इंदौर में पहली बार एक ही दिन डबल ट्रांसप्लांट, बेटे ने दिया लिवर, तो भतीजी ने किडनी देकर बचाई जान
उज्जैन कहते हैं कि दुख में अगर कोई साथ देता है, तो वह परिवार ही है. जो कितनी भी विपरीत परिस्थिति में साथ खड़ी रहती है, कुछ ऐसा ही मामला…
उज्जैन कहते हैं कि दुख में अगर कोई साथ देता है, तो वह परिवार ही है. जो कितनी भी विपरीत परिस्थिति में साथ खड़ी रहती है, कुछ ऐसा ही मामला…






