धार्मिक विरासत की मिसाल: क्यों नेपाल से भी खास है मंदसौर की अष्टमुखी पशुपतिनाथ प्रतिमा

 मंदसौर

मंदसौर में शिवना तट पर विराजे अष्टमुखी श्री पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का सौंदर्य अपने-आप में अनूठा है। नेपाल के पशुपतिनाथ में चार मुख की मूर्ति है, जबकि मंदसौर में मूर्ति अष्टमुखी है और अभी तक ज्ञात इतिहास में यह विश्व की एकमात्र अष्टमुखी मूर्ति है। पशुपतिनाथ महादेव की मूर्ति लगभग 1500 वर्ष पुरानी है। और 85 बरस पहले शिवना नदी से ही निकली थी।

19 जून 1940 को शिवना नदी से बाहर आने के बाद 21 साल तक भगवान पशुपतिनाथ की मूर्ति नदी के तट पर ही रखी रही। मूर्ति को नदी से बाहर निकलने के बाद चैतन्य आश्रम के स्वामी प्रत्यक्षानंदजी महाराज ने 23 नवंबर 1961 को प्राण प्रतिष्ठा की। 27 नवंबर को मूर्ति का नामकरण श्री पशुपतिनाथ महादेव किया गया।

इसके बाद मंदिर निर्माण हुआ। सावन में यहां डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। मुख्य आकर्षण श्रावण में पूरे माह होने वाला मनोकामना अभिषेक है। और अब तो यहां पशुपतिनाथ लोक बनने से पूरा परिसर आकर्षक बन गया है। 101 फीट ऊंचे मंदिर शिखर पर 100 किलो वजनी कलश स्थापित है जिस पर 51 तोला सोने की परत चढ़ाई गई है।

शैव धर्म की 6 प्रमुख परंपराओं में से एक
मंदसौर का पशुपतिनाथ महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित हिंदू मंदिर है। यह पशुपतिनाथ परंपरा से संबंधित है जो शैव धर्म के भीतर 6 प्रमुख परंपराओं में से एक है। शिलालेखों के आधार पर मंदिर की मूर्ति 5वीं या 6ठी शताब्दी की है। प्राचीन समय में इस स्थल को दशपुर कहते थे।

यह मालवा के ऐतिहासिक क्षेत्र में राजस्थान की सीमा के पास इंदौर से लगभग 200 किमी, उदयगिरि गुफाओं से लगभग 340 किमी पश्चिम में और शामलाजी प्राचीन स्थलों से लगभग 220 किलोमीटर पूर्व में है। दोनों ही गुप्त साम्राज्य युग की पुरातात्विक खोजों के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

शिवना से प्रकटे अष्टमुखी महादेव
माना जाता है कि प्रतिमा का निर्माण विक्रम संवत 575 ई. में सम्राट यशोधर्मन की हूणों पर विजय के आसपास का है। संभवत: मूर्ति भंजकों से रक्षा के लिए इसे शिवना नदी में दबा दिया गया था। अनुमान के अनुसार अज्ञात कलाकार ने प्रतिमा के ऊपर के चार मुख पूरी तरह बना दिए थे, जबकि नीचे के चार मुख निर्माणाधीन थे।

श्री पशुपतिनाथ महादेव मूर्ति की तुलना नेपाल के काठमांडू स्थित श्री पशुपतिनाथ से की जाती है। मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति अष्टमुखी है। जबकि नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति चार मुखी है। मूर्ति में बाल्यावस्था, युवावस्था, अधेड़ावस्था व वृद्धावस्था के दर्शन होते हैं। इसमें चारों दिशाओं में एक के ऊपर एक दो शीर्ष हैं। प्रतिमा में गंगावतरण जैसी दिखाई देने वाली सफेद धारियां हैं।

प्रतिमा की विशेषता
मुख 8, ऊंचाई 7.3 फीट, गोलाई 11.3 फीट, वजन 6 क्विंटल अष्टमुख की विशेषता प्रतिमा के आठों मुखों का नामकरण भगवान शिव के अष्ट तत्व के अनुसार है। हर मुख के भाव व जीवन काल भी अलग-अलग हैं। 1 – शर्व, 2 – भव, 3 – रुद्र, 4 – उग्र, 5 – भीम, 6 – पशुपति, 7 – ईशान और 8 – महादेव।

कैसे पहुंचें मंदसौर
रेल सेवाएं – जयपुर-इंदौर रेलमार्ग पर मंदसौर प्रमुख स्टेशन है। और मुंबई, इंदौर, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, बड़ौदा, सूरत, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, उदयपुर, मथुरा, भोपाल, नागपुर, हिसार, जोधपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों से सीधी रेल सेवा उपलब्ध है।

बस सेवाएं – मंदसौर महू-नसीराबाद राजमार्ग पर स्थित है। मंदसौर से महज 30 किमी दूर से मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस वे भी निकल रहा है। सभी प्रमुख शहरों से सीधी बस सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

निकटतम हवाई अड्डा – इंदौर (220 किमी), उदयपुर (190 किमी)

मंदसौर में 25 करोड़ से 'पशुपतिनाथ लोक' तैयार
श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में पशुपतिनाथ लोक का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। मंदिर के सभा हाल से लेकर पुराने पार्किंग स्थल तक पूरे परिसर में 25 करोड़ रुपये में पर्यटन विकास निगम ने कायाकल्प कर दिया है। मंदिर परिसर में पुराने खंभों पर भी लाल पत्थर का कार्य हो चुका है। माली धर्मशाला व उसके आस-पास बने भवन भी तोड़कर यहां ओपन थियेटर बना दिया गया है। मंदिर के आसपास दीवारों पर लगे लाल पत्थरों पर शिव लीलाएं उकेरी गई हैं।

admin

Related Posts

सागर के डायल 112 हीरोज कार में फँसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल सागर जिले के थाना बंडा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और साहसिक कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में कार के अंदर फँसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर समय…

जिन किसानों के 23 मई तक स्लॉट बुक हैं, उन्हें मिली बड़ी राहत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, सरकार उनका गेहूं 28 मई तक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL में वैभव सूर्यवंशी का विस्फोटक अवतार, गेंदबाजों के लिए बन गए सबसे बड़ा खतरा

  • By admin
  • May 20, 2026
  • 3 views
IPL में वैभव सूर्यवंशी का विस्फोटक अवतार, गेंदबाजों के लिए बन गए सबसे बड़ा खतरा

WTC 2025-27 में बांग्लादेश का धमाका, पाकिस्तान का सूपड़ा साफ कर भारत को पहुंचाया छठे नंबर पर

  • By admin
  • May 20, 2026
  • 3 views
WTC 2025-27 में बांग्लादेश का धमाका, पाकिस्तान का सूपड़ा साफ कर भारत को पहुंचाया छठे नंबर पर

सूर्यवंशी की आंधी में बह गई लखनऊ टीम, राजस्थान ने दमदार जीत से प्लेऑफ की रेस में मारी एंट्री

  • By admin
  • May 20, 2026
  • 3 views
सूर्यवंशी की आंधी में बह गई लखनऊ टीम, राजस्थान ने दमदार जीत से प्लेऑफ की रेस में मारी एंट्री

IPL 2026: KKR और MI की टक्कर, प्लेऑफ से बाहर मुंबई जीत के इरादे से उतरेगी

  • By admin
  • May 19, 2026
  • 3 views
IPL 2026: KKR और MI की टक्कर, प्लेऑफ से बाहर मुंबई जीत के इरादे से उतरेगी

चयनकर्ताओं का बड़ा फैसला, टेस्ट-वनडे टीम में कई नए चेहरे; विराट और रोहित को भी मिली जगह

  • By admin
  • May 19, 2026
  • 4 views
चयनकर्ताओं का बड़ा फैसला, टेस्ट-वनडे टीम में कई नए चेहरे; विराट और रोहित को भी मिली जगह

चयन ट्रायल विवाद: विनेश फोगाट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का अहम आदेश, सरकार और WFI को नोटिस

  • By admin
  • May 19, 2026
  • 3 views
चयन ट्रायल विवाद: विनेश फोगाट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का अहम आदेश, सरकार और WFI को नोटिस