भोपाल
परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब हाल ही में लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में आए सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन सिंह और शरद जायसवाल से पूछताछ में 50 से ज्यादा बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है. इन संपत्तियों के नाम पर 30 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनसे जल्द ही पूछताछ की जाएगी.
सौरभ शर्मा केस में चौंकाने वाला खुलासा
दरअसल लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा की 50 से ज़्यादा संपत्तियों का खुलासा किया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शामिल हैं. जांच में पता चला कि सौरभ ने अपने करीबियों के नाम पर कई संपत्तियां रजिस्टर्ड करवा रखी थीं. लोकायुक्त ने 30 से ज़्यादा लोगों को नोटिस भेजा है, जिनसे पूछताछ की जाएगी. सौरभ शर्मा की रिमांड 4 फरवरी को खत्म हो रही है, ऐसे में जांच में और भी पेचीदगियां सामने आने की उम्मीद है. यह मामला अब एक बड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है.
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में मिले दस्तावेज
छापेमारी के दौरान सौरभ के घर और दफ्तर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं. इनमें से ज्यादातर संपत्तियां उसके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर हैं, हालांकि इनकी असली रजिस्ट्रियां सौरभ के पास ही मिलीं. कई संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दूसरे लोगों के नाम पर की गई थी.
4 फरवरी को खत्म हो रही सौरभ की रिमांड
बता दें कि लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ से इन संपत्तियों के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसने इनमें अपना नाम होने से इनकार किया. जांच में सहयोग न करने पर 30 लोगों को नोटिस भेजा गया है. 4 फरवरी को सौरभ की रिमांड खत्म होने के बाद लोकायुक्त फिर से रिमांड की मांग कर सकता है.
क्या है मामला
दरअसल लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा की 50 से ज्यादा संपत्तियों का खुलासा किया है। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर शहरों की संपत्तियां शामिल हैं। जांच में पता चला है कि सौरभ ने कई संपत्तियां अपने करीबियों के नाम पर रजिस्टर्ड करवा रखी हैं। इस लिस्ट में 30 से ज्यादा करीबियों के नाम हैं। मामले में सभी को नोटिस भेजा गया है। इन सभी से पूछताछ की जाएगी। बता दें कि सौरभ शर्मा की रिमांड कल 4 फरवरी मंगलवार को खत्म हो जाएगी। लेकिन सौरभ इन संपत्तियों को लेकर जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। जिसके बाद लोकायुक्त ने 30 लोगों को नोटिस भेजा है।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में मिले दस्तावेज
बता दें कि छापेमारी के दौरान सौरभ के घर और दफ्तर से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इनमें से ज्यादातर संपत्तियां उसके रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर हैं। लेकिन ऑरिजनल रजिस्ट्री सौरभ के पास ही मिली हैं। सौरभ की कई संपत्तियों की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दूसरे लोगों के नाम पर की गई थीं।
कल खत्म हो जाएगी या बढ़ेगी सौरभ की रिमांड?
बता दें कि सौरभ शर्मा की 7 दिन की रिमांड कल 4 फरवरी मंगलवार को खत्म हो जाएगी। जिसके बाद तीनों सौरभ, चेतन और शरद को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में लगातार हो रहे खुलासे के बाद संभावना यही है कि लोकायुक्त पुलिस सौरभ, चेतन और शरद की रिमांड और बढ़ा सकती है।
प्रॉपर्टी की बिक्री पर लग चुकी है रोक
सौरभ शर्मा के ठिकानों से जब्त हुए प्रॉपर्टी को खुर्द-बुर्द करने से बचाने के लिए लोकायुक्त ने जिला पंजीयकों को पहले ही पत्र लिख दिया है। दस्तावेजों में मिली प्रत्येक प्रापर्टी की जानकारी पंजीयकों को उपलब्ध करवा दी गई है ताकि उनकी दोबारा से रजिस्ट्री नहीं करवाई जा सके। शरद जायसवाल और चेतन सिंह ने किसी प्रकार के खुलासे नहीं किए हैं। हर महीने आता था 4 लाख किराया लोकायुक्त पुलिस सूत्रों ने बताया कि सौरभ शर्मा के पास हर महीने 4 लाख रुपये किराया आता था। यह जानकारी सौरभ ने पूछताछ के दौरान पुलिस को दी है। यह किराया उसकी प्रापर्टियों से मिल रहा था। ग्वालियर में स्थित प्रापर्टी का किराया लेने के लिए उसने कर्मचारी नियुक्त कर रखा था। यह कर्मचारी किराया वसूल कर सौरभ को भेजता था।
सौरभ की बढ़ सकती है रिमांड
सौरभ शर्मा समेत उसके तीनों सहयोगियों की रिमांड अवधि 4 फरवरी तक है। पूछताछ के दौरान सौरभ ने प्रापर्टी खरीदने के लिए फायनेंस करने वालों के नामों का खुलासा नहीं किया है। इसके साथ ही लोकायुक्त के ऐसे दर्जनों सवाल हैं, जिनके जवाब उसने नहीं दिए हैं। इसलिए अब लोकायुक्त पुलिस उसकी रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन लगा सकती है।










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