हर घर जल के लक्ष्य पर उइके का बयान, सामुदायिक जिम्मेदारी से मिलेगी सफलता

भोपाल

लोक स्वास्थय यांत्रिकी मंत्री  सम्पतिया उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है, अब आवश्यक इसकी वास्तविक सफलता योजनाओं के नियमित, सुरक्षित और दीर्घकालिक संचालन में निहित है। सामुदायिक जवाबदेही से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष-2019 में जब मिशन प्रारंभ हुआ था तब प्रदेश में लगभग 13 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक ही नल से जल की सुविधा थी, वर्तमान 74 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल पहुँच चुका है। शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति होगी। प्रदेश में 27 हजार 990 से अधिक योजनाएँ स्वीकृत हुईं और अधिकांश योजनाएँ पूर्णता की अवस्था में हैं।

मंत्री  उइके ने बुधवार को जल भवन के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय “जल-मंथन – पानी से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” कार्यशाला में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों के साथ उसके दीर्घकालिक संचालन एवं संधारण पर अपने विचार साझा किये। कार्यशाला में प्रशासनिक, तकनीकी तथा सामुदायिक स्तर के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। मंत्री  उइके ने कहा कि संचालन एवं संधारण केवल विभागीय दायित्व नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत, जल समिति और समुदाय की साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण व्यवस्थित नहीं होगा, विद्युत देयक समय पर जमा नहीं होंगे, मोटर-पंप और पाइपलाइन का रखरखाव नियमित नहीं होगा, तो निर्मित संरचना टिकाऊ नहीं रह पाएगी।

मंत्री  उइके ने कहा जल जीवन मिशन के संचालन संधारण का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखते हुए ग्रामीणों को सतत पेयजल उपलब्ध कराने के लिये जन-जन को इससे जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन-2.0 में मध्यप्रदेश को 19 हजार करोड़ केन्द्र सरकार से मिलेंगे, जिससे जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण किया जायेगा। हर घर नल से जल की आपूर्ति होने के कारण ग्रामीणों के समय की बचत हुई है, जिससे उनका समय अन्य सकारात्मक कार्यों में लगने से गाँव में प्रगति हुई है। साथ ही बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं। प्रदेश के जल महोत्सव की पूरे देश में प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने जल गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में फील्ड टेस्ट किट का उपयोग नियमित रूप से किया जाए। प्रयोगशाला परीक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ हो। मंत्री  उइके ने कहा कि सुरक्षित जल आपूर्ति ही मिशन की आत्मा है। स्रोत स्थिरता को अगले चरण की केंद्रीय प्राथमिकता बताते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाएँ आने वाले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर टिकाऊ रूप में संचालित करने का लक्ष्य है।

प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क, समूह एवं एकल ग्राम नलजल योजनाएँ और गुणवत्ता निगरानी तंत्र स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि संचालन एवं संधारण की संस्थागत मजबूती से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, जिला स्तरीय समीक्षा, तकनीकी निरीक्षण, वित्तीय अनुशासन और शिकायत निवारण तंत्र को व्यवस्थित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर पंप ऑपरेटरों का प्रशिक्षण और जल समितियों की क्षमता वृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है।  उइके ने कहा कि तकनीकी दक्षता, वित्तीय पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी से ही योजनाएँ दीर्घकाल तक सफल रह सकती हैं।

खरगोन कलेक्टर सु भव्या मित्तल ने जल जीवन मिशन के सुचारू संचालन एवं संधारण का व्यवहारिक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि निर्माण के बाद की चुनौतियाँ अधिक जटिल होती हैं। प्रमाणन प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, परंतु उसकी निरंतरता बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। समस्याओं को सामने लाना और ग्रामीणों से चर्चा और जागरूकता से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत स्पष्टता, नियमित राजस्व संग्रहण, पारदर्शी लेखा प्रणाली और सतत तकनीकी निगरानी से हर घर नल से जल आपूर्ति निर्बाध रूप से होती है।।

मंत्री  उइके ने राज्य स्तरीय “जल सेवा रत्न” सम्मान समारोह में एकल ग्राम एवं समूह ग्राम नलजल योजनाओं के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, पंप ऑपरेटरों और ग्राम प्रेरकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

कार्यशाला में “नलजल योजना में युवा नेतृत्व एवं नवाचार” विषय पर युवा हैकाथॉन आयोजित हुआ, जिसमें भोपाल के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की चयनित टीमों ने भाग लिया। पंचायत प्रतिनिधि संवाद में योजना प्रबंधन, जल शुल्क निर्धारण, स्रोत संरक्षण और ग्राम स्तरीय निगरानी व्यवस्था पर विचार रखे गए। महिला प्रतिनिधियों ने संचालन, राजस्व प्रबंधन और गुणवत्ता परीक्षण में अपनी भूमिका और अनुभव साझा किये। “जल-वाणी” विषयक पैनल चर्चा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय बोलियों में जल साक्षरता के प्रसार की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मध्यप्रदेश जल निगम के राज्य स्तरीय अधिकारी, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री, गुणवत्ता मॉनिटरिंग अधिकारी, जिला एवं खंड स्तरीय प्रतिनिधि, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्य, सरपंच, पंप ऑपरेटर, स्व-सहायता समूह, ग्रामीण प्रतिनिधि तथा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंत्री  उइके ने कार्यशाला में उपस्थित जन समूह को सुरक्षित, नियमित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई।

 

admin

Related Posts

आयुष मंत्री परमार ने बैतूल जिला आयुष विंग का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को बैतूल में जिला चिकित्सालय जिला आयुष विंग का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का…

मुख्य सचिव जैन से आईज़ीआई वेंचर्स के संस्थापक ने की भेंट

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन से बुधवार को मंत्रालय में आईज़ीआई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संस्थापक  इशान हैडन ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में ड्रोन इको-सिस्टम को…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL 2026 का आगाज़: Virat Kohli की एंट्री, 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad से भिड़ेगी Royal Challengers Bengaluru

  • By admin
  • March 18, 2026
  • 2 views
IPL 2026 का आगाज़: Virat Kohli की एंट्री, 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad से भिड़ेगी Royal Challengers Bengaluru

टीम इंडिया में बदलाव की आहट? रोहित-विराट की रिटायरमेंट पर अश्विन का खुलासा

  • By admin
  • March 18, 2026
  • 0 views
टीम इंडिया में बदलाव की आहट? रोहित-विराट की रिटायरमेंट पर अश्विन का खुलासा

हरिहरन-अर्जुन ने पार किया पहला पड़ाव, आकर्षी ने भी मुख्य ड्रॉ में जगह बनाकर बढ़ाया भारत का मान

  • By admin
  • March 18, 2026
  • 3 views
हरिहरन-अर्जुन ने पार किया पहला पड़ाव, आकर्षी ने भी मुख्य ड्रॉ में जगह बनाकर बढ़ाया भारत का मान

2 करोड़ के नुकसान पर उठे सवाल, क्या BCCI करेगा Jasprit Bumrah की भरपाई?

  • By admin
  • March 18, 2026
  • 3 views
2 करोड़ के नुकसान पर उठे सवाल, क्या BCCI करेगा Jasprit Bumrah की भरपाई?

ICC Rankings में बड़ा उलटफेर: Jasprit Bumrah टॉप-5 में, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों की चांदी

  • By admin
  • March 18, 2026
  • 3 views
ICC Rankings में बड़ा उलटफेर: Jasprit Bumrah टॉप-5 में, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों की चांदी

हंपी कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में खेलने को लेकर अब भी सुनिश्चित नहीं, चिंताओं को दोहराया

  • By admin
  • March 18, 2026
  • 1 views
हंपी कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में खेलने को लेकर अब भी सुनिश्चित नहीं, चिंताओं को दोहराया