प्रदेश में MSME से 10 लाख महिलाओं को मिला काम, लघु उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी में 6 साल में 6 गुना वृद्धि

भोपाल 

देश में महिला आरक्षण को लेकर चर्चा के बीच अब महिलाओं की आर्थिक ताकत के आंकड़े भी सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश में महिलाओं ने सिर्फ घर तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि कारोबार की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में हर चौथा लघु उद्योग अब महिलाओं के हाथ में है, जो बदलाव की साफ तस्वीर दिखाता है। यह आंकड़े लोकसभा में पेश किए गए हैं, जिन्हें सांसद विजय सिंह बघेल ने सामने रखा। इन आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि महिलाएं अब सिर्फ नौकरी करने तक सीमित नहीं हैं बल्कि खुद रोजगार देने वाली बन रही हैं।

एमपी में 8.87 लाख MSME
28 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में कुल 8,87,087 पंजीकृत MSME इकाइयां हैं। इनमें से 2,28,959 इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं। यानी प्रदेश की लगभग हर चौथी MSME इकाई महिला उद्यमियों के हाथ में है, जो आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत संकेत है।

6 साल में 6 गुना बढ़ा महिला रोजगार
महिला उद्यमियों की बढ़ती संख्या का असर रोजगार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वर्ष 2020-21 में जहां MSME क्षेत्र में 1,53,493 महिलाएं कार्यरत थीं, वहीं 2026 तक यह संख्या बढ़कर 10,07,995 हो गई है। यह छह गुना से अधिक की वृद्धि दर्शाती है कि महिलाएं न केवल खुद आगे बढ़ रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

6 साल में 10 लाख महिलाओं को मिला काम
महिला उद्यमियों की बढ़ती संख्या का असर रोजगार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2020-21 में MSME सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं की संख्या 1,53,493 थी। लेकिन 28 फरवरी 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 10,07,995 पहुंच गया। यानी सिर्फ 6 सालों में 6 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। यह दिखाता है कि महिलाएं न केवल खुद बिजनेस शुरू कर रही हैं बल्कि दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं।

उद्यम पोर्टल के बाद तेजी से बढ़ी संख्या
महिला उद्यमियों की संख्या में यह उछाल अचानक नहीं आया बल्कि इसके पीछे सरकारी पहल भी बड़ी वजह है। उद्यम पोर्टल लॉन्च होने के बाद महिलाओं ने बड़ी संख्या में अपने बिजनेस रजिस्टर कराए। 2020-21 में जहां महिला स्वामित्व वाले MSME की संख्या सिर्फ 14,239 थी, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 2,07,795 हो गई। 2023-24 में यह संख्या और बढ़कर 7,44,746 तक पहुंच गई। हालांकि ताजा आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में 2,28,959 यूनिट्स पंजीकृत हैं, जो अब भी एक मजबूत संख्या मानी जा रही है।

देश में भी महिलाओं का बढ़ता दबदबा
अगर पूरे देश की बात करें तो महिला उद्यमिता तेजी से बढ़ रही है। MSME रजिस्ट्रेशन के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है, जहां सबसे ज्यादा यूनिट्स पंजीकृत हैं। वहीं महिला नेतृत्व वाले MSME में आंध्र प्रदेश शीर्ष पर है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भी इस मामले में मजबूत स्थिति में हैं। देशभर में उद्यम पोर्टल पर अब तक 3.07 करोड़ से ज्यादा महिला उद्यमी MSME पंजीकृत हो चुके हैं, जो महिलाओं के बढ़ते योगदान को दिखाता है।

उद्यम पोर्टल से मिली गति
वर्ष 2020-21 में उद्यम पोर्टल शुरू होने के बाद महिला उद्यमियों की संख्या में तेजी आई। उस समय 14,239 महिला स्वामित्व वाले MSME थे। 2022-23 में यह बढ़कर 2,07,795 और 2023-24 में 7,44,746 तक पहुंच गई। 2025-26 में यह संख्या 2,28,959 पर दर्ज की गई है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ रहा महिलाओं का दबदबा
देशभर में भी महिला उद्यमिता तेजी से आगे बढ़ रही है। उद्यम पोर्टल पर अब तक 3.07 करोड़ महिला नेतृत्व वाले MSME पंजीकृत हो चुके हैं। महाराष्ट्र MSME पंजीकरण में अग्रणी है, जबकि महिला नेतृत्व वाले उद्यमों में आंध्र प्रदेश शीर्ष पर है। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भी इस सूची में मजबूत स्थिति में हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण की नई तस्वीर
एमपी के ये आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यवसाय और उद्योग में भी अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। यह बदलाव नारी शक्ति के सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदम को दर्शाता है।

एमपी में महिला उद्यमियों की संख्या ऐसे बढ़ी

    2020-21: उद्यम पोर्टल लॉन्च होने के बाद पहले वर्ष में राज्य में महिला स्वामित्व वाले एमएसएमई की संख्या 14,239 थी ।

    2022-23: यह संख्या बढ़कर 2,07,795 तक पहुंच गई ।

    2023-24: वर्ष 2023-24 में राज्य में महिला उद्यमियों की संख्या अपने उच्चतम स्तर 7,44,746 पर पहुंच गई ।

    2025-26: 28 फरवरी 2026 तक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में महिला नेतृत्व वाले 2,28,959 एमएसएमई पंजीकृत हैं।

देश में सबसे ज्यादा एमएसएमई महाराष्ट्र में एमएसएमई और महिला नेतृत्व में अग्रणी राज्ययदि राष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें, तो एमएसएमई पंजीकरण के मामले में महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जहां कुल पंजीकृत इकाइयों की संख्या सबसे अधिक है ।

वहीं, महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई (Woman-owned MSMEs) के मामले में आंध्र प्रदेश ने बाजी मारी है, जो देश में सर्वाधिक महिला उद्यमियों वाला राज्य बना हुआ है। इन अग्रणी राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भी अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। पूरे देश की बात करें तो उद्यम पोर्टल पर अब तक 3.07 करोड़ महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई पंजीकृत हो चुके हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं के बढ़ते योगदान को प्रमाणित करते हैं।

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