अग्नि-प्राइम का ऐतिहासिक परीक्षण: ट्रेन से लॉन्च कर भारत ने रचा रक्षा इतिहास

नईदिल्ली 
भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह नई पीढ़ी की मिसाइल रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से छोड़ी गई. परीक्षण पूरी तरह सफल रहा.

यह पहली बार है जब खास डिजाइन वाली रेल लॉन्चर से मिसाइल दागी गई. इससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास 'कैनिस्टराइज्ड' लॉन्च सिस्टम है, जो रेल नेटवर्क पर चलते हुए मिसाइल छोड़ सकता है. 

    मिसाइल के सफल टेस्ट की डिटेल्स पर नजर डालें तो यह लॉन्च विशेष रूप से डिजाइन किए गए रेल-बेस्ड मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से किया गया. इस सिस्टम की खासियत है कि यह बिना किसी पूर्व शर्त के देश के रेल नेटवर्क पर कहीं भी मूवमेंट कर सकता है. इससे लॉन्च में कम समय लगता है और दुश्मन की नजर से बचाव आसान होता है. डीआरडीओ यानी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन, स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) और सशस्त्र बलों की टीम ने इस परीक्षण को अंजाम दिया है. हालांकि, परीक्षण का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन यह रेल नेटवर्क की मोबिलिटी पर फोकस करता है, जो युद्धकाल में मिसाइल की सरवाइवेबिलिटी बढ़ाता है.

क्या है अग्नि प्राइम मिसाइल की खासियत

अग्नि प्राइम मिसाइल की विशेषताएं इसे और भी खास बनाती हैं. यह इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. यह 2000 किलोमीटर तक के टारगेट को हिट कर सकती है. इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी शामिल हैं. मसलन बेहतर एक्यूरेसी, कैनिस्टराइज्ड कॉन्फिगरेशन और फास्ट ऑपरेशनल रेडीनेस. यह अग्नि सीरीज की नई पीढ़ी की मिसाइल है, जो पुरानी अग्नि-1 और अग्नि-2 को रिप्लेस करने के लिए डिजाइन की गई है. कैनिस्टराइज्ड सिस्टम से मिसाइल को लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और लॉन्च के लिए तैयार रखा जा सकता है, जो इसे रोड-मोबाइल, सबमरीन-लॉन्च और साइलो-बेस्ड सिस्टम्स के साथ कंप्लीमेंट करता है. इसकी हाई मोबिलिटी और लो विजिबिलिटी दुश्मन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगी.

अब सवाल है कि आखिर यह टेस्ट क्यों खास है?

सबसे बड़ा कमाल यह है कि भारत ने पहली बार रेल से मिसाइल लॉन्च की क्षमता हासिल की है. यह दुनियाभर में अपने आप में दुर्लभ कारनामा है. रेल नेटवर्क की विशालता का फायदा उठाते हुए यह सिस्टम मिसाइल को तेजी से डिप्लॉय करने की अनुमति देता है. इससे स्ट्रैटेजिक सरप्राइज एलिमेंट बढ़ता है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन से जुड़ा है, क्योंकि पूरा सिस्टम स्वदेशी रूप से विकसित है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के लिए सिग्नल है, जहां बॉर्डर टेंशन के बीच भारत अपनी मिसाइल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है. रेल-बेस्ड लॉन्च से न्यूक्लियर डिटरेंस गेम चेंजर साबित होगा, क्योंकि यह दुश्मन की सैटेलाइट मॉनिटरिंग से बचाव प्रदान करता है. यह टेस्ट इसलिए भी खास है क्योंकि ट्रेन से मिसाइल दागी जाएगी और फिर आगे बढ़ जाएगी. इससे दुश्मन ट्रैक नहीं कर पाएगा.

राजनाथ सिंह ने क्या कहा?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘भारत ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि प्राइम मिसाइल का सफल लॉन्च रेल-बेस्ड मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से किया है. यह नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल 2000 किमी तक की रेंज कवर करती है और विभिन्न एडवांस्ड फीचर्स से लैस है. उन्होंने डीआरडीओ, एसएफसी और सशस्त्र बलों को बधाई दी, साथ ही कहा कि यह भारत को रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल करता है. यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस तरह से देखा जाए तो यह परीक्षण भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी में मील का पत्थर है.

अग्नि-प्राइम क्या है? नई पीढ़ी की सुपर मिसाइल

अग्नि-प्राइम अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइल है. यह इंटरमीडिएट रेंज (मध्यम दूरी) वाली है, जो 2000 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है. इसमें कई एडवांस्ड फीचर्स हैं…

    सटीक निशाना: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से दुश्मन के ठिकाने को सटीक मार सकती है.
    तेज रिएक्शन: छोटे समय में लॉन्च हो सकती है, भले ही कम दिखाई दे.
    मजबूत डिजाइन
: कैनिस्टर (बंद बॉक्स) में रखी जाती है, जो इसे बारिश, धूल या गर्मी से बचाता है.

यह मिसाइल भारत की स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) के लिए बनी है. परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया.

रेल लॉन्चर की खासियत: कहीं भी, कभी भी हमला

इस परीक्षण की सबसे बड़ी बात रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर है. यह खास डिजाइन वाला सिस्टम है, जो…

    रेल नेटवर्क पर बिना किसी तैयारी के चल सकता है.
    क्रॉस कंट्री मोबिलिटी देता है, यानी जंगल, पहाड़ या मैदान में आसानी से ले जाया जा सकता है.
    कम समय में लॉन्च: रुकते ही मिसाइल दाग सकता है.
    कम विजिबिलिटी में काम: धुंध या रात में भी सुरक्षित.

पहले मिसाइलें फिक्स्ड साइट्स से दागी जाती थीं, लेकिन यह लॉन्चर दुश्मन को चकमा दे सकता है. रेल पर चलते हुए लॉन्च करने की क्षमता से भारत की मिसाइल ताकत कई गुना बढ़ गई.

परीक्षण की सफलता: भारत का गौरव

डीआरडीओ, एसएफसी और भारतीय सेनाओं ने मिलकर यह परीक्षण किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने कहा कि अग्नि-प्राइम के सफल टेस्ट से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास रेल नेटवर्क पर चलते हुए कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम है. यह परीक्षण भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' योजना का हिस्सा है. अग्नि सीरीज की यह छठी मिसाइल है, जो पहले से ही सेना में तैनात हैं.

क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षण?

    रणनीतिक ताकत: दुश्मन को कहीं भी, कभी भी जवाब देने की क्षमता.
    सुरक्षा बढ़ेगी: सीमाओं पर तेज रिएक्शन, घुसपैठ रोकेगी.
    वैश्विक स्तर: अमेरिका, रूस जैसे देशों के साथ भारत की बराबरी.
    भविष्य: अग्नि-प्राइम को जल्द सेना में शामिल किया जाएगा.

 

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