किसानों को एमएसपी से मिलेगा फायदा, पारदर्शी व्यवस्था को प्राथमिकता देंगे: सूर्य प्रताप शाही

एमएसपी से किसानों को मिलेगा लाभ, पारदर्शी व्यवस्था हमारी प्राथमिकता: सूर्य प्रताप शाही

कृषि मंत्री ने रबी सीजन की फसलों की खरीद के लिए बनाई गई व्यापक रणनीति के बारे में मंगलवार को दी जानकारी

एमएसपी पर दलहन-तिलहन खरीद 7 अप्रैल से होगी शुरू, 30 जून तक चलेगी चना, मसूर, सरसों की खरीद

पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी दरों में वृद्धि, कृषि विभाग की योजनाओं पर रिकॉर्ड खर्च और बीज वितरण में ऐतिहासिक उपलब्धि का किया उल्लेख*

लखनऊ

रबी सीजन 2026-27 में भी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को लोक भवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि चना, मसूर, सरसों की खरीद 7 अप्रैल से 30 जून तक की जाएगी। इस दौरान पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था, डीबीटी भुगतान और विस्तृत क्रय नेटवर्क के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, फसलों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। एमएसपी पर दलहन और तिलहन की खरीद की यह रणनीति किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और 75 जनपदों में उर्वरकों की सप्लाई सुचारु रूप से हो रही है।

एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था
कृषि मंत्री ने बताया कि मूल्य समर्थन योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है। चने का एमएसपी 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल और अरहर का 8000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके।

खरीद लक्ष्य और समयसीमा
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने फसलों की खरीद के स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं। उन्होंने कहा कि चने के लिए 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर के लिए 6.77 लाख मीट्रिक टन, सरसों के लिए 5.30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष एमएसपी दरों में वृद्धि कर किसानों को अतिरिक्त लाभ देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि चने पर 225 रुपये, मसूर पर 300 रुपये और सरसों पर 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा। सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है और एमएसपी में यह वृद्धि उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पारदर्शी खरीद और भुगतान प्रणाली
कृषि मंत्री ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर आधार-सक्षम पीओएस मशीनें स्थापित की गई हैं। इससे वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित होगी और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त होगी। किसानों को उपज का भुगतान सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजा जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।

क्रय केंद्रों और एजेंसियों की व्यवस्था
कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष खरीद व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में क्रय केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। भारत सरकार की एजेंसियां नैफेड और एनसीसीएफ को राज्य की 5 एजेंसियां यूपीपीसीयू, यूपीपीसीएफ, जैफेड और यूपीएसएस किसानों से उपज को क्रय करके सप्लाई करेंगी, जिसका लाभ किसानों को सीधे खाते में वितरित किया जाएगा। इन एजेंसियों के समन्वय से खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कृषि क्षेत्र में उपलब्धियों का किया उल्लेख
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा लगभग 5700 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विभिन्न योजनाओं पर व्यय की गई, जो रिकॉर्ड उपलब्धि है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधारात्मक प्रावधान लागू करने से राज्य को 303 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

बीज वितरण की दी जानकारी
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर बीज वितरण किया गया है। 11.25 लाख किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया गया, जबकि 12.73 लाख किसानों को मुफ्त बीज वितरित किए गए। जायद फसलों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 31,950 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया, जिसमें मूंगफली, उड़द और मूंग शामिल हैं।

उर्वरक उपलब्धता की दी जानकारी
राज्य में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में कुल 25.41 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो सभी 75 जनपदों में संतुलित रूप से वितरित किया गया है। उपलब्ध उर्वरकों में 11.26 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.08 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.64 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.45 लाख मीट्रिक टन एसएसपी तथा 98 हजार मीट्रिक टन पोटाश (एमओपी) शामिल है। यह मात्रा किसानों की वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और किसी भी जिले में कमी की स्थिति नहीं है। उर्वरकों का वितरण पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। पीओएस मशीनों के जरिए अब तक 63.34 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है और वास्तविक किसानों तक ही लाभ पहुंच रहा है।

अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने अग्रिम योजना के तहत उर्वरकों का भंडारण भी किया है, ताकि आने वाले खरीफ सीजन में भी किसी प्रकार की कमी न हो। साथ ही वैज्ञानिकों की सलाह के आधार पर प्रति हेक्टेयर उर्वरक उपयोग के मानक तय किए गए हैं, जिससे संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिल सके। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। सरकार लगातार इसकी निगरानी कर रही है, ताकि हर किसान को समय पर उर्वरक मिल सके।

सीड पार्क की स्थापना का भी किया उल्लेख
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए “भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क” की स्थापना की जा रही है। इसके विकास के लिए 50.84 करोड़ रुपये की धनराशि यूपीसीडा को दी जा चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

15 मई तक फॉर्मर रजिस्ट्री करा लें किसान 
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि लगभग दो करोड़ किसानों ने फॉर्मर रजिस्ट्री करा ली है, जबकि 50 लाख किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। उन्होंने प्रदेश के ऐसे किसानों से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार की लाभपरक योजनाओं का लाभ लेने के लिए 15 मई तक फॉर्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें।

admin

Related Posts

मुख्यमंत्री योगी ने बांटे चेक, अनुदेशकों ने कहा- पहली बार मिला इतना सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों चेक पाकर भावुक हुए अनुदेशक, कहा- सरकार ने दिया सम्मान लोकभवन में आयोजित समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 14 अनुदेशकों को दिया…

किसानों को हाईटेक बनाने की तैयारी, योगी सरकार बाजार आधारित खेती पर दे रही जोर

योगी सरकार स्मार्ट कृषि, आधुनिक तकनीक और बाजार उन्मुख नीतियों से प्रदेश को बनाएगी कृषि विकास का राष्ट्रीय मॉडल   – वर्ष 2047 तक वैश्विक कृषि केंद्र बनेगा उत्तर प्रदेश,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

केल्से मिशेल का शानदार करियर: कॉलेज रिकॉर्ड से लेकर करोड़ों की कमाई तक का सफर

  • By admin
  • May 18, 2026
  • 1 views
केल्से मिशेल का शानदार करियर: कॉलेज रिकॉर्ड से लेकर करोड़ों की कमाई तक का सफर

सदियों का इंतजार खत्म, भारतीय मूल के गोल्फर की ऐतिहासिक जीत से खेल जगत में जश्न

  • By admin
  • May 18, 2026
  • 3 views
सदियों का इंतजार खत्म, भारतीय मूल के गोल्फर की ऐतिहासिक जीत से खेल जगत में जश्न

CSK vs SRH Head to Head: चेन्नई का दबदबा या हैदराबाद की फिर होगी जीत?

  • By admin
  • May 18, 2026
  • 3 views
CSK vs SRH Head to Head: चेन्नई का दबदबा या हैदराबाद की फिर होगी जीत?

सांसें रोक देने वाले मुकाबले में दिल्ली विजयी, राजस्थान हारा; प्लेऑफ का समीकरण बदला

  • By admin
  • May 18, 2026
  • 3 views
सांसें रोक देने वाले मुकाबले में दिल्ली विजयी, राजस्थान हारा; प्लेऑफ का समीकरण बदला

IPL में RCB का जलवा बरकरार, प्लेऑफ में एंट्री; पंजाब किंग्स की हार का सिलसिला नहीं थमा

  • By admin
  • May 18, 2026
  • 3 views
IPL में RCB का जलवा बरकरार, प्लेऑफ में एंट्री; पंजाब किंग्स की हार का सिलसिला नहीं थमा

हवाई ईंधन खपत को लेकर IPL पर उठे पर्यावरण और खर्च के सवाल

  • By admin
  • May 17, 2026
  • 1 views
हवाई ईंधन खपत को लेकर IPL पर उठे पर्यावरण और खर्च के सवाल