गुजरात में नगरपालिका चुनावों में कुल 210 निर्विरोध चुने गए मुस्लिम उम्मीदवारों में 10% बीजेपी के

अहमदाबाद
 ना दूरी है ना खाई है, मोदी हमारा भाई है… पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने यह नारा दिया था। तब गुजरात में 29 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता बीजेपी के साथ आ गए थे। सर्वे एजेंसी सीएसडीएस-लोकनीति ने यह दावा किया था। अब गुजरात के निकाय चुनावों के परिणाम बता रहे हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर सर्वे एजेंसी के अनुमान में काफी दम है। गुजरात में बीजेपी ने नगर निकाय के 82 मुस्लिम उम्मीदवारों को जिताकर इतिहास रच दिया है। ये जीत 66 नगरपालिका चुनावों में हुई है। इससे उत्साहित बीजेपी के अंदर इस बात पर गंभीरता से मंथन शुरू हो गया कि क्या विधानसभा चुनावों में भी मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए जाएं। ऐसा हुआ तो गुजरात में किसी अल्पसंख्यक उम्मीदवार को चुनाव मैदान में नहीं उतारने की बीजेपी की परंपरा टूट सकती है।
पसमांदा मुसलानों से जुड़ने की पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 की भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पसमांदा मुसलमानों से संपर्क की जरूरत बताई थी। उसी वर्ष भोपाल की एक रैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि कैसे अगड़े मुसलमान अपने ही समुदाय के पिछड़े मुसलमानों यानी पसमांदाओं का शोषण करते हैं और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखते हैं। सरकारी संस्था नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन (एनएसएसओ) के अनुसार मुस्लिमों में ओबीसी जनसंख्या 40.7 प्रतिशत है। देश के कुल पिछड़े समुदाय की जनसंख्या में पसमांदा मुसलमानों की हिस्सेदारी 15.7 प्रतिशत है।

कहां-कहां मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा?

विभिन्न सर्वे और रिपोर्ट बताते हैं कि लोकसभा की 65 सीटों पर 30 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं और प्रत्याशियों की किस्मत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि 92 सीटों पर 20 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं। इनमें 41 सीटों पर 21 से 30 प्रतिशत, 11 सीटों पर 41 से 50 प्रतिशत, 24 सीटों पर 31 से 40 प्रतिशत और 16 सीटों पर 50 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, कर्नाटक, असम जैसे राज्यों में मुस्लिम मतदाता काफी असरदार माने जाते हैं।

ये नतीजे दिखाते हैं कि अल्पसंख्यक आबादी अब बीजेपी के साथ मजबूती से खड़ी है। विपक्ष ने समान नागरिक संहिता, तीन तलाक और वक्फ जैसे मुद्दों पर हंगामा खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।

मुसलमानों से संपर्क की चौतरफा पहल

प्रधानमंत्री की अपील पर भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनावों में मुसलमान मतदाताओं से संपर्क साधने की बहुस्तरीय योजना बनाई। पार्टी ने हजारों 'स्नेह संवाद' कार्यक्रम किए जिनमें बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने देशभर में करीब 1.5 हजार विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। इन कार्यकर्मों के जरिए 50 लाख से ज्यादा मुसलमानों से बातचीत की गई। दूसरी तरफ, सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों के मुसलमानों को 'मोदी मित्र' बनाने की पहल हुई। इस पहल के तहत हर सीट पर 2,000 से ज्यादा मुस्लिम मोदी मित्र बनाए गए। फिर बूथ मैनेजमेंट में मुसलमानों की भागीदारी बढ़ाई गई। 'ना दूरी है ना खाई है, मोदी हमारा भाई है' के नारे से मुसलमानों को बीजेपी के करीब लाने का प्रयास किया गया।

मुसलमानों से बीजेपी की बातचीत

बीजेपी ने इन सभी कार्यक्रमों में मुसलमानों को बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा सरकार ने मुस्लिम समुदाय का चौतरफा कल्याण किया है। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से आजादी दिलाने के लिए कानून बनाना हो या गरीब कल्याण की योजनाओं में बिना भेदभाव के मुस्लिम आबादी से ज्यादा हिस्सेदारी देना, मोदी सरकार ने मुस्लिम समुदाय के उत्थान की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुसलमानों को यह भी बताया गया कि कांग्रेस शासन के लंबे वक्त में मुसलमानों की कैसी दुर्दशा हुई, इसका प्रमाण कांग्रेस सरकार में बनी सच्चर कमिटी की रिपोर्ट में ही मिला है।

मुसलमान और बीजेपी: क्या कहते हैं आंकड़े?

ऐसा नहीं है कि मुसलमान बीजेपी को वोट करते ही नहीं हैं। सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटी (सीएसडीएस) के मुताबिक 2014 के चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर करीब 8.5 प्रतिशत मुस्लिम वोट भाजपा के पक्ष में गया था। भाजपा को इससे पहले मुसलमानों का इतना ज्यादा समर्थन कभी नहीं मिला था। 2014 से पहले भाजपा को सबसे ज्यादा सात प्रतिशत मुस्लिमों का समर्थन 2004 में मिला था। रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 में बीजेपी को तीन प्रतिशत मुस्लिमों ने वोट किया था। 1998 को लोकसभा चुनावों में 5 प्रतिशत जबकि 1999 में 6 प्रतिशत मुसलमानों ने बीजेपी का पक्ष लिया था।
मुस्लिम वोट बैंक का आकर्षण

भारतीय राजनीति में मुसलमान हमेशा के आकर्षक वोट बैंक बने रहे हैं। वर्ष 1980 तक यह वोट बैंक कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा रहा था। फिर यह कांग्रेस से छिटका तो राज्य स्तर पर क्षेत्रीय दलों का दामन थामता चला गया। मंडल-कमंडल की राजनीति के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का उभार हुआ तो मुस्लिम मतदाता उनके साथ जुड़ गए। इसी तरह, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, कर्नाटक में कभी कांग्रेस तो कभी जनता दल (सेकुलर) का दामन थाम लिया।

मुसलमानों में बीजेपी को हराने की जिद

फिर चुनाव दर चुनाव यह धारणा पुष्ट होती चली गई कि मुसलमान किसी का सगा नहीं है, बस उसके जेहन में एक ही बात कौंधती रहती है कि बीजेपी को कौन परास्त कर सकता है। जिस पार्टी और उम्मीदवार में बीजेपी को हराने की ताकत दिखी, मुसलमानों ने उसका पक्ष लिया। लेकिन पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव में मुस्लिम मतदाताओं के दबदबे वाली कुंदरकी सीट पर बीजेपी प्रत्याशी के विजय ने बड़ा संकेत दिया। यह इसलिए लोकसभा चुनावों में बीजेपी को उत्तर प्रदेश के सिर्फ 2 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं ने भाजपा का समर्थन किया था। अब गुजरात निकाय चुनावों में बीजेपी के मुस्लिम उम्मीदवारों की बड़ी सफलता ने कुंदरकी विधानसभा सीट से मिले संदेश को संभवतः और स्पष्ट कर दिया है।

इस प्रदर्शन को देखते हुए, भविष्य में बीजेपी में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए चीजें बदल सकती हैं। हां, पार्टी उन सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को उतार सकती है जहां मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा है। कुछ सीटें ऐसी हैं जहां भविष्य में मुस्लिम उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं।

admin

Related Posts

बुलडोजर राजनीति पर Abhishek Banerjee का वार—पश्चिम बंगाल में नहीं मिलेगी एंट्री

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की बुलडोजर शैली की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। अपने…

कांग्रेस नेता सतीशन पर बड़ा दावा: जीत के लिए RSS से मांगी थी मदद

कोच्चि संघ के एक जाने-माने नेता आर.वी. बाबू ने शनिवार को दावा किया कि यूडीएफ के चेयरमैन और कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने 2001 और 2006 में राज्य विधानसभा चुनाव…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

आरसीबी ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराया, कोहली की बेहतरीन पारी और देवदत्त का जोरदार प्रदर्शन

  • By admin
  • March 29, 2026
  • 1 views
आरसीबी ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराया, कोहली की बेहतरीन पारी और देवदत्त का जोरदार प्रदर्शन

ईशान का अर्धशतक, हैदराबाद का बड़ा स्कोर—RCB के सामने 202 रन की चुनौती

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 1 views
ईशान का अर्धशतक, हैदराबाद का बड़ा स्कोर—RCB के सामने 202 रन की चुनौती

IPL 2026: 200 विकेट क्लब में एंट्री के करीब भुवनेश्वर कुमार, क्या आज बनेगा इतिहास?

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 3 views
IPL 2026: 200 विकेट क्लब में एंट्री के करीब भुवनेश्वर कुमार, क्या आज बनेगा इतिहास?

आईपीएल 2026 बना बड़ा मौका, टीम इंडिया सिलेक्शन पर खुलकर बोले अंगकृष रघुवंशी

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 2 views
आईपीएल 2026 बना बड़ा मौका, टीम इंडिया सिलेक्शन पर खुलकर बोले अंगकृष रघुवंशी

सीजन शुरू होने से पहले बड़ा अपडेट: MS Dhoni और Pat Cummins समेत ये खिलाड़ी नहीं खेलेंगे शुरुआती मैच

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 2 views
सीजन शुरू होने से पहले बड़ा अपडेट: MS Dhoni और Pat Cummins समेत ये खिलाड़ी नहीं खेलेंगे शुरुआती मैच

बांगलादेश का फैसला, IPL टेलीकास्ट पर लगा बैन हटा, IND के साथ सीरीज को देखते हुए

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 3 views
बांगलादेश का फैसला, IPL टेलीकास्ट पर लगा बैन हटा, IND के साथ सीरीज को देखते हुए