बांग्लादेश
बांग्लादेश में नई सरकार बनने वाली है। प्रधानमंत्री के रूप में बीएनपी के तारिक रहमान शपथ लेंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान को लेकर तारिक रहमान का रुख क्या रहता है। गौरतलब है कि केयरटेकर प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के सत्ता में रहने के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध काफी बेहतर हुए थे। यूनुस पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान को बहुत कुछ दिया। उन्होंने पाकिस्तान के लिए वीजा शर्तों में ढील दी। इसके अलावा बांग्लादेश के समुद्र में पाकिस्तान को एक्सेस दी। जबकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह आतंकवादियों के लिए रास्ता हो सकता है। गौरतलब है कि साल 2001 से 2007 के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सत्ता संभाल चुकी है। इस दौरान पाकिस्तान से उसके रिश्ते कभी नरम तो कभी गरम रहे। हालांकि भारत ने कई बार आरोप लगाया कि तत्कालीन बांग्लादेश सरकार ने पाकिस्तानी आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दिया।
बदल सकती हैं चीजें
हालांकि इस बार चीजें बदल सकती हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि इस बार जमात-ए-इस्लामी सरकार में बीएनपी की समर्थक नहीं है। एनडीटीवी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि बीएनपी पाकिस्तान से पूरी तरह दूरी तो नहीं बनाएगा। लेकिन उम्मीद है कि तारिक रहमान भारत के साथ अच्छे संबंधों की अहमियत को दिमाग में जरूर रखेंगे। एक्सपर्ट्स का दावा है कि वह पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य रखेंगे, लेकिन इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि वह आईएसआई को अपने देश पर हावी होने देंगे। जबकि यूनुस सरकार के दौरान ऐसा हो रहा था।
‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में पाकिस्तान
एक अन्य अधिकारी ने दावा पाकिस्तान कुछ दिन तक वेट एंड वॉच की स्थिति में रहेगा। वह बहुत दबाव नहीं बनाएगा और तारिक रहमान के सेटल होने का इंतजार करेगा। अधिकारी ने कहा कि वैसे भी फिलहाल तारिक रहमान की सबसे बड़ी चुनौती हिंसाग्रस्त बांग्लादेश को स्थिर करना होगा। दूसरी तरफ भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान के अच्छे संबंधों पर आपत्ति नहीं होगी। हालांकि भारत को चौंकन्ना रहना होगा कि कहीं तारिक रहमान, मोहम्मद यूनुस के कदमों पर न चल पड़ें। पिछले कुछ अरसे में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के लोग बांग्लादेश पहुंचे। इस दौरान पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ मजबूत सैन्य संबंध स्थापित करने की कोशिश की। वहीं, इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक इनके जरिए पाकिस्तान बांग्लादेश में बेस बनाकर भारत को निशाना बनाने की फिराक में था।









