ईरान में मोजतबा खामेनेई का खेल हुआ खत्म, IRGC ने किया कांड, क्या यह ट्रंप के सपने का सच होना है?

तेहरान 

ईरान में जिसका डर था, लगता है वह खेल हो गया. अमेरिका ने ईरान पर अटैक कर सियासी तौर पर दो फाड़ करवा दिया है. अमेरिका ईरान में रिजीम चेंज करना चाहता था. ईरानी सरकार और सेना में तकरार से ऐसा लग रहा कि डोनाल्ड ट्रंप का मकसद पूरा होने वाला है. जी हां, ईरान में खामेनेई की सत्ता पर अब किसी और का कंट्रोल हो गया है. खुद ईरान की सेना यानी आईरजीसी ने ही ईरान की सत्ता पर कंट्रोल कर लिया है. ईरान में अब मोजतबा खामेनेई की नहीं चल पा रही है. उन्हें साइडलाइन कर दिया गया है. पेजेशकियान भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं. आईआरजीसी ने खामेनेई को सरकार से अलग-थलग कर दिया है और सरकारी कामकाज पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. कई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. ईरान में यह सबकुछ तब हो रहा, जब अमेरिका बातचीत का दूसरा दौर शुरू करने को बेताब है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज यानी बुधवार को अमेरिका-ईरान की वार्ता होने वाली है। 

दरअसल, जब से अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर अटैक किया है, तब से तेहरान में सियासी अनिश्चितता छाई हुई है. ईरान पर अभी किसका कंट्रोल है, किसी को कुछ नहीं समझ आ रहा. आपसी सियासी तकरार अब उभरने लगी हैं. 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के हमलों में पुराने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बना दिया गया. लेकिन उनकी हालत और जगह के बारे में साफ जानकारी नहीं मिल रही है. वे पिछले कई हफ्तों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे गंभीर रूप से घायल या असमर्थ हो सकते हैं। 

ईरान की सत्ता पर किसका कंट्रोल?

टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कथित तौर पर देश के प्रमुख कामकाज पर नियंत्रण कर लिया है. ऐसा करके ईरानी सेना ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को किनारे कर दिया है. उन्हें पूरी तरह से राजनीतिक गतिरोध में धकेल दिया है, क्योंकि सेना देश के सत्ता के मुख्य केंद्रों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. इतना ही नहीं, मोजतबा खामेनेई के दखल को भी रोक दिया है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी (IRGC) ने राष्ट्रपति की नियुक्तियों और फैसले को रोक दिया है. साथ ही सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना दिया है, जिससे खामेनेई सरकार प्रभावी रूप से कार्यकारी नियंत्रण से बाहर हो गई है। 

IRGC ने खुफिया मंत्री की नियुक्ति रोक दी
फॉक्स न्यूज और ईरान इंटरनेशनल ने बताया कि ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान पिछले गुरुवार को एक नए खुफिया मंत्री को नियुक्त करना चाहते थे. मगर आईआरजीसी के मुख्य कमांडर अहमद वाहिदी ने इसमें हस्तक्षेप किया और उनके प्रयास को विफल कर दिया. हुसैन देहगान सहित सभी प्रस्तावित उम्मीदवारों को खारिज कर दिया गया। 

फॉक्स न्यूज के अनुसार, आईआरजीसी के मुख्य कमांडर अहमद वाहिदी ने जोर देकर कहा कि युद्ध जैसी स्थितियों को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील नेतृत्व पदों का चयन और उन पर निगरानी सीधे आईआरजीसी द्वारा की जानी चाहिए, जब तक कि कोई और आदेश न आ जाए. ईरान की राजनीतिक व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति आमतौर पर खुफिया मंत्रियों को तभी नामित करते हैं जब उन्हें सुप्रीम लीडर की मंजूरी मिल जाती है, क्योंकि इस पद के पास प्रमुख सुरक्षा विभागों पर अंतिम अधिकार होता है। 

ईरानी सुप्रीम लीडर कहां हैं? 

हाल के समय में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का कोई अता-पता नहीं है. न तो उनके लोकेशन की जानकारी है और न ही उनके स्वास्थ्य की. कई बार मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वह तेहरान में ही हैं और घायल हैं. मोजतबा खामेनेई के बारे में स्पष्ट जानकारी न होने के कारण ईरानी सेना प्रभावी रूप से राष्ट्रपति को उनके पसंदीदा उम्मीदवार को आगे बढ़ाने से रोक रहा है, जिससे ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर उसकी पकड़ और मजबूत हो गई है। 

गौरतलब है की अमेरिकी अटैक के बाद से मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से दुनिया के सामने नहीं आए हैं. वह जिंदा हैं या नहीं हैं, कहां हैं और कहां नहीं, इसे लेकर भी अनिश्चितता है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे शायद काम करने में असमर्थ हो गए हैं. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरानी सेना आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडरों के नेतृत्व वाली एक ‘सैन्य परिषद’ ने उन तक पहुंच को सीमित कर दिया है, जिससे वे प्रभावी रूप से सरकारी अधिकारियों से अलग-थलग पड़ गए हैं और सूचनाओं का आदान-प्रदान भी सीमित हो गया है। 

खामेनेई की मृत्यु के बाद सत्ता का खालीपन

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है. इससे ईरानी व्यवस्था के शीर्ष पर नेतृत्व का एक खालीपन पैदा हो गया है. हालांकि यह माना जा रहा है कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने एक प्रमुख भूमिका संभाल ली है, लेकिन उनकी ओर से सार्वजनिक रूप से बहुत कम उपस्थिति या कोई आधिकारिक संचार देखने को मिला है. विश्वसनीय सूत्रों ने ईरान इंटरनेशनल को बताया कि ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने हाल के दिनों में मोजतबा खामेनेई के साथ एक आपात बैठक करने की बार-बार कोशिश की है, लेकिन उनके सभी अनुरोधों का कोई जवाब नहीं मिला है और उनसे कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। 

मोजतबा खामेनेई के चारों ओर एक घेरा

फॉक्स न्यूज और ईरान इंटरनेशनल ने बताया कि आईआरजीसी के सीनियर अधिकारियों से बनी एक सैन्य परिषद अब मुख्य निर्णय लेने वाली संरचना पर पूर्ण नियंत्रण रखती है. यह परिषद मोजतबा खामेनेई के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बनाए हुए है और देश की स्थिति पर सरकारी रिपोर्टों को उन तक पहुंचने से रोक रही है. इसी बीच बताया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई के करीबी लोगों के घेरे में एक अभूतपूर्व आंतरिक संकट उभर रहा है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ करीबी सहयोगी अली असगर हेजाजी को हटाने के लिए जोर डाल रहे हैं. हेजाजी सुप्रीम लीडर के कार्यालय में एक शक्तिशाली सुरक्षा अधिकारी हैं। 

क्या है वजह

इस तनाव की जड़ हेजाजी का मोजतबा खामेनेई के संभावित उत्तराधिकार का स्पष्ट विरोध करना है. उन्होंने पहले ‘असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स’ के सदस्यों को चेतावनी दी थी कि मोजतबा में नेतृत्व के लिए आवश्यक योग्यताएं नहीं हैं. उन्होंने तर्क दिया था कि वंशानुगत उत्तराधिकार सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है. बताया जाता है कि हेजाज़ी ने आगाह किया था कि मोजतबा को ऊंचे पद पर बिठाने का मतलब होगा कि देश का पूर्ण नियंत्रण प्रभावी रूप से आईरजीसी के हाथों में चला जाएगा और नागरिक संस्थाएं हमेशा के लिए हाशिए पर चली जाएंगी

बाहरी दबाव के बीच ईरानी सेना ने नियंत्रण बढ़ाया
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च नेतृत्व के कथित तौर पर कमज़ोर पड़ने या पहुँच से बाहर होने के कारण आईआरजीसी ने अपनी भूमिका को केवल सैन्य अभियानों तक सीमित न रखते हुए शासन-प्रशासन पर भी नियंत्रण स्थापित करने के लिए विस्तार दिया है. इसमें राजनीतिक नियुक्तियां और खुफिया निर्णय भी शामिल हैं. ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब ईरान को बढ़ते बाहरी दबाव और आंतरिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। 

admin

Related Posts

बंगाल चुनाव से पहले EC का सख्त आदेश, EVM बटन पर गोंद या परफ्यूम लगाने पर होगी कड़ी सजा

कोलकाता भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों को कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक…

केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही गूंजे महादेव के जयकारे, श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा

रुद्रप्रयाग केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही पूरा धाम हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। इसी के साथ केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया। कपाटोद्घाटन के सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

कर्ज में फंसा वन8 कम्यून, विराट कोहली ने तोड़ा संबंध, कोर्ट के आदेश से ताला लगा

  • By admin
  • April 22, 2026
  • 2 views
कर्ज में फंसा वन8 कम्यून, विराट कोहली ने तोड़ा संबंध, कोर्ट के आदेश से ताला लगा

हैदराबाद की बड़ी जीत: अभिषेक का शतक, मलिंगा ने लिए 4 विकेट, दिल्ली को 47 रन से हराया

  • By admin
  • April 22, 2026
  • 2 views
हैदराबाद की बड़ी जीत: अभिषेक का शतक, मलिंगा ने लिए 4 विकेट, दिल्ली को 47 रन से हराया

‘विराट कोहली की वजह से क्रिकेट फॉलो करता हूं’: नोवाक जोकोविच ने किंग कोहली और भारत को लेकर क्या कहा?

  • By admin
  • April 21, 2026
  • 3 views
‘विराट कोहली की वजह से क्रिकेट फॉलो करता हूं’: नोवाक जोकोविच ने किंग कोहली और भारत को लेकर क्या कहा?

गुजरात को 99 रनों से हराकर मुंबई ने तोड़ी हार की लकीर, अश्वनी ने गेंद से काटा गदर

  • By admin
  • April 21, 2026
  • 3 views
गुजरात को 99 रनों से हराकर मुंबई ने तोड़ी हार की लकीर, अश्वनी ने गेंद से काटा गदर

टी20 टीम में BCCI का बड़ा बदलाव: श्रेयस अय्यर हो सकते हैं कप्तान, वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका

  • By admin
  • April 21, 2026
  • 3 views
टी20 टीम में BCCI का बड़ा बदलाव: श्रेयस अय्यर हो सकते हैं कप्तान, वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका

IPL 2026: वरुण ने वैभव का विकेट लिया, T20 में रचा ‘दोहरा शतक’, इतिहास बना

  • By admin
  • April 20, 2026
  • 6 views
IPL 2026: वरुण ने वैभव का विकेट लिया, T20 में रचा ‘दोहरा शतक’, इतिहास बना