टूटी झोपड़ी से IAS तक का सफर, चाय बेचने वाले पिता के बेटे ने रचा इतिहास

जयपुर
कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, रास्ता निकल ही आता है। यह बात सच साबित करते हैं देशल दान चरण, जिन्होंने बेहद साधारण परिवार से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा पास की और आईएएस बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर
देशल दान चरण मूल रूप से राजस्थान के सुमलाई गांव से आते हैं। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। उनके पिता कुशल दान चरण एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे। इसी दुकान की कमाई से दस लोगों का परिवार चलता था। घर की हालत ऐसी थी कि रोजमर्रा के खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता था। कई बार बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए पिता को कर्ज लेना पड़ता था। लेकिन उन्होंने कभी भी बच्चों को पढ़ाई छोड़कर काम करने के लिए मजबूर नहीं किया। उनका मानना था कि शिक्षा ही वह रास्ता है जो गरीबी से बाहर निकाल सकता है।

पिता का विश्वास बना सबसे बड़ी ताकत
देशल के पिता हमेशा कहते थे कि हालात चाहे जैसे हों, पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। घर में पैसों की कमी थी, लेकिन सपनों की नहीं। यही सोच बच्चों के अंदर भी बैठ गई। कम संसाधनों में पढ़ाई करना आसान नहीं था। न अच्छे कोचिंग संस्थान, न सुविधाएं, न पढ़ाई का माहौल। लेकिन देशल ने ध्यान भटकने नहीं दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस रखा और हर परिस्थिति को चुनौती की तरह लिया।

परिवार पर टूटा बड़ा दुख, फिर भी नहीं डगमगाए
जब देशल दसवीं कक्षा में थे, तब उनके परिवार पर एक बड़ा दुख आ पड़ा। उनके बड़े भाई, जो नौसेना में थे, एक पनडुब्बी दुर्घटना में शहीद हो गए। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घर का माहौल बदल गया। दुख, जिम्मेदारियां और आर्थिक दबाव सब एक साथ आ गए। लेकिन इसी समय देशल ने ठान लिया कि अब उन्हें अपने परिवार को संभालने के लिए कुछ बड़ा करना है। उन्होंने इस दर्द को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बना लिया।

इंजीनियर बनने का सपना और पहली बड़ी सफलता
देशल का सपना इंजीनियर बनने का था। उन्होंने जेईई मेन परीक्षा की तैयारी शुरू की। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और पहले ही प्रयास में परीक्षा अच्छे अंकों से पास कर ली। इसके बाद उन्हें भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान जबलपुर में दाखिला मिला। यह उनके जीवन का पहला बड़ा मोड़ था। गांव से निकलकर एक प्रतिष्ठित संस्थान तक पहुंचना उनके संघर्ष का पहला फल था।

यहां से बदला सोचने का नजरिया
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान देशल ने महसूस किया कि वह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं। यहीं से उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार आया। उन्होंने तय किया कि अब लक्ष्य होगा देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में जाना। यह रास्ता आसान नहीं था, क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है।

यूपीएससी की तैयारी, अनुशासन और धैर्य की परीक्षा
यूपीएससी की तैयारी केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि धैर्य, मानसिक मजबूती और लगातार मेहनत की मांग करती है। देशल ने बिना किसी शोर-शराबे के, बिना दिखावे के, चुपचाप तैयारी शुरू की। उन्होंने अपनी दिनचर्या सख्त बनाई। समय का पूरा उपयोग किया। कमजोर विषयों पर ज्यादा मेहनत की और लगातार खुद को बेहतर बनाते रहे। उनकी रणनीति साफ थी, कम संसाधन हैं तो मेहनत दोगुनी करनी होगी।

संघर्ष से निकली सफलता की कहानी
देशल दान चरण ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी बड़े शहर, अमीर परिवार या महंगी कोचिंग की मोहताज नहीं होती। अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत ईमानदार हो, तो एक चाय बेचने वाले का बेटा भी आईएएस बन सकता है। उनकी कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है जो एक पिता ने अपने बच्चों की पढ़ाई पर रखा, और उस बेटे की जिसने उस विश्वास को सच कर दिखाया।

admin

Related Posts

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर नया SOP, अब लेपर्ड को पकड़ना पहली प्राथमिकता

जयपुर  राजस्थान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच राज्य वन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी लेपर्ड को 'आदमखोर' घोषित कर उसे…

हरियाणा में कपास संकट: कीट और लागत के डर से किसानों ने बदला फसल रुख

 ढिगावा मंडी  हरियाणा में कपास की खेती करने में किसान रूचि नहीं दिखा रहे हैं। मार्केट में अच्छा भाव मिलने के बावजूद भी किसानों का कपास से मोह भंग हो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

RCB की पारी ढही: 155 रन पर खत्म, अरशद-होल्डर चमके

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
RCB की पारी ढही: 155 रन पर खत्म, अरशद-होल्डर चमके

पंत की मुश्किलें बढ़ीं, संजू सैमसन बन सकते हैं भारत के नए विकेटकीपर

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
पंत की मुश्किलें बढ़ीं, संजू सैमसन बन सकते हैं भारत के नए विकेटकीपर

गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता टॉस

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता टॉस

IPL 43वां मैच: राजस्थान और दिल्ली के बीच कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
IPL 43वां मैच: राजस्थान और दिल्ली के बीच कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल

264 से लेकर 5 वर्ल्ड कप शतक तक: क्यों खास है रोहित शर्मा का ‘हिटमैन’ अवतार

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 1 views
264 से लेकर 5 वर्ल्ड कप शतक तक: क्यों खास है रोहित शर्मा का ‘हिटमैन’ अवतार

243 रन के बावजूद मुंबई की हार, हैदराबाद ने 6 विकेट से जीता मुकाबला

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
243 रन के बावजूद मुंबई की हार, हैदराबाद ने 6 विकेट से जीता मुकाबला