohli की एंट्री, 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad से भिड़ेगी Royal Challengers Bengaluru