BJP विधायक भावना बोहरा ने आदिवासियों के पैर धोए, 125 लोग हुए घर लौटकर हिंदू धर्म में शामिल

कबीरधाम

छत्तीसगढ़ में ईसाई धर्म को मानने वाले आदिवासियों की घर वापसी हुई है. कबीरधाम जिले के पंडरिया के नेउर गांव में 41 आदिवासी परिवारों के 125 सदस्यों ने हिंदू धर्म में वापसी की है, जिनका भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक भावना बोहरा ने स्वागत किया. उन्होंने 11 नवंबर को 'जनजाति संस्कृति और गौरव का जनजागरण' कार्यक्रम में 115 आदिवासियों के 'घर वापसी' पर उनके पैर धोए.

यह अभियान रुकेगा नहीं: भावना बोहरा

भावना बोहरा ने खुशी जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग घर लौट रहे हैं और कई लोग स्वेच्छा से अपने मूल स्थानों पर वापसी के लिए संपर्क कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह अभियान रुकेगा नहीं. 41 परिवारों के लगभग 125 सदस्य घर लौट आए हैं. यह अभियान जारी रहेगा. लगभग डेढ़ महीने पहले 75 से 80 लोग घर लौट आए थे. अब हम वन क्षेत्र में हैं और लोग स्वेच्छा से अपने मूल धर्म में लौटने के लिए हमसे संपर्क कर रहे हैं.'

आदिवासी समुदाय का विशाल और समृद्ध इतिहास

इसके अलावा भावना बोहरा ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को यह समझ आने लगा है कि अगर वे अपनी संस्कृति में नहीं लौटेंगे, तो वे आने वाली पीढ़ी को आदिवासी समुदाय के विशाल और समृद्ध इतिहास के बारे में नहीं बता पाएंगे. उन्होंने आगे कहा, 'वे लगातार यह समझ रहे हैं कि लालच और दबाव के कारण उन्हें अपने धर्म से दूर कर दिया गया था. अब, जब हमारे बच्चे बड़े होकर अपने भविष्य की ओर बढ़ेंगे तो वे अपने इतिहास के बारे में क्या बताएंगे? क्योंकि आज हम जिस आदिवासी समाज में हैं, जंगल और जमीन ही उनकी पहचान हैं. ये पांच मूल तत्व उनकी पहचान हैं. इन सबसे दूर रहना किसी के लिए भी संभव नहीं है. बहुत बड़ी संख्या में लोग अपने मूल धर्म में लौट आए हैं.'

प्रयासों से आदिवासी परिवारों को मिल रहा लाभ

इससे पहले, भावना बोहरा पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सनातन संस्कारों के प्रचार-प्रसार से लेकर आदिवासी और वनवासी संस्कृतियों के संरक्षण तक, लगातार सार्थक प्रयास करती रही हैं. इन जमीनी प्रयासों से वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी परिवारों को लाभ मिल रहा है. 125 सदस्यों की धर्म वापसी उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी चोट है जो भोले-भाले आदिवासियों को गलत तरीके से धर्म परिवर्तन के लिए बहकाते हैं. भावना बोहरा ने नेउर, अमनिया, कदवानी, दमगढ़ और बिरहुलडीह गांवों के 125 आदिवासी समुदाय के सदस्यों का स्वागत और अभिनंदन किया और उन्हें उनके मूल धर्म में वापसी कराई.

admin

Related Posts

NITI Aayog Report 2026: देश में छाया छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, दूसरे स्थान पर किया कब्जा

वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बीजापुरवासियों को बधाई, मुख्यमंत्री साय बोले – यह सुशासन का प्रमाण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 'सुशासन' और जन- कल्याणकारी नीतियों का असर…

Chhattisgarh Bal Vivah Mukt Abhiyan: महिला जागरूकता कार्यक्रम से बाल विवाह रोकने की पहल मजबूत

पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध कानून और हेल्पलाइन सेवाओं की दी गई जानकारी रायपुर प्रदेश में संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

उनाई एमरी का कमाल, एस्टन विला को दिलाया 44 साल बाद बड़ा यूरोपीय खिताब

  • By admin
  • May 22, 2026
  • 1 views
उनाई एमरी का कमाल, एस्टन विला को दिलाया 44 साल बाद बड़ा यूरोपीय खिताब

सानिया मिर्जा बोलीं- क्ले कोर्ट भारतीय खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण, फिर भी उम्मीद कायम

  • By admin
  • May 22, 2026
  • 0 views
सानिया मिर्जा बोलीं- क्ले कोर्ट भारतीय खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण, फिर भी उम्मीद कायम

अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत हुई पारुल चौधरी, लंबी दूरी की दौड़ में भारत की नई उम्मीद

  • By admin
  • May 22, 2026
  • 1 views
अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत हुई पारुल चौधरी, लंबी दूरी की दौड़ में भारत की नई उम्मीद

IPL 2026 Playoffs Race: हैदराबाद-बेंगलुरु मैच से तय होगा टेबल का बादशाह

  • By admin
  • May 22, 2026
  • 2 views
IPL 2026 Playoffs Race: हैदराबाद-बेंगलुरु मैच से तय होगा टेबल का बादशाह

ISL में ईस्ट बंगाल की बादशाहत, 22 साल बाद खिताब पर जमाया कब्जा

  • By admin
  • May 22, 2026
  • 3 views
ISL में ईस्ट बंगाल की बादशाहत, 22 साल बाद खिताब पर जमाया कब्जा

GT ने मचाया धमाल, चेन्नई सुपर किंग्स का प्लेऑफ सफर हुआ खत्म

  • By admin
  • May 22, 2026
  • 2 views
GT ने मचाया धमाल, चेन्नई सुपर किंग्स का प्लेऑफ सफर हुआ खत्म