पंजाब चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, AAP संवैधानिक लड़ाई के मूड में

नई दिल्ली

राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह समेत सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी (AAP) को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले को लेकर AAP नेताओँ और जानकारों का कहना है कि अब पार्टी राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इन सांसदों के खिलाफ एक्शन की मांग कर सकती है। बता दें कि पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। इसका असर निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा।

राज्यसभा सांसद और AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि वह इन सांसदों के खिलाफ ऐक्शन के लिए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को पत्र लिखेंगे और सातों सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे। संजय सिंह ने कहा, जिस तरह से सात सांसद बीजेपी में गए हैं, यह असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ है। मैं राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखूंगा और मांग करूंगा कि इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जाए।

दल बदल कानून का सहारा लेना चाहती है AAP
उन्होंने कहा, 'दलबदल विरोधी कानून के अनुसार राज्यसभा और लोकसभा में किसी तरह का अलग गुट मान्य नहीं होता, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों।' उन्होंने यह भी कहा कि इन सात सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह "असंवैधानिक" और "गैरकानूनी" है।

संवैधानिक स्तर पर मामला उठाना चाहती है AAP
आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को संवैधानिक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए अपॉइनमेंट मांगा है। जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि इन सभी सांसदों से राज्यसभा की सदस्यता वापस ले ली जाए। इसके लिए वह ‘राइट टु रीकॉल’ का इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि संविधान में इस तरह का प्रावधान नहीं है। अगर जनता चाहे तो चुने गए प्रतिनिधि को कार्यकाल खत्म होने से पहले हटा सकती है। इसे 'राइट टु रिकॉल' कहते हैं।

शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें से छह पंजाब से हैं। ये सात सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के अनुसार, मान ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा, ताकि वे सांसदों की ''सदस्यता समाप्त करने'' के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रख सकें।

admin

Related Posts

फिल्मी सितारों की राजनीति से लेकर नए दलों तक: सफलता और असफलता की पूरी तस्वीर

नई दिल्ली तमिल फिल्मों के सुपरस्टार विजय ने अपनी सियासी पारी के आगाज से न सिर्फ सबको हैरान कर दिया, बल्कि उनकी पार्टी तमिलागा वेट्री कषगम (टीवीके) अपने गठन के…

बंगाल में कांग्रेस का ‘जीरो’ प्रदर्शन तय? राहुल गांधी की कैंपेन रणनीति पर सवाल

नई दिल्ली राहुल गांधी का पश्चिम बंगाल चुनाव में करीब करीब उसी अंदाज में नजर आए, जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव में देखे गए थे – और मुद्दे की बात यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

दिल्ली और चेन्नई आमने-सामने, IPL 2026 में रोमांचक मुकाबला

  • By admin
  • May 4, 2026
  • 3 views
दिल्ली और चेन्नई आमने-सामने, IPL 2026 में रोमांचक मुकाबला

अनुष्का ने किया कमाल, इंडिया-ए महिला T-20 टीम की कप्तान बनीं, इंग्लैंड-ए के खिलाफ मैदान पर उतरीं

  • By admin
  • May 4, 2026
  • 3 views
अनुष्का ने किया कमाल, इंडिया-ए महिला T-20 टीम की कप्तान बनीं, इंग्लैंड-ए के खिलाफ मैदान पर उतरीं

बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन का जवाब, कहा अगर दोष साबित हुआ तो स्वीकार करूंगा

  • By admin
  • May 4, 2026
  • 3 views
बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन का जवाब, कहा अगर दोष साबित हुआ तो स्वीकार करूंगा

क्ले कोर्ट पर छाईं मार्टा कोस्त्युक, मैड्रिड ओपन जीतकर रैंकिंग में बड़ी छलांग

  • By admin
  • May 4, 2026
  • 3 views
क्ले कोर्ट पर छाईं मार्टा कोस्त्युक, मैड्रिड ओपन जीतकर रैंकिंग में बड़ी छलांग

सूर्यांश की फिफ्टी बेकार, आखिरी ओवर में पंजाब से छिना जीत का मौका

  • By admin
  • May 4, 2026
  • 1 views
सूर्यांश की फिफ्टी बेकार, आखिरी ओवर में पंजाब से छिना जीत का मौका

हार्दिक vs पंत: वानखेड़े में सम्मान और उम्मीदों की लड़ाई

  • By admin
  • May 4, 2026
  • 3 views
हार्दिक vs पंत: वानखेड़े में सम्मान और उम्मीदों की लड़ाई