बांसवाड़ा.
अधिकारियों के आपसी सामंजस्य के अभाव के चलते जिले के सैकड़ों शिक्षकों की सांसें अटकी हुई हैं। शिक्षक भर्ती 2022 के तहत बांसवाड़ा में लगे तृतीय श्रेणी के लेवल-2 के 220 शिक्षकों के स्थाईकरण की फाइल चार माह से प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के दफ्तर में धूल फांक रही है।
वहीं पड़ोसी जिले में यह काम परीविक्षा काल पूरा होते ही पूरा कर लिया गया है और शिक्षकों को समस्त परिलाभ मिलने भी शुरू हो गए हैं। जबकि बांसवाड़ा के शिक्षक वेतन वृद्धि, एरियर और अन्य सेवा लाभों से वंचित हो रहे हैं। शिक्षकों को डर सता रहा है कि यदि पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता लग जाती है तो स्थाईकरण की फाइल कम से कम छह माह और अटक सकती है।
यह है मामला
शिक्षक भर्ती 2022 के तहत चयनित शिक्षक प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। उनका परीविक्षा काल अक्टूबर 2025 में पूर्ण होने के बाद प्रावधानों के अनुसार स्थाईकरण होना है, लेकिन चार माह बाद भी फाइल लंबित है।
ये हो रहा है नुकसान
स्थायीकरण में हो रही देरी का सीधा असर शिक्षकों की वेतन वृद्धि, एरियर और अन्य सेवा लाभों पर पड़ रहा है। समय पर स्वीकृति नहीं मिलने से शिक्षक आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। वहीं कई बार प्रकरण लंबित रहने पर बाद में विभाग को एरियर सहित एक साथ बड़ी राशि देनी पड़ती है। इससे विभाग का बजट भी प्रभावित होता है।
2 बार लेकर गई फाइल : डीईओ
स्थायीकरण का काम हमारी तरफ से नवंबर में ही पूरा हो गया है। पहली बार 30 नवंबर और दूसरी बार 10 फरवरी को फाइल भेजी गई। पर दोनों बार कलक्ट्रेट में कहा गया कि डीईसी की बैठक होगी, तब बताएंगे। डीईओ कार्यालय ने पूरा काम कर दिया है।
– शम्मे फरोजा बतुल अंजूम, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, बांसवाड़ा
फाइल देंगे, तो बुला लेंगे मीटिंग : सीईओ
हमारे पास स्थायीकरण की कोई फाइल नहीं आई है। फाइल आएगी तो तुरंत जिला स्थापना समिति की बैठक बुला लेंगे। फाइल मेरी टेबल पर देंगे, तो कार्रवाई करेंगे।
– गोपाललाल स्वर्णकार, सीईओ, जिला परिषद, बांसवाड़ा









