ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई

  • 'अभी तो और तबाही मचेगी, ये सिर्फ शुरुआत…', नेतन्याहू की ईरान को वॉर्निंग
  •  ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार… जानें रातभर क्या-क्या हुआ 
  • ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई 

तेल अवीव

इजरायल और ईरान की जंग ने मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है. दोनों ओर से अंधाधुंध हमले जारी है. इस बीच ईरान के खिलाफ ऑपरेशन राइजिंग शुरू करने पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ खुलकर हल्ला बोला है.

नेतन्याहू ने ईरान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि ये तो अभी सिर्फ शुरुआत है. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा.  हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है. इस ऑपरेशन को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक इस खतरे को जड़ से खत्म नहीं कर दिया जाता.

उन्होंने कहा कि ईरान का बर्बर शासन दशकों से खुले तौर पर इजरायल की तबाही की धमकी देता रहा है. हाल के महीनों में, हमें खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के करीब है. हाल के सालों में ईरान ने नौ परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम हासिल कर लिया है. यह न केवल इजरायल के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा है. हम यह अनुमति नहीं दे सकते कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करे क्योंकि यह हमारे देश और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए खतरा है.

नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था बीते कुछ महीने में ईरान ने ऐसे कदम उठाए हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं उठाए थे. परमाणु हथियार तैयार करने के कदम. अगर इसे नहीं रोका गया तो ईरान बहुत कम समय में परमाणु हथियार तैयार कर लेगा. यह समय एक साल भी हो सकता है, कुछ महीने भी या उससे भी कम.यह इजरायल के अस्तित्व के समक्ष स्पष्ट और मौजूदा खतरा है. 80 साल पहले यहूदी लोग नाजी होलोकॉस्ट के शिकार हुए थे. आज हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यहूदी ईरान के परमाणु नरसंहार का शिकार नहीं हो. हम उन लोगों को कभी भी अपने विनाश के साधन विकसित करने की अनुमति नहीं देंगे.

उन्होंने कहा कि मैं अपने नागरिकों से अपील करता हूं कि वे शांत रहें और इजरायली रक्षा बल (IDF) के होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें. यह लड़ाई कुछ घंटों या दिनों की नहीं है, बल्कि यह तब तक चलेगी जब तक हमारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते. हमें जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और इसके लिए हमें तैयार रहना होगा लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है और हम अपने देश की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे.  

ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार

इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें छह वैज्ञानिक और कई मिलिट्री कमांडर मारे गए. ईरान ने भी पलटवार करते हुए इजरायल पर 150 से ज्यादा मिसाइलें दागीं. ईरान ने अपने जवाबी कार्रवाई को 'ट्रू प्रॉमिस थ्री' नाम दिया है. मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति पर चर्चा की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को परमाणु समझौता करने की चेतावनी दी. यह तनाव मध्य-पूर्व में अस्थिरता को बढ़ा रहा है.

ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष तेज हो गया है. इजरायल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत ईरान पर हमला किया, छह वैज्ञानिक और कई शीर्ष मिलिट्री कमांडर को मार गिराया. हमलों में अब तक 78 लोग मारे गए और 350 से ज्यादा घायल हुए. इजरायल ने हमले में ईरान के मुख्य परमाणु संयंत्र के ऊपरी हिस्से को नष्ट किया कर दिया. 

इजरायल के हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी, ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी अली शामखानी और आईआरजीसी की एयरफोर्स के कमांडर आमिर अली हाजीजादेह जैसे बड़े अधिकारी मारे गए.

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा. हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है.

ईरान ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए पलटवार किया और इस कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया. ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल पर 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं. इस हमले में कई नागरिक घायल हो गए हैं. 

इस गंभीर स्थिति के बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और वर्तमान हालात की जानकारी दी. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि वह अगर परमाणु समझौता करें नहीं तो और बड़ा हमला किया जाएगा.

…… हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई 

ईरान से बढ़ते तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ईरान-इजरायल में टकराव के बात हालिया स्थिति को लेकर बातचीत हुई. इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने एक पोस्ट में कहा, "मुझे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया.  उन्होंने मुझे मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी. मैंने भारत की चिंताओं को साझा किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया."

इजरायली हमले में ईरान के 78 लोगों की मौत

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह कॉल ईरान के साथ जारी ताजा संघर्ष के सिलसिले में किया. शुक्रवार को इजरायल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं, मिसाइल निर्माण स्थलों और सैन्य कमांडरों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए. इसमें 78 लोगों की मौत हुई है और तीनों से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं.

इजरायल ने इस अभियान को 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' नाम दिया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे देश के इतिहास का निर्णायक पल बताया और कहा कि इस हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के सेंटर ” को निशाना बनाया गया है.

भारत पहले ही जता चुका गहरी चिंता

भारत पहले ही इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता जाहिर कर चुका है. विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और दोनों देशों से किसी भी तरह की स्थिति को और भड़काने से बचने की अपील करता है.

नेतन्याहू ने इस तनाव के बीच दुनिया के कई नेताओं से बात की, जिनमें जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शामिल हैं.

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे घातक हथियार बनाता है और उनमें से कई इजरायल के पास हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अब भी दूसरा मौका मिल सकता है समझौता करने के लिए.

ईरान के मिसाइल आर्किटेक्ट हाजीजादेह की हत्या के क्या मायने? 

मिडिल ईस्ट में जिसका डर था, वही हो गया है. इजरायल और ईरान के बीच जंग तेज हो गई है. इजरायली सेना ने शुक्रवार तड़के 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' के जरिए ईरान पर कहर बरपाया. हमले में ईरान के बैलस्टिक मिसाइल प्रोग्राम चीफ आमिर अली हाजीजादेह समेत टॉप कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए. इस युद्ध के बीच हाजीजादेह की मौत ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

हजीजादेह वही है, जिसने साल 2024 में ईरान की ओर से इजरायल पर किए गए अब तक के सबसे बड़े बैलिस्टिक मिसाइल हमले की रणनीति तैयार की थी. यह हमला हिज्बुल्ला नेता हसन नसरल्लाह और अन्य सहयोगी कमांडरों की हत्या के जवाब में किया गया था. इस ऑपरेशन में ईरान ने दर्जनों मिसाइलें दागीं थी, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया था और बड़े युद्ध की आशंका पैदा हो गई थी. उस हमले के पीछे हाजीजादेह की की कुशल रणनीति को माना गया था, जिसने उसे तेहरान की सैन्य नीति का चेहरा बना दिया था.

अब इजरायल ने मचाई ईरान में तबाही

इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ परमाणु ठिकानों पर भी बमबारी की है. ईरान की सबसे अहम नातांज समेत तीन न्यूक्लियर साइट को तबाह कर दिया. इजरायल के 200 फाइटर जेट्स ने ईरान में घुसकर तबाही मचाई है अैर करीब 100 ठिकानों पर बमबारी की. अब ईरान ने बदले का ऐलान किया है और इजरायल पर 100 ड्रोन हमलों से पलटवार किया है और नुकसान पहुंचाया.

मारा गया हाजीजादेह

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयर फोर्स प्रमुख अमीर अली हाजीजादेह की मौत ने इस टकराव को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है. हाजीजादेह मिसाइल कार्यक्रम को लीड कर रहा था. उसके पास ईरान के हवाई क्षेत्र की रक्षा करने और विदेशों में हमले करने से जुड़ी रणनीति पर काम करने की जिम्मेदारी थी. 

इजरायली सेना ने कहा कि हाजीजादेह अन्य वरिष्ठ वायु सेना के अधिकारियों के साथ हमले में मारे गए. घटना के वक्त वो एक अंडरग्राउंड कमांड सेंटर में मौजूद था. कहा जा रहा है कि अमीर अली हाजीजादेह की हत्या के जरिए ईरान के डिफेंस स्ट्रक्चर की रीढ़ पर हमला हुआ है. दोनों देशों के बीच चल रहा पुराना संघर्ष भी सबसे खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुका है.

मिसाइल प्रोग्राम का मास्टरमाइंड

हाजीजादेह ने वर्षों तक ईरान की वायु रक्षा और आक्रामक मिसाइल रणनीति की योजना बनाई और उसे क्रियान्वित किया. इजरायली सेना का कहना है कि हमले के समय हाजीजादेह और ईरानी वायुसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी अंडरग्राउंड कमांड सेंटर में बैठकर हमले की योजना बना रहे थे. इस हमले में ईरान के कई अन्य महत्वपूर्ण सैन्य कमांडर भी मारे गए हैं. इनमें UAV (ड्रोन) फोर्स के कमांडर ताहेरपुर, एरियल कमांड के प्रमुख दावूद शेखियन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं.

ईरान को गहरा झटका

हाजीजादेह की मौत तेहरान के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है. जानकारों का कहना है कि इससे ईरान की सैन्य कमान की संरचना और उसकी मिसाइल क्षमताओं पर गहरा प्रभाव पड़ेगा.

हाजीजादेह ने ही अप्रैल 2024 में इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले को अंजाम दिया था. इस पूरे हमले की योजना उसी ने तैयार की थी. इतना ही नहीं, 2020 में जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद इराक में अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमला हुआ था और इसका मास्टरमाइंड हाजीजादेह ही था. 

ईरान की सरकारी मीडिया ने हाजीजादेह की मौत की पुष्टि कर दी है. यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान को गंभीर नुकसान पहुंचा है.

इजरायली हमले से सहमा ईरान

हाल ही में हुए इजरायली हमले से ईरान दहल गया है. इसे मिडिल ईस्ट के इतिहास में भयावह माना जा रहा है. इससे पहले 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध हुआ था. उसके बाद अब ईरान ने पहली बार एक ही दिन में इतना तीव्र और टारगेटेड अटैक झेला है.

इस बार की कार्रवाई ने ईरान-इजरायल दुश्मनी के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. दशकों तक ये संघर्ष पर्दे के पीछे चलता रहा. जासूसी, साइबर हमलों और गुप्त हमलों के जरिए टारगेट किया गया, लेकिन पिछले दो वर्षों में यह टकराव खुलकर सामने आने लगा.

ईरान को लगे बड़े झटके

2024 में जब हिज्बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्लाह और अन्य सहयोगियों की हत्या हुई तो ईरान ने इजरायल पर अपने इतिहास का सबसे बड़ा मिसाइल हमला किया. यह हमले पूर्ण युद्ध में तब्दील हो सकते थे, लेकिन दुनिया ने एक बड़े संकट को टालने में कामयाबी पाई. अब ईरान के प्रमुख परमाणु संयंत्र नतांज को टारगेट कर उड़ा दिया गया है.

इससे पहले 2020 में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख इंजीनियर मोहेसन फखरीजादेह की हत्या हो गई थी. उसे तेहरान के पास निशाना बनाया गया. उसी वर्ष बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी मारा गया था. ईरान लगातार इजरायल और कभी-कभी अमेरिका पर अपने परमाणु और सैन्य संपत्तियों को टारगेट बनाने का आरोप लगाता रहा है.

एक दिन में सबसे बड़ा अटैक…

इजरायली रक्षा बलों के अनुसार, हालिया हमले में 200 लड़ाकू विमानों को उतारा गया और ईरान पर 330 से ज्यादा बम गिराए गए. 100 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह सब एक ही दिन में हुआ. यह एक ऐसा हमला रहा, जिसने दशकों पुराने युद्ध को खुले संघर्ष में बदल दिया.

 

 

 

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