कनाडा, ग्रीनलैंड और पनामा की बात छेड़ पुतिन की मदद कर रहे हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? क्यों है खतरे की घंटी

वाशिंगटन
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही पदभार संभालेंगे। इससे पहले वह अपने बयानों को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। बीते कुछ दिनों से उन्होंने एक ऐसी बहस छेड़ दी है जो रूस के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हाल ही में ट्रंप ने कई बार ग्रीनलैंड, कनाडा और पनामा नहर को अमेरिका में शामिल करने की बात की है। उनकी इस टिप्पणी को लेकर विवाद भी हुए हैं। हालांकि रूस को इन बयानों से फायदा पहुंच सकता है। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि ट्रंप के इन बयानों को रूस में व्लादिमीर पुतिन को एक तोहफे के रूप में देखा जा रहा है।

हाल ही में एक टेलीविजन शो के दौरान होस्ट व्लादिमीर सोलोविओव ने बताया कि ट्रंप की योजनाओं और रूस की महत्वाकांक्षाओं के बीच काफी समानांतर रेखाएं हैं। सोलोविओव ने कहा, "ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अपनी सीमाओं का विस्तार करेगा। अगर ट्रंप ग्रीनलैंड, पनामा और कनाडा ले सकते हैं तो रूस फिनलैंड, बाल्टिक और अलास्का को वापस क्यों नहीं ले सकता?" रूसी टीवी पर विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि क्षेत्रीय विस्तार के लिए ट्रंप को दृष्टिकोण पुतिन के से मेल खाता है।

रूस से जुड़े सूत्र ट्रंप के इन बयानों को रूस की बढ़ती क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं के समर्थन में देख रहे हैं। रूसी टीवी चैनलों पर ट्रंप की इन टिप्पणियों का जोरदार ढंग से स्वागत किया गया है। रूसी चैनल के मुताबिक ट्रंप का यह बयान पुतिन की मदद कर रहा है। इस तरह के बयान रूस के 2014 के क्रीमिया पर कब्जे को वैध बनाने में मदद कर रहे हैं। यहां तक ​​कि यह रूस के यूक्रेन पर नियंत्रण के विस्तार करने के विचार से भी मेल खाते हैं। ट्रंप ने पहले भी पुतिन के क्रीमिया पर आक्रमण और कब्जा करने के कदम की तारीफ की है। उन्होंने इसे प्रतिभाशाली और समझदारी वाला कदम कहा था।

रूस के द वीकली न्यूज के होस्ट दिमित्री किसेलेव ने बीते दिनों एक शो के दौरान कहा, "ट्रंप मजाक नहीं कर रहे हैं। वह अमेरिका की क्षेत्रीय महत्वकांक्षाओं का विस्तार करने के लिए दृढ़ हैं। यह दुनिया भर में जमीन पर कब्जा करने को सामान्य बनाने के संकेत देता है।" रूस के अंदरूनी सूत्रों ने यह तर्क भी दिया है कि 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर जंग छेड़ने पर ट्रंप ने कभी भी नैतिक विरोध नहीं जताया हैं। उन्होंने सिर्फ युद्ध की लागत और अवधि पर सवाल उठाए हैं।

  • admin

    Related Posts

    डॉलर के मुकाबले रुपये पर नई बहस, RBI को पनगढ़िया की बड़ी सलाह

    नई दिल्‍ली पिछले कुछ समय से रुपये में तेज गिरावट आई है, जिसे लेकर कुछ एक्‍सपर्ट्स का दावा है कि रुपया 100 लेवल के पार जा सकता है. यह भी…

    धरती पर बढ़ेगा आग जैसा तापमान, सुपर अल नीनो से भारत पर बड़ा संकट

    नई दिल्ली एक बात ये कि इस साल गर्मी ज्यादा पड़ेगी क्योंकि ‘एल नीन्यो’ असर डालेगा. ये शायद आपने सुना हो, लेकिन अब तो कह रहे हैं कि इस साल…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    CSK की टीम में अगले साल दिखेंगे नए चेहरे? इन 5 खिलाड़ियों पर लटक रही तलवार

    • By admin
    • May 23, 2026
    • 0 views
    CSK की टीम में अगले साल दिखेंगे नए चेहरे? इन 5 खिलाड़ियों पर लटक रही तलवार

    WFI को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार, कहा- खिलाड़ी का मां बनना अपराध नहीं

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 2 views
    WFI को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार, कहा- खिलाड़ी का मां बनना अपराध नहीं

    उनाई एमरी का कमाल, एस्टन विला को दिलाया 44 साल बाद बड़ा यूरोपीय खिताब

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 3 views
    उनाई एमरी का कमाल, एस्टन विला को दिलाया 44 साल बाद बड़ा यूरोपीय खिताब

    सानिया मिर्जा बोलीं- क्ले कोर्ट भारतीय खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण, फिर भी उम्मीद कायम

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 2 views
    सानिया मिर्जा बोलीं- क्ले कोर्ट भारतीय खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण, फिर भी उम्मीद कायम

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत हुई पारुल चौधरी, लंबी दूरी की दौड़ में भारत की नई उम्मीद

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 2 views
    अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत हुई पारुल चौधरी, लंबी दूरी की दौड़ में भारत की नई उम्मीद

    IPL 2026 Playoffs Race: हैदराबाद-बेंगलुरु मैच से तय होगा टेबल का बादशाह

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 2 views
    IPL 2026 Playoffs Race: हैदराबाद-बेंगलुरु मैच से तय होगा टेबल का बादशाह