साधु-संत बनाम सत्ता? अविमुक्तेश्वरानंद ने खोला मोर्चा, योगी से मांगा ‘हिंदू होने’ का प्रमाण

वाराणसी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझसे मेरे पद और परम्परा का प्रमाणपत्र मांगा। हमने सहज भाव से वह उनको सौंप दिया। क्योंकि सत्य को साक्ष्य से भय नहीं होता। किन्तु अब समय 'प्रमाण' लेने का नहीं, बल्कि उनको 'प्रमाण' देने का है। सम्पूर्ण सनातनी समाज की तरफ से मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'हिन्दू' होने का साक्ष्य मांगता हूं। हिन्दू होना केवल भाषणों या भगवे तक सीमित नहीं है, इसकी कसौटी 'गो-सेवा' और 'धर्म-रक्षा' है। गौमाता को राज्यमाता का दर्जा देकर वह अपने हिंदू होने का प्रमाण दें अन्यथा 40 दिन बाद हम धर्म सभा करके उन्हे नकली हिन्दू घोषित करेंगे।
 
40 दिन का अल्टीमेटम
यह बातें ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को काशी में शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि हम शासन को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए 40 दिनों का समय दे रहे हैं। यदि इन 40 दिनों के भीतर गोमाता को राज्यमाता का दर्जा नहीं मिला और निर्यात बन्नी शासनादेश जारी नहीं हुआ तो परिणाम गम्भीर होंगे।"

कहा कि यदि 40 दिन व्यर्थ गए, तो आगामी 10-11 मार्च को लखनऊ की पुण्य धरा पर सम्पूर्ण सन्त समाज का समागम होगा। उस दिन हम मुख्यमंत्री को नकली हिन्दू घोषित करने को बाध्य होंगे। जो सरकार गोवंश की रक्षा नहीं कर सकती, उसे हिन्दू कहलाने का नैतिक अधिकार नहीं है और उस योगी को तो बिलकुल नहीं जो गुरु गोरश्वनाथ की पवित्र गद्दी का खुद को महन्त कहते हों।

कहा कि लगता है स्वतंत्र भारत में गोमाता की रक्षा और गोहत्या बन्दी कानून की मांग करना ही सबसे बड़ा अपराध हो चुका है। तभी तो जब-जब जिस-जिस ने यह आवाज उठाई सरकारों ने उसे क्रूरता पूर्वक रौंद दिया। उदाहरण 1966 का दिल्ली का गोरक्षा आन्दोलन है जिसमें तत्कालीन सरकार ने जाने कितने गोभक्तों सन्तों को गोलियों से भून दिया और धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री महाराज सहित प्रमुख सनातनियों पर भी तरह-तरह के अत्याचार किये और अब उसी आवाज को बुलन्द करने के कारण हमें और हमारा इस कार्य में सहयोग कर रहे गोभक्तों पर भान्ति-भान्ति के अत्याचार और अन्याय हो रहे हैं।

यहां तक कि हमसे हमारे शङ्कराचार्य होने का प्रमाण तक मांगा जा रहा है और हमारी छवि को सनातनी जनता के बीच धूमिल करने के तरह-तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। इन सबका नेतृत्व योगी आदित्यनाथ अपने विश्वस्तों रामभद्राचार्य आदि के माध्यम से कर रहे हैं। सत्ता के समक्ष दो स्पष्ट और अपरिहार्य शर्तें रखी जा रही हैं। गोमाता को 'राज्यमाता' का आधिकारिक दर्जा दें। जिस प्रकार हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने देशी गायों को 'राज्यमाता' घोषित किया और जिस तरह नेपाल में गाय 'राष्ट्रीय पशु है, उसी तर्ज पर उत्तरप्रदेश में भी गोमाता को 'राज्यमाता' का सम्मान मिले।

निर्यात के नाम पर गोवंश की हत्या का खेल
मांस निर्यात का हब भारत के कुल मांस निर्यात में उत्तरप्रदेश की हिस्सेदारी 40% से अधिक है। क्या 'रामराज्य' का स्वप्न गायों के रक्त से अर्जित विदेशी मुद्रा पर आधारित होगा। निर्यात का सारा डेटा भैस के मांस' (Buffalo Meat नाम पर दर्ज होता है, किंतु यह एक खुला सत्य है कि बिना DNA परीक्षण के इस मास की आड़ में गोवंश को काटा और भेजा जा रहा है। राज्य में भैंसों की संख्या और मांस निर्यात की मात्रा में भारी अन्तर है। जब तक हर वधशाला और कण्टेनर का वैज्ञानिक परीक्षण अनिवार्य नहीं होता तब तक यह सरकार द्वारा दी गई 'मौन स्वीकृति है।

शंकराचार्य ने कहा कि जन-जन का आह्वान यह केवल एक पद की लड़ाई नहीं, बल्कि सनातन की आत्मा की रक्षा का प्रश्न है। उत्तराखण्ड ने 'राष्ट्रमाता' का प्रस्ताव दिया, महाराष्ट्र ने 'राज्यमाता' बनाया तो फिर भगवान राम और कृष्ण की धरती 'उत्तरप्रदेश' मांस निर्यात का केन्द्र क्यों बनी हुई है।

 

admin

Related Posts

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित 800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों पर समाचार-पत्र पठन अनिवार्य

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी नागरिक बनाने की दिशा…

महोबा में सड़कों का तेजी से हो रहा पुनर्निर्माण, अधिकांश कार्य पूर्ण

महोबा.  जल जीवन मिशन के अंतर्गत महोबा जनपद में पाइपलाइन कार्यों के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण का व्यापक अभियान चलाया गया है। अधिकांश सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

सेलेक्शन कमेटी सख्त: मनप्रीत और दो अन्य खिलाड़ी बाहर, नई रणनीति के संकेत

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
सेलेक्शन कमेटी सख्त: मनप्रीत और दो अन्य खिलाड़ी बाहर, नई रणनीति के संकेत

ऑस्ट्रेलियन ओपन में ओलिविया गैडेकी व जॉन पीयर्स बने मिश्रित डबल्स चैंपियन

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
ऑस्ट्रेलियन ओपन में ओलिविया गैडेकी व जॉन पीयर्स बने मिश्रित डबल्स चैंपियन

टी20 विश्व कप 2026 के लिए न्यूजीलैंड ने बेन सियर्स को रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
टी20 विश्व कप 2026 के लिए न्यूजीलैंड ने बेन सियर्स को रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया

आईओए अध्यक्ष पी.टी. उषा के पति वेंगलिल श्रीनिवासन का निधन

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
आईओए अध्यक्ष पी.टी. उषा के पति वेंगलिल श्रीनिवासन का निधन

युवा जोश का धमाका! अल्काराज पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में, खिताब से एक कदम दूर

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
युवा जोश का धमाका! अल्काराज पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में, खिताब से एक कदम दूर

वर्ल्ड कप अलर्ट: टीम इंडिया को हराना आसान नहीं—फिल सॉल्ट

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 2 views
वर्ल्ड कप अलर्ट: टीम इंडिया को हराना आसान नहीं—फिल सॉल्ट