दक्षिण कोरिया का न्याय: पूर्व राष्ट्रपति को देश में मार्शल लॉ लगाने के लिए उम्रकैद

सियोल
दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने उन्हें 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने, सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी पाया. इस मामले में उन्हें मृत्युदंड तक की सजा हो सकती थी, लेकिन अदालत ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया.

65 वर्षीय यून सुक येओल ने दिसंबर 2024 में सेना और पुलिस बलों को सक्रिय कर संसद पर नियंत्रण की कोशिश की थी. आरोप है कि उन्होंने उदारवादी बहुमत वाली नेशनल असेंबली को अवैध तरीके से कब्जे में लेने की कोशिश की. उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कदम "राष्ट्र विरोधी ताकतों" को रोकने के लिए जरूरी था, जो उनके एजेंडे को बाधित कर रही थीं.

मार्शल लॉ करीब छह घंटे तक लागू रहा था. भारी हथियारों से लैस सैनिकों और पुलिस ने संसद भवन की घेराबंदी कर दी थी. हालांकि सांसदों ने अवरोध तोड़ते हुए भीतर पहुंचकर सर्वसम्मति से मार्शल लॉ हटाने के पक्ष में मतदान किया था, जिसके बाद आपात आदेश वापस लेना पड़ा. इस घटना ने देश में गहरा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया था.

दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं
जनवरी में अभियोजकों ने यून के लिए मृत्युदंड की मांग की थी. उनका कहना था कि "असंवैधानिक और अवैध मार्शल लॉ ने नेशनल असेंबली और चुनाव आयोग के कामकाज को कमजोर किया और उदार लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास किया." हालांकि दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है और इसे व्यवहारिक रूप से मृत्युदंड पर रोक माना जाता है.

पूर्व राष्ट्रपति का साथ देने वालों पर भी कार्रवाई
अदालत ने मार्शल लॉ लागू कराने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया. पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को इस योजना की केंद्रीय भूमिका और सेना को सक्रिय करने के लिए 30 साल की जेल की सजा दी गई.

यून को पिछले महीने गिरफ्तारी का विरोध करने, मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर करने और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक किए बिना आपात आदेश जारी करने के मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई गई थी.

पूर्व प्रधानमंत्री को अन्य केस में पाया गया दोषी
सियोल सेंट्रल कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक सू समेत दो अन्य कैबिनेट सदस्यों को भी अलग मामलों में दोषी ठहराया. हान डक सू को 23 साल की सजा दी गई है. उन पर आरोप था कि उन्होंने कैबिनेट बैठक के जरिए आदेश को वैध ठहराने, रिकॉर्ड में हेरफेर करने और शपथ के तहत झूठ बोलने की कोशिश की. उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है.

admin

Related Posts

जंगी माहौल में ईरान को भूकंप का सामना, 5.5 तीव्रता और सुरक्षा सवाल उठाए

तेहरान  दक्षिणी ईरान में गुरुवार को 5.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता का माहौल बन गया. जर्मनी के भू-विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने बताया…

ओम बिरला के AI वीडियो पर कार्रवाई, कांग्रेस के 8 नेताओं को जवाब देने के लिए नोटिस

 नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के AI वीडियो प्रकाशित करने के आरोप में लोकसभा विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस जारी किया है. नोटिस में तीन दिनों…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

ग्रुप स्टेज में अपराजित वेस्टइंडीज, इटली को हराकर सुपर-8 से पहले भेजा संदेश

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 0 views
ग्रुप स्टेज में अपराजित वेस्टइंडीज, इटली को हराकर सुपर-8 से पहले भेजा संदेश

20वें ओवर के सुपरहिट बल्लेबाज बने रिंकू सिंह, सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड किया पार

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 0 views
20वें ओवर के सुपरहिट बल्लेबाज बने रिंकू सिंह, सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड किया पार

वर्ल्ड कप में भारत का दमदार प्रदर्शन, नीदरलैंड्स चारों खाने चित

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 2 views
वर्ल्ड कप में भारत का दमदार प्रदर्शन, नीदरलैंड्स चारों खाने चित

सुपर-8 मुकाबलों का ऐलान, टीम इंडिया किन-किन से और कब खेलेगी?

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 3 views
सुपर-8 मुकाबलों का ऐलान, टीम इंडिया किन-किन से और कब खेलेगी?

वतन लौटते ही कप्तान का गुस्सा छलका, पाक हॉकी टीम के खिलाड़ी मैदान पर बर्तन मांजते पाए गए

  • By admin
  • February 18, 2026
  • 2 views
वतन लौटते ही कप्तान का गुस्सा छलका, पाक हॉकी टीम के खिलाड़ी मैदान पर बर्तन मांजते पाए गए

शिवम-हार्दिक के दम पर भारत मजबूत, नीदरलैंड के सामने 194 रन की चुनौती

  • By admin
  • February 18, 2026
  • 2 views
शिवम-हार्दिक के दम पर भारत मजबूत, नीदरलैंड के सामने 194 रन की चुनौती