इमाम का विरोध: वंदे मातरम् अनिवार्य होने पर उज्जैन के बच्चों को बाहर निकालने की अपील

 उज्जैन
 शहर के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने वंदे मातरम की अनिवार्यता पर (Vande Mataram is compulsory) कहा कि हमारा मुल्क जम्हूरी मुल्क है, लोकतांत्रिक मुल्क है और यहां पर सब धर्मों के लोगों को अपने मजहब पर प्रैक्टिस की पूरी आजादी है। उन्होंने कहा कि हमारा इस्लाम हमें यह सिखाता है कि एक खुदा के अलावा किसी की पूजा नहीं कर सकते। लिहाजा हम न किसी और इंसान को मान सकते हैं, न किसी देवी-देवताओं को मान सकते हैं।

उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने इस आदेश को इस्लाम विरोधी बताया है। उन्होंने कहा- यह आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। वंदे मातरम् में कहा गया है कि हिंदुस्तान की भूमि की हम पूजा करते हैं, लेकिन मुसलमान के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं है कि वह अल्लाह के साथ किसी और को शरीक कर अपनी पूजा में शामिल करे।

हम कहेंगे कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, वहां से सभी मुसलमान अपने बच्चों को निकाल लें। हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते कि वह इस्लाम में रहकर किसी और खुदा की इबादत करे। यह फैसला कानून के खिलाफ है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि अपना फैसला वापस ले।

इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता

उन्होंने कहा कि हम किसी जमीन, चाहे वह हिंदुस्तान की भूमि क्यों न हो या मक्का-मदीना की भूमि क्यों न हो, उसको पूजा में नहीं ला सकते। हमारा मजहब इस्लाम है और वह हमें एकेश्वरवाद, यानी एक खुदा को मानने की तालीम देता है। लिहाजा हम किसी और को खुदा में शामिल नहीं कर सकते। ऐसा करना हमारे लिए सबसे बड़ा गुनाह है, शिर्के अजीम है और गुनाह-ए-कबीरा है। इस्लाम इसी पर आधारित है। मुफ्ती नासिर अली नदवी ने कहा कि इस्लाम में अगर कोई शख्स मुसलमान रहते हुए किसी और को कबूल करता है या पूजा में शामिल करता है तो वह इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता है।

हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ

उन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी भी शैक्षणिक संस्था, धारा या डिपार्टमेंट में गवर्नमेंट कंपलसरी करती है कि वंदेमातरम कहना होगा, यानी धरती की पूजा करनी होगी, तो ऐसी जगहों पर हम अपने बच्चों को अलाउ नहीं करेंगे और न किसी और को अलाउ करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अलग संस्था बनाने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने हुकूमत से अनुरोध किया कि वह अपने इस फैसले को वापस ले। उन्होंने कहा कि यह मजहबी आजादी के खिलाफ है और हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ है।

कानून सबके लिए एक लेकिन धर्म कभी नहीं

उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक हो सकता है, लेकिन धर्म कभी भी सबके लिए एक नहीं हो सकता। धर्मनिरपेक्षता का मतलब यह है कि किसी पर जबरदस्ती न की जाए कि वह एक से ज्यादा को कबूल करे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान शुरू से रहते आए हैं और यहाँ अलग-अलग समुदायों की अपनी-अपनी मजहबी आजादियां हैं। कानून मुसलमानों को एक खुदा को मानने की मजहबी आजादी देता है, लिहाजा उन्हें यह कंपलसरी नहीं किया जा सकता कि वे धरती को भी पूजा में शामिल करें।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी जता चुके विरोध इससे पहले भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध जता चुके हैं। मसूद ने 12 फरवरी को कहा था- भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। हमें संविधान के आर्टिकल 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मिला हुआ है।

वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर कोई झगड़ा नहीं है। विवाद केवल वंदे मातरम् की कुछ लाइनों को लेकर है, जो हमारी मजहबी आजादी पर अंकुश लगाती हैं। जो लोग आज वंदे मातरम् पर बहस कर रहे हैं, वही सबसे ज्यादा संविधान का मजाक उड़ाते हैं।

मसूद ने कहा- हमने पहले भी वंदे मातरम् की कुछ लाइनों पर एतराज जताया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस नए कानून की स्टडी कर रहा है। जब तक बोर्ड अपनी राय नहीं बना लेता, तब तक हम कोई निर्णय नहीं लेंगे।

कांग्रेस विधायक के इस बयान पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- जो भी राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र का कानून मानना ही होगा। चाहे मदरसा हो या कोई अन्य स्कूल, सभी को वंदे मातरम् का गायन करना होगा।

वंदे मातरम् को लेकर मुस्लिम समुदाय की आपत्ति अब तक वंदे मातरम् का केवल पहला हिस्सा ही गाया जाता था, लेकिन अब सरकार ने पूरे 6 छंदों को अनिवार्य किया है। मुस्लिम समुदाय के कुछ नेताओं का तर्क है कि बाद के छंदों में मातृभूमि की वंदना जिस स्वरूप में की गई है, वह उनके मजहबी सिद्धांतों (एकेश्वरवाद) के खिलाफ है।

admin

Related Posts

IAS ट्रांसफर 2026: मोहन का संदेश और मनीष-सिंह वर्णवाल की ताकत, CM की गंभीर नजर

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए। इसमें 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परफॉर्मेंस और 2026 के रोडमैप…

एमपी ट्रांस्को मुरैना में सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, जीवन रक्षक तकनीकों की दी जानकारी

एम.पी. ट्रांस्को मुरैना सब स्टेशन में हुआ जीवन रक्षक सी.पी.आर. प्रशिक्षण शिविर भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) एवं रेड क्रॉस सोसायटी व स्थानीय जिला चिकित्सालयों ,मेडिकल कॉलेजों के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

देश का नाम रोशन: प्रमोद भगत ने जीता पैरा बैडमिंटन का छठा विश्व खिताब

  • By admin
  • February 14, 2026
  • 0 views
देश का नाम रोशन: प्रमोद भगत ने जीता पैरा बैडमिंटन का छठा विश्व खिताब

भारत-पाकिस्तान मुकाबले ने मचाया धमाल, एड रेट्स और ट्रैवल कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

  • By admin
  • February 14, 2026
  • 1 views
भारत-पाकिस्तान मुकाबले ने मचाया धमाल, एड रेट्स और ट्रैवल कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

जीत जरूरी, वरना खत्म होगा सफर—स्कॉटलैंड से भिड़ेगा इंग्लैंड आज

  • By admin
  • February 14, 2026
  • 1 views
जीत जरूरी, वरना खत्म होगा सफर—स्कॉटलैंड से भिड़ेगा इंग्लैंड आज

वैलेंटाइन डे पर हार्दिक का इमोशनल गिफ्ट, नया टैटू में जाहिर हुआ प्यार

  • By admin
  • February 14, 2026
  • 1 views
वैलेंटाइन डे पर हार्दिक का इमोशनल गिफ्ट, नया टैटू में जाहिर हुआ प्यार

ओमान टी20 WC से बाहर हुई, Ireland ने कराई शिकस्त

  • By admin
  • February 14, 2026
  • 2 views
ओमान टी20 WC से बाहर हुई, Ireland ने कराई शिकस्त

स्कॉटलैंड से भिड़ंत में इंग्लैंड को चाहिए बड़ी जीत, अभियान बचाने की चुनौती

  • By admin
  • February 14, 2026
  • 1 views
स्कॉटलैंड से भिड़ंत में इंग्लैंड को चाहिए बड़ी जीत, अभियान बचाने की चुनौती