नई मिसाइल तकनीक से हिली दुनिया, ब्रह्मोस-राफेल सब पड़े फीके, अमेरिका नहीं इस देश के हाथ लगा विनाशक हथियार

बेंगलुरु 

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की ताकत पूरी दुनिया ने देखी. यह अपने आप में अद्भुत मिसाइल सिस्टम है. इसने पाकिस्तान में जो कोहराम मचाया था उसकी मार से वह अब तक उबरा नहीं है. लेकिन, हमें यह समझना होगा कि दुनिया केवल ब्रह्मोस तक ही नहीं सिमट जाती है. यह अच्छी बात है कि हमारे पास ब्रह्मोस जैसी मिसाइल सिस्टम है. यह दुनिया के चुनिंदा बेहतरीन मिसाइल सिस्टमों में से एक है न कि यही पूरी दुनिया है. इसी कारण आपको हम आज एक ऐसे मिसाइल सिस्टम की बात कर रहे हैं जिसके सामने ब्रह्मोस बिल्कुल बच्चा है. हम जिस सिस्टम की बात कर रहे हैं वह पूरी दुनिया में हथियारों और सैन्य संतुलन को बुरी तरह बिगाड़ सकता है.

जी हां, हम बात कर रहे हैं अपने पड़ोसी देश चीन की. वहां के वैज्ञानिकों ने एक बेहद खतरनाक मिसाइल बनाई है. अगर इसके बारे में किए जा रहे दावे को सच माना जाए तो निश्चित तौर पर यह दुनिया की तस्वीर बदलने वाली मिसाइल सिस्टम है. इस बारे में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने एक डिटेल रिपोर्ट छापी है. रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बियोंड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल का परीक्षण किया है. इस मिसाइल की रेंज 1000 किमी है. यह एक एयर टु एयर मिसाइल सिस्टम है.

6000 किमी की स्पीड वाली मिसाइल

अब आप कह रहे होंगे कि इसमें कौन सी बड़ी बात है. कई देशों के पास बीवीआर मिसाइल सिस्टम है. इस मिसाइस की स्पीड 5 मैक की है. यानी इसकी स्पीड करीब 6112 किमी प्रति घंटे की है. इस मिसाइल सिस्टम की सबसे बड़ी बात यह है कि यह दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स एफ-35, एफ-22 रैप्टर, बी-21 रैडर जैसों को 1000 किमी दूर से मारने की क्षमता रखता है. यानी यह पांचवीं पीढ़ी या 5+ पीढ़ी के फाइटर जेट्स को 1000 किमी दूर ही नष्ट कर सकता है. ऐसे में आप कल्पना कर रहे सकते हैं कि राफेल, सुखोई जैसे चौथी या 4.5 पीढ़ी के फाइटर जेट्स के खिलाफ यह कितना प्रभावी होगा.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की योजना इस हथियार को संभावित संघर्ष वाले क्षेत्रों जैसे ताइवाइ स्ट्रेट और साउथ चाइन सी में तैनाती की है. यह मौजूदा वक्त में दुनिया के सबसे उन्नत हथियारों में गिना जा रहा है.

क्यों इतना अहम है ये मिसाइल

बीवीआर तकनीक कोई नई तकनीक नहीं है. लेकिन, इस तकनीक पर इतनी लंबी दूरी की मिसाइल सिस्टम बनाना दुनिया के वैज्ञानिकों और सैन्य इंजीनियरों के लिए आज भी एक बड़ी चुनौती है. जहां तक इस तकनीक पर आधारित मिसाइल सिस्टम की बात है तो रूस और अमेरिका के पास ऐसी मिसाइलें हैं. भारत ने भी ऐसी मिसाइल विकसित की है. रूस के पास R-37M और अमेरिका के पास AIM-174B बीवीआर मिसाइस सिस्टम है. इन मिसाइलों की रेंज मात्र 350 से 400 किमी है.

जहां तक भारत की बात है तो हम अस्त्र एमके-3 बीवीआर सिस्टम बना रहे हैं. हमारी योजना है कि इसकी रेंज भी 350 से 400 किमी का हो जाए. अगर चीन की इस बीवीआर मिसाइल के बारे में किए गए दावे सही हैं तो यह पूरी दुनिया की तस्वीर बदलने वाली है. यह पूरे इलाके में शक्ति संतुलन बिगाड़ सकती है.

    कितना खतरनाक है यह मिसाइल सिस्टम

    जहां तक इस मिसाइल सिस्टम की क्षमता की बात है तो यह मौजूदा वक्त की सबसे एडवांस डिफेंस सिस्टम 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को पूरी तरह बेकार साबित कर देगी. यह अवाक्स और एईडब्ल्यू एंड सी विमानों की भी सार्थकता खत्म कर देगी. ये सभी सिस्टम दुश्मन पर वार करने से पहले ही इस मिसाइल सिस्टम से मार गिराए जा सकते हैं.

भारत के लिए कितना खतरा

चीन द्वारा विकसित इस सिस्टम से सबसे ज्यादा खतना भारत, जापान, ताइवान और अमेरिका को है. इन देशों की पूरी एयर डिफेंस स्ट्रेटजी और कंबैट एयर पैट्रोल रेंज बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. ऐसे में भारत के सामने नई चुनौती खड़ा हो गई कि वह अपनी बीवीआर मिसाइल क्षमता को बढ़ाए. भारत ने इस तकनीक पर आधारित अस्त्र एमके-1 और एमके-2 मिसाइल बनाने में सफलता हासिल की है. लेकिन, हाइपरसोनिक स्पीड वाली एमके-3 पर अब भी काम जारी है. इस पर डीआरडीओ और इसरो मिलकर काम रहे हैं. वर्ष 2000 में अस्त्र सीरीज के इस मिसाइल सिस्टम पर काम शुरू हुआ. लेकिन, इस दिशा में प्रगति काफी धीमी है. हमारे पास अभी केवल एमके-1 बीवीआर मिसाइल है और इसकी रेंज मात्र 80 से 110 किमी है. सैन्य विशेषज्ञ इसमें कई तरह की खामियां बता रहे हैं. हालांकि 2022 में रक्षा मंत्रालय ने करीब 3000 करोड़ रुपये से एयरफोर्स के लिए इन मिसाइलों को खरीदने की मंजूरी दी थी. इन्हें कुछ सुखोई-30 एमकेआई जेट्स में लगाया गया है. एके-2 सीरीज करीब-करीब पूरा होने के कगार पर है. इसमें कमियों को दूर करने की कोशिश की गई है.

क्या है बीवीआर तकनीक

बीवीआर मौजूदा वक्त की सबसे एडवांस तकनीक है. इस तकनीक में देखने की सीमा से परे जाकर वार करने की क्षमता मिलती है. इसी कारण इसे बियोंड विजुअल रेंज कहा जाता है. एक एयरफोर्स पायलट की आंखों से देखने की क्षमता करीब 37 किमी की होती है. वह इतने दूर से दुश्मन के विमानों और लक्ष्यों को निशाना बना सकता है. लेकिन, बीवीआर तकनीक बेहद एडवांस रडार, सेंसर और उन्नत नेविगेशन सिस्टम से लैस होती है. ये दिखाई नहीं देने वाले लंबी दूरी के लक्ष्यों को नष्ट करते हैं. भारत की अस्त्र मिसाइल इस सिस्टम पर आधारित है. यह खुद ही लक्ष्यों को खोजती है और पायलट के कंट्रोल से बाहर जाकर खुद हमला करती है. ये मिसाइलें फायर एंड फॉर्गेट क्षमता से लैस होती हैं.

admin

Related Posts

गुजरात में समान नागरिक संहिता: लिव-इन वालों को चेतावनी, शादी में धोखाधड़ी पर होगी 7 साल की सजा

अहमदाबाद  गुजरात विधानसभा ने  'गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026' पारित कर दिया। इसमें शादी-विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के बारे में एक समान कानूनी ढांचा प्रस्तावित किया गया…

जाति मुक्त समाज की बात, लेकिन अब बांटने लगे; सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी सख्त टिप्पणी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को जमकर लताड़ा। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि देश में हमें एक जाति मुक्त समाज बनाना था,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL की डिफेंडिंग चैम्पियन RCB बिकने के बाद 16,706 करोड़ में, जानें नया मालिक कौन है

  • By admin
  • March 25, 2026
  • 0 views
IPL की डिफेंडिंग चैम्पियन RCB बिकने के बाद 16,706 करोड़ में, जानें नया मालिक कौन है

इम्पैक्ट प्लेयर बनकर उतरे धोनी, आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल – ‘ये तरीका सही नहीं’

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 1 views
इम्पैक्ट प्लेयर बनकर उतरे धोनी, आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल – ‘ये तरीका सही नहीं’

आईपीएल 2026 से पहले गरजा विराट कोहली का बल्ला, इन खिलाड़ियों ने दिखाया अपना दम

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 2 views
आईपीएल 2026 से पहले गरजा विराट कोहली का बल्ला, इन खिलाड़ियों ने दिखाया अपना दम

भगदड़ के शिकार दर्शकों को श्रद्धांजलि: चिन्नास्वामी में 11 सीटें स्थायी रूप से रहेंगी खाली

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 0 views
भगदड़ के शिकार दर्शकों को श्रद्धांजलि: चिन्नास्वामी में 11 सीटें स्थायी रूप से रहेंगी खाली

दिल्ली गोल्फ क्लब मेंबर्स लीग का पांचवां संस्करण 26 मार्च से

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 0 views
दिल्ली गोल्फ क्लब मेंबर्स लीग का पांचवां संस्करण 26 मार्च से

महिला टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, युवा चेहरों को मौका

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 1 views
महिला टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, युवा चेहरों को मौका