‘हम बर्बाद हो जाएंगे’, ट्रंप के घिघियाने के पीछे क्या है डर, किस फैसले से है चिंतित?

वाशिंगटन 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अचानक एक डर सताने लगा है. वह डर है टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई. डोनाल्ड ट्रंप को डर सता रहा है कि कहीं सुप्रीम कोर्ट उनके टैरिफ के खिलाफ न फैसला सुना दे. यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप घिघियाने लगे हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही बर्बादी की दुहाई देने लगे हैं. दरअसल,  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनके प्रशासन की टैरिफ नीति के खिलाफ फैसला देता है तो अमेरिका को ट्रिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है. ट्रंप ने कहा कि इससे देश पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा.

दरअसल, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप फैसले से पहले ही अमेरिकियों को डरा रहे हैं. वह बार-बार कह रहे हैं कि इससे देश बर्बाद हो जाएगा. वह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बर्बाद होने की चेतावनी दे रहे हैं. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आज या कल ट्रंप के टैरिफ पर सुनवाई फैसला होने को है. यह केवल डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं, दुनिया में आने वाली टैरिफ वाली तबाही का फैसला भी होने वाला है. अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में  डोनाल्ड ट्रंप जीतते हैं तो आने वाले समय में दुनिया के कई देश मुश्किल आर्थिक वक्त का सामना करेंगे. वहीं, अगर ट्रंप केस हार गए तो ये उनकी सरकार के लिए सबसे बड़ा झटका होगा और उन्हें आर्थिक नीतियां शुरू से आखिर तक बदलनी पड़ेंगी.

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि अगर सुप्रीम कोर्ट सरकार के खिलाफ फैसला देता है तो अमेरिका को पहले से वसूली गई सैकड़ों अरब डॉलर की टैरिफ वापस करनी पड़ सकती है. इससे हमारी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी. इसके अलावा उन देशों और कंपनियों से भी अतिरिक्त भुगतान की मांग हो सकती है जिन्होंने ड्यूटी से बचने के लिए फैक्ट्री, प्लांट और उपकरणों में निवेश किया है.

ट्रंप क्यों दे रहे बर्बादी की दुहाई

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, ‘जब इन निवेशों को भी जोड़ लिया जाए तो बात ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाती है.’ उन्होंने संभावित नुकसान को पूरी तरह गड़बड़ बताया और चेताया कि इतनी बड़ी रकम वापस करना देश के लिए लगभग नामुमकिन होगा. ट्रंप ने कहा कि किसे, कितना और कितने समय में भुगतान करना है, यह तय करने में ही कई साल लग जाएंगे. टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा का फायदा बताते हुए ट्रंप ने कहा कि कोई भी दावा कि भुगतान जल्दी और आसानी से किया जा सकता है, गलत है. उन्होंने लिखा, जो भी कहता है कि यह जल्दी और आसानी से हो सकता है, वह गलत, अपूर्ण या पूरी तरह गलतफहमी में है.’

क्यों अहम है ट्रंप की यह टिप्पणी

डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सुप्रीम कोर्ट उनके टैरिफ अधिकारों को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार कर रहा है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई फैसला नहीं सुनाया, जबकि उम्मीद थी कि फैसला जल्द आ सकता है. कोर्ट ने केवल एक अन्य मामले में राय जारी की, जो टैरिफ से जुड़ा नहीं था. अभी यह साफ नहीं है कि फैसला कब आएगा. बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अगली बार अपने फैसले जारी करेगा.

बहरहाल, इस मामले के केंद्र में दो अहम सवाल हैं: क्या प्रशासन ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) के तहत आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल कर व्यापक टैरिफ लगाना सही था, और अगर इन अधिकारों का गलत इस्तेमाल हुआ तो क्या आयातकों को भुगतान वापस मिलेगा.

ट्रंप की क्या दलील?

अगर वाइट हाउस यह मामला हार भी जाता है, तो प्रशासन के पास टैरिफ लगाने के लिए अन्य कानूनी विकल्प मौजूद हैं, जिनमें आपातकालीन अधिकारों की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि टैरिफ को रद्द करना अमेरिका की आर्थिक ताकत को कमजोर करेगा. उन्होंने लिखा, ‘जब अमेरिका चमकता है, तो दुनिया भी चमकती है. अगर सुप्रीम कोर्ट इस नेशनल सिक्योरिटी बोनान्ज़ा (टैरिफ) पर यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के खिलाफ फैसला सुनाता है, तो हम बर्बाद हो जाएंगे.’

अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप टैरिफ के खिलाफ फैसला देगा तो क्या होगा?

    सैकड़ों अरब डॉलर के टैरिफ रिफंड देने पड़ सकते हैं.
    पहले से जमा भारी राजस्व (revenue) खो जाएगा, जिससे बजट घाटा बढ़ेगा.
    ट्रंप की प्रमुख आर्थिक नीति और अमेरिका फर्स्ट एजेंडा को बड़ा झटका लगेगा.
    विदेशी देशों से चल रही ट्रेड नेगोशिएशन कमजोर पड़ सकती हैं.
    पहले बने कई अनौपचारिक ट्रेड डील्स पर सवाल उठेंगे और वे टूट सकते हैं.
    राष्ट्रपति की इमरजेंसी पावर पर सख्त संवैधानिक सीमा लग जाएगी.
    ट्रंप की छवि और राजनीतिक ताकत को गंभीर नुकसान पहुंचेगा.

 

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