पन्ना टाइगर रिजर्व ने खोले गेट, 3 महीने बाद शुरू हुई सफारी, फील्ड डायरेक्टर ने किया शुभारंभ

पन्ना 

 मध्यप्रदेश में वाइल्ड लाइफ के बीच रोमांचक पलों की सैर आज से शुरू हो गई है। अकेले सतपुड़ा और चूरणा को छोड़कर… एमपी के बाकी सभी टाइगर रिजर्व खुल चुके हैं। मानसून में छुट्टी पर रहे जंगलों की सैर करने का मजा आपको भी लेना है, तो बता दें कि यहां आने से पहले एडवांस बुकिंग जरूर करवा लें। नहीं तो आपको बेरंग लौटना पड़ सकता है। बता दें कि पहले ही दिन एमपी के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में हजारों की संख्या में टूरिस्ट पहुंचे हैं।

सतपुड़ा के लिए अभी और इंतजार

कोर जोन 10 अक्र्टूबर तक बंद रहेगा। तेज बारिश से मढ़ई, चूरना की सड़कें खराब हो गई हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया।

अगले 15 दिन की बुकिंग फुल

एमपी के 10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp) में अक्टूबर के अगले 15 दिन बुकिंग लगभग फुल (Advance booking full) है। इन टाइगर रिजर्व में पहले ही दिन 7 हजार से ज्यादा टूरिस्ट ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं पुराने छह टाइगर रिजर्व में यह संख्या 5 हजार से भी ज्यादा है। दशहरा-दिवाली के अवकाश के कारण लोग अक्टूबर के पहले ही पखवाड़े की बुकिंग करवा चुके हैं। खासतौर पर बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के साथ ही पन्ना में भी पूरे महीने आपको टिकट नहीं मिलने वाली।

सुबह रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने विधिवत फीता काटकर और पर्यटकों का तिलक कर जिप्सियों को प्रवेश दिया। इसके साथ ही गेट आम पर्यटकों के लिए खोल दिए गए।

बरसाती मौसम में सुरक्षा कारणों से रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रखा जाता है। अब मौसम साफ होने के बाद पर्यटक यहां बाघ, तेंदुआ, चिंकारा और कई दुर्लभ पक्षियों का दीदार कर सकेंगे।

हर साल मानसून सीजन के दौरान टाइगर रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रहता है। अक्टूबर की शुरुआत से सैलानियों को एक बार फिर रोमांचक सफारी का मौका मिल रहा है।

पन्ना टाइगर रिजर्व के सहायक क्षेत्र संचालक मोहित सूद ने बताया कि इस बार भी अच्छे पर्यटक सीजन की उम्मीद है। उन्होंने जानकारी दी कि टाइगर रिजर्व की बुकिंग फरवरी 2026 तक के लिए अभी से शुरू हो चुकी है।

मोहित सूद ने आगे बताया कि टाइगर रिजर्व के सुंदर जंगल, यहां से निकलने वाली केन नदी और यहां पाए जाने वाले वन्यजीव पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही पीटीआर के बाघों की अठखेलियां देखने भी पर्यटक पन्ना टाइगर रिजर्व आते हैं।

सहायक क्षेत्र संचालक ने यह भी बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बोरादोह नामक एक पॉइंट पर पर्यटकों के लिए वोटिंग की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को वोटिंग के दौरान ही बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार हो चुके हैं।

वाइल्डलाइफ लवर्स को क्यों अट्रेक्ट कर रहा एमपी?

बता दें कि मध्यप्रदेश टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 785 है, जो देश में सबसे ज्यादा है। लेकिन हाल ही में वन विभाग ने यह कहते हुए चौंका दिया है कि यह संख्या बढ़ी है और वर्तमान में यहां 1000 के आसपास टाइगर हैं।

सफारी की सैर और टाइगर का दीदार हुआ महंगा

इस बार टूरिस्ट को जंगलों की सैर (tiger safari) और टाइगर के दीदार करना थोड़ा महंगा पड़ेगा। दरअसल विभाग ने 10% तक शुल्क बढ़ाया है। जिसके बाद 300 रुपए तक की अधिकतम वृद्धि देखने को मिली है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अभी भारतीय टूरिस्ट को प्रीमियम डे का शुल्क 3050 रुपए है, इसमें 10% की वृद्धि की जाए तो यह 3050 से बढ़कर 3355 हो जाएगा। जिप्सी का शुल्क तीन हजार रुपए और जी-वन गाइड का शुल्क 600 रुपए देना होता है, अब इसके लिए भी आपको 6650 रुपए चुकाने होंगे। वहीं यदि आप जी-टू गाइड लेते हैं, तो उसे 600 रुपए के बजाय 480 रुपए देते होते हैं।

होटल भी नहीं खाली

टूरिस्ट की भीड़ से आबाद हुए टाइगर रिजर्व के आसपास के क्षेत्रों में सभी होटल एडवांस बुक हैं। ऐसे में आपका यहां बिना एडवांस बुकिंग के आना आपके लिए निराशा का सबब बन सकता है।

जानें बुकिंग की क्या है स्थिति?

-बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक से 15 अक्टूबर तक की बुकिंग फुल है। 147 वाहनों से करीब 800 टूरिस्ट सफारी करने को तैयार बैठे हैं।

-पन्ना टाइगर रिजर्व में तीनों गेट की बुकिंग भी आज से 30 अक्टूबर तक फुल हो चुकी है। पहले दिन करीब 510 टूरिस्ट पार्क के अंदर जाने की अनुमति ले चुके हैं।

– पेंच टाइगर रिजर्व में एक से 5 अक्टूबर तक एडवांस बुकिंग फुल हो चुकी है। एक दिन में करीब 500 टूरिस्ट के आने का अनुमान है।

– कान्हा टाइगर रिजर्व में एक सप्ताह की बुकिंग फुल है। पहले दिन यहां 20 हजार टूरिस्ट पहुंचेंगे। वहीं यहां पर आज से 7 अक्टूबर तक वन्य संरक्षण सप्ताह भी शुरू हो गया है।

– संजय टाइगर रिजर्व में भी इस सप्ताह की बुकिंग फुल हो चुकी हैं। यहां टूरिस्ट के लिए नौ वाहन हैं, जिनसे करीब 40 टूरिस्ट सफारी का मजा ले सकेंगे।

कैसे पहुंचे?

टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क (Tiger reserve in MP) पहुंचने नजदीकी एयरपोर्ट भोपाल, जबलपुर, बनारस, प्रयागराज, नागपुर हैं। रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम, शहडोल, सिवनी, दमोह, मंडला फोर्ट, त्यौहारी, मड़वास, नागपुर हैं। वहीं आप बस या प्राइवेट टैक्सी के माध्यम से भी सड़क मार्ग से यहां पहुंच सकते हैं।

ये जानवर देख सकते हैं

बाघ, चीते (कूनो में), तेंदुआ, हाथी, बायसन, चीतल, हिरण, बारहसिंघा, गौर, भालू, सांभर, चौसिंगा, चिंकारा के साथ ही विलुप्त प्रजाति के पक्षी भी।

10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp)

– संजय दुबरी, सीधी

– पन्ना, पन्ना, छतरपुर

– सतपुड़ा, नर्मदापुरम

– कान्हा, मंडला-बालाघाट

– बांधवगढ़, शहडोल

– पेंच, सिवनी-छिंदवाड़ा

– वीरांगना दुर्गावती, दमोह

– डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी), भोपाल सीहोर, रायसेन

– माधव- शिवपुरी

– नौरादेही- सागर

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व

उमरिया जिले के लगभग 1536 वर्ग किमी में फैला है। पार्क प्रबंधन ने सफारी टिकट दर में 10% और गाइड चार्ज में 65% की बढ़ोत्तरी की है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर है। निजी वाहन से पहुंच सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन उमरिया है।

कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला-बालाघाट

जिले में लगभग 2,051.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर और निकटतम रेलवे स्टेशन चिरईडोंगरी है।

पेंच टाइगर रिजर्व

कुछ हिस्सा महाराष्ट्र और कुछ मध्यप्रदेश के सिवनी, छिंदवाड़ा जिले से लगा है। यहां ब्लैक पैंथर आकर्षण का केंद्र होता है। हालांकि ये कभी-कभार ही दिखते हैं।

प्रदेश के नेशनल पार्क (National Park MP)

-1- वन विहार, भोपाल

-2- कूनो पालपुर, श्योपुर

-3- माधव- शिवपुरी

-4- कान्हा- मंडला से बालाघाट

-5- बांधवगढ़ – उमरिया

-6- सतपुड़ा – भोपाल

-7- पेंच – सिवनी-छिंदवाड़ा

-8- पन्ना – पन्ना

-9- डायनासोर जीवाश्म पार्क – धार

-10- रानी दुर्गावती- दमोह

-11- संजय दुबरी- सीधी-सिंगरौली

जंगल या टाइगर सफारी के लिए कैसे करें एडवांस बुकिंग

इसके लिए आपको मध्य प्रदेश के वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://forest.mponline.gov.in/ पर जाना होगा या फिर आप अपने पसंदीदा टाइगर रिजर्व या नेशनल पार्क को चुनकर उसकी वेबसाइट पर एडवांस बुकिंग के लिए एप्लाई कर सकते हैं।

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