स्किन कैंसर से बचाव के लिए विटामिन B3 की गोली: 54% तक कम हो सकता है खतरा, नई रिसर्च में पता चला

  नई दिल्ली

कैंसर का नाम सुनते ही लोग खौफ में आ जाते हैं. इस बीमारी से होने वाले जान के खतरे के साथ ही लोगों को इसके इलाज में खर्च होने वाले पैसे का इंतजाम करने का भी स्ट्रेस होने लगता है. दरअसल, इसका इलाज बहुत महंगा होता है और उसमें लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं. यहां तक कि इसकी टेस्टिंग भी बहुत महंगी होती है. 

ऐसे में अक्सर लोग सोचते हैं कि कैंसर से बचने के लिए महंगी दवाइयां, बड़े-बड़े इलाज या मुश्किल थेरेपी की जरूरत होती है. लेकिन अगर हम कहें कि स्किन कैंसर जैसे खतरनाक और दुनिया के सबसे आम कैंसर से बचाव एक सस्ती, रोज ली जाने वाली विटामिन की गोली से हो सकता है, तो? सुनने में हैरानी जरूर होती है, लेकिन एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के बायोमेडिकल साइंसेज के प्रोफेसर, जस्टिन स्टेबिंग के अनुसार, एक नई रिसर्च ने यही साबित किया है. है ना चौंकाने वाली बात? चलिए जानते हैं कौन सा है ये विटामिन और कैसे ये स्किन कैंसर के खतरे को कम करता है.  

कौस सा विटामिन करता है स्किन कैंसर से बचाव?
Nicotinamide, यानी विटामिन B3 का बहुत ही साधारण और सस्ता रूप, स्किन कैंसर के खतरे को कम कर सकता है. खास बात ये है कि इसका फायदा उन लोगों में और भी ज्यादा है जिन्हें पहले से एक बार स्किन कैंसर हो चुका है. इस स्टडी ने स्किन कैंसर प्रिवेंशन को एक नया मोड़ दे दिया है और डॉक्टरों को अपने पुराने तरीकों पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है.

कैसे काम करता है Nicotinamide?
Nicotinamide विटामिन B3 का एक रूप है, जो शरीर की एनर्जी बनाने में मदद करता है और स्किन को रिपेयर करने की प्रोसेस को तेज करता है. ये UV किरणों से हुए डैमेज को ठीक करने में मददगार होता है और स्किन में होने वाली सूजन को कम करता है. इसके अलावा, ये इम्यून सिस्टम को इतना मजबूत बनाता है कि वो खराब सेल्स को जल्दी पहचान सके. इस तरह, ये विटामिन स्किन को कैंसर बनने से पहले ही लड़ने की ताकत देता है.

क्यों बढ़ रहा है स्किन कैंसर?
स्किन कैंसर दुनिया में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है और हर साल इसके लाखों नए केस सामने आते हैं. खासकर बेसल सेल कार्सिनोमा और स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ये कैंसर ज्यादा धूप में रहने, गोरी स्किन, बढ़ती उम्र और UV किरणों के ज्यादा एक्सपोजर से जुड़ा होता है. सबसे चिंताजनक बात ये है कि जिन्हें एक बार स्किन कैंसर हो चुका हो, उनमें इसके दोबारा होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

कितने लोगों पर की गई रिसर्च?
नई रिसर्च 33,000 से ज्यादा अमेरिकी वेटरंस पर की गई थी. इसमें 12,000 लोग Nicotinamide (500 mg, दिन में दो बार) ले रहे थे, जबकि 21,000 लोग कोई सप्लीमेंट नहीं ले रहे थे. इतने बड़े ग्रुप पर की गई स्टडी ने स्किन कैंसर प्रिवेंशन को लेकर बेहद अहम जानकारी सामने रखी.

क्या मिला नतीजा?
रिसर्च के नतीजे हैरान कर देने वाले थे. Nicotinamide लेने वाले लोगों में नया स्किन कैंसर होने का खतरा लगभग 14% कम पाया गया. यानी सिर्फ एक सस्ती विटामिन की नियमित खुराक स्किन कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है. ये भी सामने आया कि अगर ये सप्लीमेंट पहली बार स्किन कैंसर डाइजनोज होने के तुरंत बाद शुरू किया जाए, तो दूसरी बार ये कैंसर होने का खतरा 54% तक कम हो सकता है. यह फायदा खास तौर पर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा में सबसे ज्यादा देखा गया.

सबसे बड़ा फायदा कब मिलता है?
स्टडी ने साफ दिखाया कि इसका प्रभाव तभी सबसे ज्यादा होता है जब Nicotinamide को सही समय पर यानी पहले कैंसर के तुरंत बाद शुरू किया जाए. इससे शरीर को कैंसर बनने से पहले ही उससे लड़ने की ताकत मिलती है.

क्या ये सनस्क्रीन का ऑप्शन है? 
Nicotinamide स्किन कैंसर रोकने का एक नया और असरदार तरीका जरूर है, लेकिन ये कभी भी सनस्क्रीन का ऑप्शन नहीं हो सकता. डॉक्टर साफ कहते हैं कि आपको अब भी धूप में कम समय बिताना चाहिए, रोज सनस्क्रीन लगानी चाहिए, टोपी और फुल-स्लीव कपड़े पहनने चाहिए और स्किन की नियमित चेकअप करानी चाहिए. Nicotinamide सिर्फ एक extra protection की तरह काम करता है, धूप से बचाव की बुनियादी आदतों को ये रिप्लेस नहीं करता.

इतना खास क्यों है ये विटामिन?
इस विटामिन की खासियत इसकी आसान उपलब्धता और सुरक्षा में है. ये बेहद सस्ता है, आसानी से मिल जाता है और रोजाना बिना किसी परेशानी के लिया जा सकता है. सबसे बड़ी बात, ये स्किन कैंसर के दोबारा होने के खतरे को कम करने में प्रभावी साबित हुआ है. कई महंगी दवाइयों और बीमारी के इलाज की तुलना में Nicotinamide एक आसान, सुरक्षित और किफायती ऑप्शन है. 

कुछ बातें अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हैं. ये स्टडी एक ऑब्जर्वेशनल रिसर्च थी, जिसका मतलब है कि इसे मेडिकल रिकॉर्ड्स के आधार पर किया गया था, न कि किसी कंट्रोल्ड ट्रायल की तरह जहां सभी परिस्थितियां तय होती हैं. इसी वजह से कुछ सीमाएं बनी रहती हैं. स्टडी में ज्यादातर गोरी स्किन वाले पुरुष शामिल थे, इसलिए अलग-अलग नस्लों, महिलाओं और युवा लोगों पर इसका असर कैसा होगा, यह अभी पता नहीं है. इसके अलावा, जिन लोगों को कभी स्किन कैंसर नहीं हुआ, उन पर Nicotinamide का क्या प्रभाव होगा, यह भी अभी क्लियर नहीं है.

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