केंद्र की तय डेडलाइन से पहले ही मध्यप्रदेश की भूमि से नक्सलियों का हुआ सफाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने लगभग 35 साल नक्सलवाद का दंश झेला। यह एक बड़ी चुनौती थी, पर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और नक्सल विरोधी अभियान में शामिल जवानों की प्रतिबद्धता से 11 दिसंबर 2025 को नक्सलवाद प्रदेश के नक्शे से पूरी तरह मिटा दिया गया। यह दिन प्रदेश में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को समूल खत्म करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। नक्सलवाद और लाल आतंक देश के हर हिस्से में विकास आधारित गतिविधियों में बाधक था। इससे आम नागरिकों में इसके कारण भय का माहौल होता था। ऐसे में नक्सलियों और नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने बालाघाट में अंतिम दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया और मध्यप्रदेश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया। अब इससे प्रभावित क्षेत्रों में विकास को एक नई दिशा और एक नई रफ्तार मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में विकास को गति देने के लिए मध्यप्रदेश में दशकों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से खत्म करना अति आवश्यक था। मध्यप्रदेश ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय डेडलाइन से करीब साढ़े तीन महीने पहले ही यह ऐतिहासिल उपलब्धि हासिल कर ली है। नक्सलवादियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) में 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने समर्पण कर विकास की धारा से जुड़ना स्वीकार किया है। वहीं, प्रदेश में वर्ष 2025 में 10 हार्डकोर माओवादियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता का श्रेय राज्य के बहादुर पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षाबलों को दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष योजना बनाई है। साथ ही प्रदेश में अब एक ऐसा तंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिससे दोबारा मध्यप्रदेश की धरती पर नक्सलवादी या अन्य अतिवादी मूवमेंट खड़े न हो पाएं। इसके लिए सभी पड़ोसी राज्यों के साथ भी जरूरी समन्वय किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में वर्ष 1988-90 से नक्सली गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। नक्सलियों ने आम नागरिकों को डरा-धमकाकर परेशान किया और सरकार के विकास कार्यों में भी रुकावटें डालीं। नक्सली पुलिस की बसों को भी आग के हवाले कर देते थे। नक्सलियों ने विपक्षी दल की सरकार में मंत्री रहे श्री लिखीराम कावरे की बालाघाट जिले में उनके घर से निकालकर सरेआम हत्या कर दी थी। प्रदेश में 35 सालों के लंबे समय तक नक्सलियों से संघर्ष जारी रहा, जिसमें कई आम नागरिक और पुलिस व सुरक्षाबलों के जवानों को अपने प्राण गंवाने पड़े।

नक्सलवाद उन्मूलन अभियान के कुछ प्रमुख तथ्य
    मध्यप्रदेश में वर्ष 1988 से 1990 के बीच नक्सल गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में मंडला, डिंडौरी और बालाघाट नक्सल प्रभावित जिले रहे।
    राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के लिए विशेष सहयोगी  दस्ते के 850 पद स्वीकृत किए।
    नक्सलियों को हथियार डालकर जीवन से जुड़ने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने 'पुनर्वास  से पुनर्जीवन' अभियान प्रारंभ किया।
    सरकार की इसी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दिसंबर 2025 में करीब 2.36 करोड़ रुपए की इनामी राशि वाले 10 नक्सलियों ने पुलिस लाईन, बालाघाट में सरेंडर कर दिया।
    11 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश ने 35 वर्षों से चले आ रहे लाल आतंक को समाप्त कर नक्सल मुक्त बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
    वर्ष 2025 में नक्सल विरोधी अभियानों में 16 मुठभेड़ों/एक्सचेंज ऑफ फायर में 13 हार्डकोर नक्सली मारे गए और एक की गिरफ्तारी हुई।
    जून 2025 में बालाघाट में हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए, इनमें 3 महिलाएं शामिल थीं। इनके  कब्जे से ऑटोमैटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट पहुंचकर नक्सलियों का खात्मा करने वाले पुलिस के सिपाहियों और अधिकारियों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया।
    नक्सल विरोधी अभियान में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन कर नक्सलवाद की दशकों से चली आ रही समस्या का सफाया कर दिया।

 

admin

Related Posts

मौसम अपडेट: ग्वालियर-दतिया, रीवा में कोहरा, 8 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जगह हल्की बूंदाबांदी जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से कई जिलों में घना कोहरा, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश देखी…

ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर भारत: ई-हाइवे से घटेगी तेल पर निर्भरता, EV इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा

सागर देश में बिछाए जा रहे नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस वे के जाल बाद अब सरकार ग्रीन और इलेक्ट्रिक नेशनल हाइवे बनाने पर फोकस करेगी. सरकार आगामी बजट में नीतिगत…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

क्रिकेट का नया चमत्कार! वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में लाने का वक्त, वर्ल्ड क्रिकेट में छाने को बेताब

  • By admin
  • January 31, 2026
  • 0 views
क्रिकेट का नया चमत्कार! वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में लाने का वक्त, वर्ल्ड क्रिकेट में छाने को बेताब

जयसूर्या का नया सफर: श्रीलंका से रिटायर होकर USA टीम जॉइन, T20 वर्ल्ड कप में करेंगे कमाल

  • By admin
  • January 31, 2026
  • 0 views
जयसूर्या का नया सफर: श्रीलंका से रिटायर होकर USA टीम जॉइन, T20 वर्ल्ड कप में करेंगे कमाल

सीरीज का क्लाइमेक्स मैच: सैमसन की लय और अक्षर की सेहत तय करेगी भारत की रणनीति

  • By admin
  • January 31, 2026
  • 1 views
सीरीज का क्लाइमेक्स मैच: सैमसन की लय और अक्षर की सेहत तय करेगी भारत की रणनीति

जोकोविच vs अल्कारेज फाइनल सेट! ऑस्ट्रेलियन ओपन में सिनर को दी करारी शिकस्त

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
जोकोविच vs अल्कारेज फाइनल सेट! ऑस्ट्रेलियन ओपन में सिनर को दी करारी शिकस्त

हेनरी ने खोला गेम प्लान — ‘अभिषेक पर दबाव बनाना हमारे लिए सबसे अहम’

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
हेनरी ने खोला गेम प्लान — ‘अभिषेक पर दबाव बनाना हमारे लिए सबसे अहम’

टाटा स्टील मास्टर्स: युवा सितारे गुकेश का मुकाबला अनुभवी अरविंद चिदंबरम से

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 2 views
टाटा स्टील मास्टर्स: युवा सितारे गुकेश का मुकाबला अनुभवी अरविंद चिदंबरम से