सुनने की क्षमता पर बड़ा संकट, 2050 तक हर चौथा शख्स प्रभावित—WHO रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली

दुनिया भर में सुनने से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही है. वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की पहली वर्ल्ड रिपोर्ट ऑन हियरिंग के अनुसार साल 2050 तक दुनिया की करीब 2.5 अरब आबादी यानी हर चार में से एक व्यक्ति किसी न किसी स्तर की सुनने की समस्या से जूझ रहा होगा. इनमें से लगभग 70 करोड़ लोगों को कान और सुनने से जुड़ी विशेष हॉस्पिटैलिटी और पुनर्वास सेवाओं की जरूरत पड़ेगी. ‌ ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 2050 तक हर चार में से एक शख्स को कान की दिक्कतें क्यों होगी और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में और क्या-क्या आया सामने आया.

अभी क्या है स्थिति?

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति को सुनने में किसी न किसी तरह की दिक्कत है. समय पर इलाज और देखभाल न मिल पाना मामलों के बढ़ने के बड़ी वजह है. डब्ल्यूएचओ का कहना है की कम आय वाले देशों में ऐसे 80 प्रतिशत मामले सामने आते हैं, जहां एक्सपर्ट्स और संसाधनों की भारी कमी है. इसके अलावा संक्रमण, जन्मजात बीमारियां, ध्वनि प्रदूषण, तेज आवाज में लंबे समय तक रहना और अनहेल्दी लाइफस्टाइल सुनने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं. वहीं बच्चों में करीब 60 फीसदी मामलों को टीकाकरण, बेहतर मातृत्व, शिशु देखभाल और कान के संक्रमण के समय पर इलाज से रोका जा सकता है.

वहीं युवाओं में तेज आवाज में संगीत सुनना बड़ा खतरा बनता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 12 से 35 वर्ष के एक अरब से ज्यादा लोग स्मार्टफोन और हेडफोन के जरिए तेज आवाज में गाने सुनने के कारण खतरे में है.

हेल्थ व्यवस्था में बड़ी कमी भी वजह

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती है कि कई देशों में कान, नाक और गला एक्सपर्ट्स, ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट की भारी कमी है. वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में कान और सुनने से जुड़ी देखभाल को अभी भी पर्याप्त जगह नहीं मिल पाई. इसके चलते शुरुआती पहचान और समय पर इलाज नहीं हो पाता है. इसके अलावा एक्सपर्ट का कहना है कि सुनने की समस्या की शुरुआती जांच बहुत जरूरी है. वहीं नई तकनीकों की मदद से अब कम संसाधनों में भी जांच संभव है. कई कान की बीमारियों का इलाज दवा या सर्जरी से हो सकता है. जहां सुनने की क्षमता वापस नहीं लाई जा सकती, वहां हियरिंग एड, कॉक्लियर इम्प्लांट और स्पीच थेरेपी जैसे ऑप्शन मददगार साबित होते हैं.

डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि कान और सुनने से जुड़ी सेवाओं में निवेश करने पर सरकार को हर एक डॉलर के बदले करीब 16 डॉलर का सामाजिक और आर्थिक लाभ मिल सकता है. वहीं सुनने की समस्या का असर सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहता. यह पढ़ाई, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है. इसके अलावा डब्ल्यूएचओ के अनुसार इससे सामाजिक अलगाव और अवसाद का खतरा भी बढ़ सकता है.

admin

Related Posts

Apple का सबसे ताकतवर फोन! iPhone 18 Pro सीरीज के फीचर्स आए सामने

नई दिल्ली Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 लाइनअप को लॉन्च कर सकता है. कयास हैं कि कंपनी इस साल सिर्फ प्रो वेरिएंट को ही लॉन्च करेगी. लेटेस्ट लीक…

भारत के लिए गेम-चेंजर डील: Jio ने Google और Microsoft संग लॉन्च किया Trusted Tech Alliance, जानिए फायदे

नई दिल्ली अफ्रीका, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका की 15 बड़ी कंपनियों ने ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ (TTA) के गठन की घोषणा की है। यह एक जैसी सोच वाली इंटरनेशनल टेक…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

सीमा पार तनाव अलग, मैदान पर टक्कर जबरदस्त: भारत-पाक मुकाबला हाई-वोल्टेज

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 0 views
सीमा पार तनाव अलग, मैदान पर टक्कर जबरदस्त: भारत-पाक मुकाबला हाई-वोल्टेज

सपनों से हकीकत तक का सफर, चिन्नास्वामी स्टेडियम को कुंबले ने बताया अपना गुरुकुल

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 0 views
सपनों से हकीकत तक का सफर, चिन्नास्वामी स्टेडियम को कुंबले ने बताया अपना गुरुकुल

फिल्म से मिली प्रेरणा या भटका रास्ता? उस्मान तारिक ने नौकरी छोड़ी, अब भारत के लिए चुनौती

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 1 views
फिल्म से मिली प्रेरणा या भटका रास्ता? उस्मान तारिक ने नौकरी छोड़ी, अब भारत के लिए चुनौती

पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के 3 ट्रम्प कार्ड, कोलंबो में SKY की रणनीति पर नजर

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 1 views
पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के 3 ट्रम्प कार्ड, कोलंबो में SKY की रणनीति पर नजर

टीम कॉम्बिनेशन पर मंथन, भारत मुकाबले के लिए नई प्लेइंग XI ला सकता है पाकिस्तान

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 1 views
टीम कॉम्बिनेशन पर मंथन, भारत मुकाबले के लिए नई प्लेइंग XI ला सकता है पाकिस्तान

रोमांचक मुकाबले में स्नेहित ने ओइकावा को चौंकाया, प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर बढ़ाया भारत का मान

  • By admin
  • February 14, 2026
  • 3 views
रोमांचक मुकाबले में स्नेहित ने ओइकावा को चौंकाया, प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर बढ़ाया भारत का मान