भारत-पाक तनाव: मुरीदके अटैक पर पाक मौलाना का बयान, मुनीर को धोने का आरोप

इस्लामाबाद

पाकिस्तान की सत्ता और फौजी नेतृत्व के अंदर दोगलेपन पर अब खुद पाकिस्तान के धार्मिक नेतृत्व ने सवाल खड़े कर दिए हैं. कराची में आयोजित ‘पाकिस्तानी उम्मा की एकता’ सम्मेलन में मौलाना फजलुर रहमान ने जनरल आसिम मुनीर की रणनीतिक सोच को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया. मौलाना ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान आखिर अफगानिस्तान पर हमला क्यों कर रहा है. साथ ही तर्क दिया कि अगर पाकिस्तान काबुल पर बमबारी को ‘दुश्मनों के ठिकानों पर जायज स्ट्राइक’ बताता है, तो फिर अगर भारत मुरीदके या बहावलपुर में हमला करे तो वह आपत्ति किस आधार पर कर सकेगा?
पाकिस्तान के दोगलेपन पर हमला

मौलाना फजलुर रहमान ने तीखे शब्दों में कहा कि काबुल पर बमबारी किसी भी संप्रभु देश की राजधानी पर हमला है, और यह ठीक वैसा ही है, जैसे कोई इस्लामाबाद पर बम गिरा दे. उन्होंने पूछा, अगर पाकिस्तान यह दावा करता है कि उसने अफगानिस्तान में ‘अपने दुश्मन TTP के ठिकानों पर हमला किया, तो भारत जब बहावलपुर, मुरीदके या कश्मीर में आतंकी ढांचों पर कार्रवाई की बात करता है, तो उस पर ऐतराज क्यों?’ यहां मौलाना भारत की ओर से किए गए ऑपरेश सिंदूर का जिक्र कर रहे थे.

मौलाना ने साफ तौर पर पाकिस्तान के दोगलेपन पर हमला बोला है. पाकिस्तान एक तरफ अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को वैध ठहराता है, दूसरी तरफ भारत के हर जवाबी कदम को ‘आक्रामकता’ बताता है. मौलाना के शब्दों में दोनों मामलों में तर्क एक जैसा है, फिर रवैये अलग क्यों?
‘ताकत देखकर हमला करता है पाकिस्तान’

मौलाना ने पाकिस्तान का एक और दोगलापन दुनिया के सामने रखा. पाकिस्तान ने ईरान के भीतर स्ट्राइक को भी यह कहकर जायज ठहराया कि बलूचिस्तान में हिंसा के ठिकाने ईरान में हैं. लेकिन जब ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शोर मचाया. मौलाना का कहना है कि ईरान एक स्थापित और ताकतवर देश है, जिसे दुनिया उखाड़ नहीं सकती, लेकिन अफगानिस्तान को कमजोर समझकर अलग रवैया अपनाया जा रहा है.
प्रो-पाकिस्तान अफगानिस्तान की तलाश

मौलाना ने यह भी कहा कि पाकिस्तान 78 साल से एक ‘प्रो-पाकिस्तान अफगानिस्तान’ की तलाश हो रही है. जबकि हकीकत यह है कि अफगानिस्तान कभी भी स्थायी रूप से पाकिस्तान-समर्थक नहीं रहा. अमीरात-ए-इस्लामिया (वर्तमान तालिबान) को छोड़कर कोई भी व्यवस्था इस कसौटी पर खरी नहीं उतरी. ऐसे में नाराजगी के बाद राजधानी पर हमला करना हालात को और बिगाड़ता है, सुधारता नहीं.

admin

Related Posts

ड्रैगन बनाम इंडिया: रणनीतिक संतुलन पर अमेरिका करेगा सार्वजनिक विचार-विमर्श

वॉशिंगटन अमेरिका के फेडरल रजिस्टर नोटिस के अनुसार अमेरिकी कांग्रेस का एक एडवाइजरी पैनल अगले महीने सार्वजनिक सुनवाई करने वाला है। इसमें भारत के चीन और अमेरिका के साथ संबंधों…

मोदी-ट्रंप रिश्तों पर अजीब बयान: ‘वशीकरण से मुक्त कराया’ — परमहंस आचार्य चर्चा में

नई दिल्ली देश में यूजीसी रूल्स को लेकर बड़ा विवाद था और इस मामले पर गुरुवार को उस वक्त विराम लग गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे लगा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

वर्ल्ड कप अलर्ट: टीम इंडिया को हराना आसान नहीं—फिल सॉल्ट

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
वर्ल्ड कप अलर्ट: टीम इंडिया को हराना आसान नहीं—फिल सॉल्ट

मैच जीता या बयान हारा? आकाश चोपड़ा ने PAK पीएम और फैंस—दोनों को किया निशाने पर

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
मैच जीता या बयान हारा? आकाश चोपड़ा ने PAK पीएम और फैंस—दोनों को किया निशाने पर

मैदान से पहले मंदिर: पद्मनाभस्वामी के दर पर झुके भारतीय खिलाड़ी, सूर्यकुमार ने की पूजा

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
मैदान से पहले मंदिर: पद्मनाभस्वामी के दर पर झुके भारतीय खिलाड़ी, सूर्यकुमार ने की पूजा

कार्लोस अल्कारेज ने ज्वेरेव को ध्वस्त किया, ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रचा

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
कार्लोस अल्कारेज ने ज्वेरेव को ध्वस्त किया, ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रचा

4 ICC खिताबों का चैंपियन: मिचेल स्टार्क की रफ्तार, रिकॉर्ड्स और विश्व क्रिकेट में दबदबे की कहानी

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
4 ICC खिताबों का चैंपियन: मिचेल स्टार्क की रफ्तार, रिकॉर्ड्स और विश्व क्रिकेट में दबदबे की कहानी

विवाद के बीच श्रीलंका ने साफ की स्थिति, कहा– पड़ोसी देशों से रिश्ते मजबूत

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
विवाद के बीच श्रीलंका ने साफ की स्थिति, कहा– पड़ोसी देशों से रिश्ते मजबूत