लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें
प्रधानमंत्री मोदी ने जबलपुर के छात्र आयुष के प्रश्न पर दिया जवाब
स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री मोदी के परीक्षा मंत्र
प्रदेश के विद्यालयों में हुआ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, शासकीय सुभाष स्कूल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
भोपाल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्यापन की स्पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्टर पहले से पढें, अध्ययन करें जो शिक्षक भविष्य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्य बैठाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
2018 से लगातार हो रहा आयोजन
प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्न संचार माध्यमों पर किया गया।
जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री सिंह
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं।
शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में राज्य स्तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्ट जनों, वरिष्ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण केके द्विवेदी सहित कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्त संचालक एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे।
प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्थापित की गई थी।
9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी देश के विभिन्न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्न संचार माध्यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।









