यातायात पुलिस ने रविवार को छोड़कर शेष छह दिन भारी व मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए नो एंट्री रखने का लिया निर्णय

फरीदाबाद
यातायात पुलिस ने रविवार को छोड़कर शेष छह दिन भारी व मध्यम मालवाहक वाहनों के लिए नो एंट्री रखने का निर्णय लिया है। सुबह सात बजे से सुबह साढ़े दस बजे तक तथा शाम पांच बजे से रात दस बजे तक सार्वजनिक मार्गों पर प्रवेश व पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी।

इन रूटों पर प्रतिबंध
यह प्रतिबंध दिल्ली-मथुरा रोड के दोनों ओर तथा झाड़सेंतली ट्रांसपोर्ट नगर से बदरपुर बॉर्डर तक हाईवे की साइड लेन पर, ट्रांसपोर्ट नगर से सेक्टर-58, सेक्टर-24-25 व अन्य आंतरिक मार्गों पर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिंक रोड पर, कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे से बल्लभगढ़ की ओर आते-जाते समय चंदावली व मच्छगर के मुख्य मार्ग पर, सोहना पाली, धौज होते हुए फरीदाबाद आने वाले मार्ग पर, फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर लागू रहेगा। डीसीपी जसलीन कौर ने बताया कि यह आदेश आपातकालीन वाहनों जैसे पुलिस वाहन, फायर ब्रिगेड वाहन, एंबुलेंस, सेना व अर्धसैनिक बलों से संबंधित वाहनों पर लागू नहीं होगा। किसी अन्य आवश्यक आपूर्ति से संबंधित वाहन छूट पाने के लिए नियमानुसार आवेदन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राजधानी दिल्ली की सड़कों पर रात के समय भारी ट्रक और कमर्शियल वाहन मौत बनकर दौड़ते हैं। यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले इन चालकों की चपेट में आकर अक्सर लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। इस साल जनवरी और फरवरी में इन भारी वाहनों से 122 सड़क हादसे हो चुके हैं।

ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध
इन भारी वाहनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राजधानी की सड़कों पर प्रवेश निषेध प्रतिबंधों को और कड़ा कर रही है और अब ऐसे ओवरलोड वाहनों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा। इन वाहनों में भारी परिवहन और माल वाहन, टेंपो, क्रेन, ट्रैक्टर और डिलीवरी वैन भी शामिल हैं, जिनमें से करीब 48 फीसदी परिवहन और माल वाहन हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2024 तक मालवाहक वाहनों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2023 में इन वाहनों से जुड़ी ऐसी दुर्घटनाओं की संख्या कम से कम 267 थी, जो 2024 में बढ़कर 294 हो गई। इससे पहले, 2021 में यह कम से कम 240 और 2022 में कम से कम 258 थी।

2023 में 292 और 2024 में 317 मौतें
इन भारी वाहनों के कारण 2023 में 292 और 2024 में 317 मौतें हुई हैं। वाणिज्यिक वाहनों पर अंकुश लगाने में एक बड़ी चुनौती कानून प्रवर्तन है। मौजूदा नो-एंट्री नियमों के बावजूद, कई ट्रक अवैध रूप से प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं। 2024 में नो-एंट्री उल्लंघन के लिए 93,684 चालान जारी किए गए, जबकि एक साल पहले 66,459 चालान जारी किए गए थे।

  • admin

    Related Posts

    अब नहीं लगेगी लंबी लाइन: चिड़ियाघर में शुरू होगी कियोस्क टिकटिंग सुविधा

    नई दिल्ली चिड़ियाघर घूमने परिवार या दोस्तों के साथ पहुंचने वाले विजिटर्स के लिए अब टिकट खरीदना आसान होने जा रहा है। अगर किसी ने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक…

    राशन कार्ड नियमों में बदलाव, पात्रता बढ़ी; 7.72 लाख अपात्र नाम सूची से हटाए गए

     नई दिल्ली  दिल्ली में अब राशन कार्ड के लिए आय की सीमा सरकार ने बढ़ा दी है। इसकी घोषणा बृहस्पतिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेसवार्ता में की।…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    विराट कोहली की फॉर्म बनाम SRH की धाकड़ बैटिंग लाइनअप पर नजर

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 3 views
    विराट कोहली की फॉर्म बनाम SRH की धाकड़ बैटिंग लाइनअप पर नजर

    टीम इंडिया में ओपनिंग बदलाव की तैयारी, यशस्वी जायसवाल बन सकते हैं बैकअप ओपनर

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 3 views
    टीम इंडिया में ओपनिंग बदलाव की तैयारी, यशस्वी जायसवाल बन सकते हैं बैकअप ओपनर

    1983 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन बिल पर विवाद, पूर्व क्रिकेटरों ने बताई सच्चाई

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 2 views
    1983 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन बिल पर विवाद, पूर्व क्रिकेटरों ने बताई सच्चाई

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 की टेलीकास्ट पर संकट, DD Sports भी पीछे हटा

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 3 views
    फीफा वर्ल्ड कप 2026 की टेलीकास्ट पर संकट, DD Sports भी पीछे हटा

    लक्ष्य सेन और प्रणय हुए बाहर, मालविका बंसोड़ ने दर्ज की शानदार जीत

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 3 views
    लक्ष्य सेन और प्रणय हुए बाहर, मालविका बंसोड़ ने दर्ज की शानदार जीत

    Arsenal Wins 2026 EPL Title Following Manchester City’s Slip-up

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 2 views
    Arsenal Wins 2026 EPL Title Following Manchester City’s Slip-up