शौर्य स्मारक भोपाल में ‘शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण 2025’ का भव्य आयोजन वीरता, बलिदान और देशभक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बना भोपाल

भोपाल
राजधानी भोपाल स्थित शौर्य स्मारक परिसर में "शौर्य गाथा एवं शौर्य अलंकरण 2025" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को सम्मानित किया गया। यह आयोजन देश के प्रति समर्पण, वीरता और राष्ट्रीय चेतना का एक प्रेरणादायक संगम बन गया।

कैप्टन विक्रम बत्रा की गाथा, पिता की जुबानी
इस ऐतिहासिक अवसर पर परम वीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की शौर्यगाथा को उनके पूज्य पिता श्री जी.एल. बत्रा ने साझा किया। जब उन्होंने अपने वीर पुत्र के अद्वितीय साहस और बलिदान की दास्तान सुनाई, तो सभागार में उपस्थित जनमानस की आंखें नम हो गईं और तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही। यह अनुभव हर किसी के लिए गहरे प्रेरणास्पद रहा।

मेजर जनरल बक्षी ने युद्धगाथाओं से किया परिचित
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. जी.डी. बक्षी ने 1962, 1965, 1971 एवं कारगिल युद्ध की महागाथाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उनके ओजस्वी भाषण ने उपस्थित जनसमूह को देश के इतिहास और सैनिकों के बलिदान से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

फिल्म 'ग्राउंड ज़ीरो' के नायक का सम्मान
कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित डी.आई.जी. बीएसएफ/एनआईए श्री नरेंद्रनाथ धर दुबे, जिनकी वीरता पर आधारित फिल्म “ग्राउंड ज़ीरो” आगामी 25 अप्रैल को रिलीज़ होने जा रही है, ने भी अपने प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। जब उन्होंने अपने शौर्य से परिपूर्ण संस्मरण सुनाए, तो पूरा सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा।

वीरता को किया गया नमन
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए शौर्य और सेवा के नए प्रतिमान रचने वाले पुलिस, अर्धसैनिक बल, एसडीआरएफ, होमगार्ड्स तथा अन्य सुरक्षा बलों के वीर जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया। महापौर श्रीमती मालती राय भी इस विशेष अवसर पर उपस्थित रहीं।

आयोजन का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना तथा सुरक्षा बलों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को जनमानस तक पहुँचाना और देशभक्ति की भावना को सशक्त करना था। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में वीर नायकों को नमन किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

आयोजन समिति
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक श्री अभिषेक खरे और श्री अंशुमन खरे की प्रमुख भूमिका रही। उनके समन्वय और नेतृत्व में यह कार्यक्रम देर रात्रि तक चला और हर क्षण उपस्थित लोगों के हृदय को गर्व और प्रेरणा से भरता रहा।

  • admin

    Related Posts

    50 साल की तलाश खत्म, कटनी में मिली सोने की खदान, MP में मार्च से खनन की तैयारी

    कटनी  मध्यप्रदेश के कटनी जिले की धरती अब सोना-चांदी उगलेगी. दरअसल, कटनी जिले के इमलिया गांव की पहचान अब जल्द ही सुनहरी होने जा रही है, क्योंकि इस गांव में…

    MP में मार्च में सरकारी छुट्टियों का दौर, स्कूल-ऑफिस और बैंक बंद रहेंगे कुल 14 दिन

    भोपाल  एमपी में रहने वाले लोगों के लिए मार्च का महीना छुट्टियों से भरा होने वाला है। अगले महीने सरकारी कर्मचारियों को कई सारी छुट्टियां मिलने वाली हैं। बता दें…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    ऑस्ट्रेलिया सावधान! जिम्बाब्वे कर सकता है बड़ा उलटफेर

    • By admin
    • February 13, 2026
    • 0 views
    ऑस्ट्रेलिया सावधान! जिम्बाब्वे कर सकता है बड़ा उलटफेर

    200+ का चौथा कारनामा, विश्व कप में भारत ने फिर दिखाई बल्लेबाजी की ताकत

    • By admin
    • February 12, 2026
    • 1 views
    200+ का चौथा कारनामा, विश्व कप में भारत ने फिर दिखाई बल्लेबाजी की ताकत

    होटल बिल बना शर्मिंदगी की वजह! पाक खिलाड़ियों को विदेश में झेलनी पड़ी भारी बेइज्जती

    • By admin
    • February 12, 2026
    • 2 views
    होटल बिल बना शर्मिंदगी की वजह! पाक खिलाड़ियों को विदेश में झेलनी पड़ी भारी बेइज्जती

    घुड़सवारी महासंघ पर आयकर का शिकंजा, करोड़ों की देनदारी को लेकर भेजा नोटिस

    • By admin
    • February 12, 2026
    • 2 views
    घुड़सवारी महासंघ पर आयकर का शिकंजा, करोड़ों की देनदारी को लेकर भेजा नोटिस

    2027 वर्ल्ड कप मिशन पर हिटमैन फोकस्ड: भारत के लिए ट्रॉफी जीतना ही सपना

    • By admin
    • February 12, 2026
    • 2 views
    2027 वर्ल्ड कप मिशन पर हिटमैन फोकस्ड: भारत के लिए ट्रॉफी जीतना ही सपना

    शतरंज बदला, रणनीति बदली; गहरी समझ ही बनाती है चैंपियन: विश्वनाथन आनंद

    • By admin
    • February 12, 2026
    • 2 views
    शतरंज बदला, रणनीति बदली; गहरी समझ ही बनाती है चैंपियन: विश्वनाथन आनंद