मिशन शक्ति 5.0 : साइक्लोथॉन, घर-घर जागरूकता अभियान और सोशल मीडिया कैम्पेन ने सर्व समाज को अभियान से जोड़ा

नवरात्रि के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में भी चलाए जा रहे जागरूकता अभियान

विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अबतक 3 लाख से अधिक लोगों तक बनाई पहुंच

योगी सरकार ने बदली समाज की मानसिकता, महिला और बच्चों की सुरक्षा सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी

जनसंख्या अनुपात, जन्म/मृत्यु दर, लिंगानुपात, स्कूल ड्रॉपआउट, बाल विवाह पर लोगों को किया जा रहा जागरूक

लैंगिक शोषण, संस्थागत प्रसव, साक्षरता दर और महिलाओं व बच्चों के प्रति होने वाली हिंसा पर हो रही चर्चा

लखनऊ,

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 22 सितम्बर 2025 से शुरू किया गया “मिशन शक्ति 5.0” अब सिर्फ एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जनआंदोलन का रूप ले चुका है। यह 90 दिनों का विशेष अभियान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के साथ ही समाज में स्थायी बदलाव लाने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है।

उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 न सिर्फ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और सम्मान को मजबूत कर रहा है, बल्कि समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत कर रहा है। इसे अब एक पूर्ण जनआंदोलन कहा जा सकता है, जिसने हर वर्ग के लोगों को अभियान का हिस्सा बना लिया है।

समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव का संदेश भी दे रहा मिशन शक्ति- 5.0 अभियान
अभियान की खासियत यह है कि यह केवल योजनाओं की श्रृंखला नहीं बल्कि समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव का संदेश भी है। इसके तहत साइक्लोथॉन, घर-घर जागरूकता अभियान और सोशल मीडिया कैम्पेन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोगों की सहभागिता अभूतपूर्व रही है। जिलाधिकारी स्तर से लेकर ग्राम प्रधान तक के नेतृत्व में आयोजित ये गतिविधियाँ यह स्पष्ट कर रही हैं कि महिला और बच्चों की सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है।

साइक्लोथॉन में बड़ी संख्या में शामिल हो रहे महिलाएं, बच्चियां और युवा
सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में आयोजित साइक्लोथॉन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चियां और युवा शामिल हुए। इसमें महिलाओं और बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण संकेतकों जैसे जनसंख्या अनुपात, जन्म/मृत्यु दर, लिंगानुपात, स्कूल ड्रॉपआउट, बाल विवाह, लैंगिक शोषण, संस्थागत प्रसव, साक्षरता दर और महिलाओं व बच्चों के प्रति होने वाली हिंसा पर चर्चा की जा रही है। इन संकेतकों को आम जन के बीच लाकर सुधार की दिशा में कदम उठाने का संदेश भी दिया जा रहा है।
 
नवरात्रि के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में भी चलाए जा रहे जागरूकता अभियान
नवरात्रि के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में मोबाइल वैन, कैनोपी और स्टॉल लगाकर जागरूकता फैलायी जा रही है। इन स्थलों पर लोगों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्युपरांत निराश्रित पेंशन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य केवल योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं, बल्कि आमजन को यह समझाना था कि सरकारी योजनाओं की सफलता समाज की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर है।

विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अबतक 3 लाख से अधिक लोगों तक बनाई पहुंच
बीते 22 सितम्बर से अब तक अभियान के तहत चलाए गए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 3 लाख से अधिक लोगों तक पहुँच सुनिश्चित की जा चुकी है। इसमें बड़ी संख्या में बच्चियां, महिलाएं और बुजुर्ग महिलाएं शामिल हुई हैं। समाज की सक्रिय भागीदारी ने मिशन शक्ति 5.0 को केवल सरकारी आयोजन से आगे बढ़ाकर सामाजिक जनआंदोलन बना दिया है। अभियान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है- नारी और नौनिहाल सुरक्षित, तो प्रदेश की प्रगति निश्चित। सीएम योगी के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 ने अब तक यह साबित करने में सफल रहा है कि जब समाज स्वयं सक्रिय होता है और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भाग लेता है, तभी बदलाव वास्तविक और स्थायी बन सकता है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं बल्कि सोच और व्यवहार में स्थायी बदलाव का प्रयास है। हमारा लक्ष्य है कि हर महिला और बच्चा बिना भय और भेदभाव के, पूरी गरिमा के साथ जीवन जी सके और अपनी बात समाज और सरकार तक पहुँचा सके।

महिला कल्याण निदेशक संदीप कौर ने बताया कि विभाग ने मिशन शक्ति 5.0 की गतिविधियों को इस तरह संयोजित किया है कि यह केंद्र और ब्लॉक स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक सभी गतिविधियों को योजना बद्ध रूप से जनसामान्य तक पहुँचाने वाला अभियान बने। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जागरूकता की यह धारा हर घर तक पहुँचे और लाभार्थियों की सरकारी योजनाओं तक पहुँच सुनिश्चित हो।

admin

Related Posts

जालोर में योगी का संबोधन: जौहर को आत्मसम्मान का तेज बताया, बंदरों की मिसाल देकर लोभ छोड़ने की सीख

जालोर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जालोर के प्रसिद्ध सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित महायज्ञ में शिरकत की।…

Government Offers Incentives with a 50% Subsidy; Floriculture Forges a New Identity for Farmers

  सरकारी योजनाओं का असर: पारंपरिक खेती छोड़ किसान अपना रहे हैं जरबेरा जैसी उच्च लाभ वाली खेती लखनऊ, योगी सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

अब भी भरोसा नहीं होता… Sanju Samson ने बताया T20 वर्ल्ड कप के बाद क्या सोचते हैं हर सुबह

  • By admin
  • March 16, 2026
  • 1 views
अब भी भरोसा नहीं होता… Sanju Samson ने बताया T20 वर्ल्ड कप के बाद क्या सोचते हैं हर सुबह

सैमसन की सफलता पर द्रविड़ का बड़ा बयान, बोले- दबाव में ऐसा खेलना आसान नहीं

  • By admin
  • March 16, 2026
  • 2 views
सैमसन की सफलता पर द्रविड़ का बड़ा बयान, बोले- दबाव में ऐसा खेलना आसान नहीं

गावस्कर का बड़ा बयान: पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैसा देना भारतीयों के खिलाफ योगदान

  • By admin
  • March 16, 2026
  • 1 views
गावस्कर का बड़ा बयान: पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैसा देना भारतीयों के खिलाफ योगदान

5 बार की चैंपियन Mumbai Indians ने IPL 2026 के लिए भरी हुंकार, प्रैक्टिस शुरू, जल्द आएंगे रोहित, हार्दिक और बुमराह

  • By admin
  • March 16, 2026
  • 3 views
5 बार की चैंपियन Mumbai Indians ने IPL 2026 के लिए भरी हुंकार, प्रैक्टिस शुरू, जल्द आएंगे रोहित, हार्दिक और बुमराह

RCB फैन्स का उत्सव, बेंगलुरु में IPL आयोजन के लिए मिली मंजूरी

  • By admin
  • March 16, 2026
  • 2 views
RCB फैन्स का उत्सव, बेंगलुरु में IPL आयोजन के लिए मिली मंजूरी

चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद IPL 2026 की मुश्किलें बढ़ीं, BCCI को शेड्यूल में करना पड़ सकता है बदलाव

  • By admin
  • March 16, 2026
  • 1 views
चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद IPL 2026 की मुश्किलें बढ़ीं, BCCI को शेड्यूल में करना पड़ सकता है बदलाव