फाइटर विमान उड़ाने में मास्टर… शुभांशु शुक्ला जो स्पेस में रचने जा रहे इतिहास, मिशन कमांडर के रूप में काम करेंगे

 नई दिल्ली

Indian Air Force के अनुभवी टेस्ट पायलट और ISRO के गगनयान मिशन के चुने हुए एस्ट्रोनॉट्स ग्रुप कैप्टन शुंभाशु शुक्ला Axiom Mission-4 प्रमुख मिशन पायलट होंगे. यह मिशन SpaceX के फॉल्कन-9 रॉकेट और ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए पूरा होगा. इनकी लॉन्चिंग फ्लोरिडा से होगी.

शुभांशु शुक्ला को हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के गगनयान मिशन के लिए 'प्राइम' अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था. वह 1984 के बाद से अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे. उनकी यात्रा जून 2006 में लड़ाकू विंग में कमीशन के साथ शुरू हुई.

एक अनुभवी परीक्षण पायलट के रूप में उन्होंने विभिन्न विमानों में 2000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव प्राप्त किया है. ग्रुप कैप्टन शुक्ला के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में तीन लोग और जा रहे हैं. ये हैं- अमेरिका से कमांडर पेगी व्हिटसन, पोलैंड से ESA की तरफ से मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोश उजानस्की और हंगरी से मिशन स्पेशलिस्ट तिबोर कापू. शुक्ला इनके साथ प्राइम मिशन पायलट होंगे.

कई विमान उड़ाने का अनुभव

10 अक्टूबर 1085 में लखनऊ में जन्मे शुभांशु की मिलिट्री ट्रेनिंग एनडीए में हुई है. वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में उन्हें 17 जून 2006 में शामिल किया गया. वो एक फाइटर कॉम्बैट लीडर हैं. साथ ही टेस्ट पायलट भी. उनके पास 2000 घंटे के उड़ान का अनुभव है. उन्होंने सुखोई-30एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डॉर्नियर, एन-32 जैसे विमान और फाइटर जेट्स उड़ाए हैं.

शुभांशु शुक्ला कौन हैं?

10 अक्टूबर 1985 को शुभांशु का जन्म लखनऊ में हुआ. जून 2006 में लड़ाकू पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना (IAF) में कमीशन प्राप्त किया. इसके बाद मार्च 2024 में ग्रुप कैप्टन का बने. शुभांशु Su-30 MKI, MIG-21, MiG-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और An-32 सहित विभिन्न विमानों पर 2,000 से अधिक उड़ान की है.

2019 में रूस के यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण लिया. भारत के गगनयान मिशन के लिए इसरो द्वारा चुने गए. ये देश का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है. नासा-एक्सिओम स्पेस सहयोग के तहत आईएसएस की यात्रा करने वाले पहले इसरो अंतरिक्ष यात्री. घर वापस लोगों के लिए फ़ोटो और वीडियो के माध्यम से अपने अंतरिक्ष अनुभव को कैद करने की योजना बना रहे हैं.

जब शुक्ला को इसरो से फोन आया

एक्स-4 मिशन का नेतृत्व पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन करेंगी, जो Axiom Space की मानव अंतरिक्ष उड़ान की निदेशक हैं. 2019 में शुक्ला को इसरो से एक ऐतिहासिक फोन आया. उन्होंने मॉस्को, रूस में यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठोर प्रशिक्षण पर काम करना शुरू किया. 27 फरवरी 2024 को पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्ला को गगनयान के लिए अंतरिक्षयात्री घोषित किया.  अगस्त 2024 में, शुक्ला को आगामी इंडो-यूएस मिशन के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए 'प्राइम' अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था.

मिशन में भारत के अलावा पोलैंड-हंगरी के एस्ट्रोनॉट्स भी कमांडर पैगी व्हिटसन- पैगी ने Ax-2 मिशन की कमांडर के रूप में काम किया है। पैगी ने नासा के एक मिशन में 675 दिन काम किया हैं। वे अमेरिका की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्री हैं।

पायलट शुभांशु शुक्ला- शुभांशु भारतीय वायुसेना में पायलट हैं। उन्हें इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुना गया है। यह भारत का अंतरिक्ष में पहला मैन्ड मिशन है।

मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोज उज्नान्सकी-विज्निएव्स्की- पोलैंड के स्लावोज CERN के इंजीनियर रह चुके हैं। स्लावोज यूरोपियन स्पेस एजेंसी के एस्ट्रोनॉट रिजर्व क्लास ऑफ 2022 के सदस्य हैं।

मिशन स्पेशलिस्ट तिबोर कापू- कापू हंगरी के एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जो स्पेस रेडिएशन प्रोटेक्शन में महारत रखते हैं। 2023 में वे HUNOR (हंगेरियन-टु-ऑर्बिट) के लिए चुने गए थे।

शुभांशु बोले- अंतरिक्ष में योग करूंगा, तस्वीरें लाऊंगा नाम के ऐलान के साथ ही एग्जियम मिशन 4 पर नासा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें पायलट शुभांशु ने कहा कि जो मिशन आ रहा है उसमें मैं अपने साथ कुछ इंडियन फूड लेकर जाऊंगा, जो अपने साथियों को भी खिलाऊंगा। अंतरिक्ष में योग भी करूंगा। वहां की तस्वीरें लाऊंगा, ताकि भारतवासियों को गर्व का मौका मिले।

14 दिन ISS पर रिसर्च करेगा AXM-4 ISS का पहला प्राइवेट अंतरिक्ष यात्री मिशन, एग्जियम मिशन 1 अप्रैल 2022 में लॉन्च किया गया था, जो ऑर्बिटिंग लैब में 17 दिनों तक रहा। दूसरा एग्जियम मिशन 2, मई 2023 में भेजा गया था। इस मिशन ने ISS पर आठ दिन बिताए। एग्जियम मिशन 3, जनवरी 2024 में लॉन्च किया गया था। इसने स्टेशन पर 18 दिन बिताए। एग्जियम मिशन 4 के लिए 14 दिन का समय तय किया गया है।

अब जानिए पायलट शुभांशु के बारे में… शुभांशु का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। उनकी उम्र 38 साल है। वे एक फाइटर पायलट और कॉम्बेट लीडर हैं।

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