प्रधानमंत्री मोदी को साइप्रस में मिला सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय साइप्रस के दौरे पर हैं, जहां साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने सोमवार को पीएम मोदी को साइप्रस ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है. पीएम ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर खुशी जताई है. इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, 'ये अवॉर्ड 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.'

साइप्रस का सर्वोच्च सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने खुशी जताई है. पीएम ने एक्स पर लिखा, साइप्रस के 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III' का सम्मान पाकर मैं बहुत खुश हूं. मैं इसे हमारे देशों के बीच मित्रता को समर्पित करता हूं.

इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा, 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मान के लिए आपका, साइप्रस सरकार और लोगों का आभार व्यक्त करता हूं. ये सम्मान मेरा अकेले नहीं है, बल्कि ये 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है. ये हमारे देश के भाईचारे और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा का सम्मान है.'

PM ने आगे कहा,  'मैं ये अवॉर्ड भारत और साइप्रस के मैत्रीपूर्ण संबंधों, हमारे साझा मूल्यों और हमारी पारंपरिक समझ को समर्पित करता हूं. मैं सभी भारतीयों की ओर से इस सम्मान को कृज्ञता से स्वीकार करता हूं. ये अवॉर्ड शांति, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है.' 

इससे पहले पीएम मोदी ने भारत-साइप्रस व्यापार गोलमेज बैठक को संबोधित किया और साइप्रस के राष्ट्रपति का आभार जताया. पीआईबी के अनुसार पीएम ने अपने संबोधन में कहा, 'सबसे पहले मैं राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि आज वो स्वयं एयरपोर्ट पर मुझे रिसीव करने के लिए आए थे. बिजनेस लीडर के साथ इतना बड़ा राउंड टेबल उन्होंने ऑर्गेनाइज किया, मैं इसके लिए बहुत आभारी हूं. उन्होंने मेरे लिए और हमारी पार्टनरशिप के लिए जो सकारात्मक विचार रखे हैं, मैं इसके लिए भी आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं.'

23 सालों बाद भारत के PM का साइप्रस दौरा

PM ने कहा कि 23 वर्षों के बाद भारत के प्रधानमंत्री का साइप्रस में आना हुआ है और सबसे पहला कार्यक्रम बिज़नेस राउंड टेबल का हो रहा है. ये एक संकेत है कि भारत और साइप्रस के संबंधों में आर्थिक जगत से जुड़े लोगों का कितना महत्व है. आपके विचारों को मैंने बहुत गौर से सुना है. भारत साइप्रस आर्थिक संबंधों के लिए आपके प्रतिबद्धता को मैंने महसूस किया है. आपके विचारों में सिर्फ संभावना ही नहीं, संकल्प को भी मैं महसूस कर रहा हूं. यह स्पष्ट है कि हमारे संबंधों में आगे बढ़ने की अपार-अपार संभावनाएं हैं.

 

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