आगर-मालवा के कालीसिंध नदी किनारे चमत्कारी मंदिर, जहां जलता है पानी से दीया

भारत में बहुत से प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर है. जिसके चलते भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है. इन मंदिरों में घटने वाली रहस्यमयी घटनाओं की गुत्थी आज तक कोई भी नहीं सुलझा पाया है. लेकिन इन अनोखे रहस्यों के चलते ये मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है और यहां देश-विदेश से लोग दर्शन करने के लिए आते रहते हैं. ऐसा ही एक चमत्कारी और रहस्यमयी मंदिर है. जहां सालों से सिर्फ पानी से ही दीपक जलाया जाता है. आपके मन में भी ये सवाल उठ रहा होगा कि यह कैसे संभव हो सकता है, लेकिन ऐसा होता है और इस चमत्कारी घटना को देखने के लिए रोजाना बहुत से भक्त इस मंदिर में आते हैं.

कहा है यह मंदिर?
यह मंदिर मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कालीसिंध नदी के किनारे आगर-मालवा के नलखेड़ा गांव से करीब 15 किमी दूर गाड़िया गांव के पास स्थित है. इस मंदिर को गड़ियाघाट वाली माताजी के नाम से जाना जाता है.

बताया जाता है कि इस मंदिर में सालों से एक महाज्योति जल रही है. इस यह माता के सामन जलने वाला यह दीपक बिना किसी तेल, घी या ईंधन से जल रहा है. हैरान करने वाली बात तो यह है कि यह दीपक मंदिर के पास बहन वाली कालीसिंध नदी के पानी से जलता है. बताया जाता है कि इस मंदिर में रखे दीपक में जब पानी डाला जाता है, तो वह चिपचिपे तरल में बदल जाता है और दीपक जल उठता है.

माता ने दिया आदेश
कहा जाता है कि पहले इस मंदिर का दीपक बाकी मंदिरों की तरह तेल और घी से जलाया जाता है. लेकिन बार माता ने पुजारी को सपने में दर्शन दिए और नदी के पानी के दीपक जलाने का आदेश दिया. जिसके बाद पुजारी ने वैसा ही किया और एक दिन नदी का पानी दीपक में भरकर जैसे ही बाती को जलाया, तो जोत जलन लगी. कहां जाता है कि तब से ही मंदिर में पानी से दीपक जलाया जाता है. जब इस चमत्कार के बारे में लोगों को पता चला तब से बहुत से लोग रोजाना इस चमत्कार को देखने के लिए इस मंदिर में आते हैं.

बरसात में नहीं जतला दीपक
इस मंदिर में बरसात के मौसम में दीपक नहीं जलता है. दरअसल बरसात के दौरान कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से यह मंदिर पानी में डूब जाता है. जिसकी वजह से यहां पूजा करना संभव नहीं होता है. इसके बाद जैसे ही मंदिर से पानी नीचे जाता है और शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हौती है. तभी मंदिर में फिर से अखंड ज्योत जलाई जाती है. जोकि अगले साल वर्षाकाल तक जलती है.

  • admin

    Related Posts

    महादेव मेहरबान: महाशिवरात्रि पर इन 4 राशियों के जीवन में आएगा सुख-समृद्धि का उछाल

    हर वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह…

    महाशिवरात्रि 2026: पूजा का फल बिगड़ने से बचाने के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय करें ये 6 चीजें

     इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है. इस दिन भक्त व्रत…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    वर्ल्ड कप क्लैश में टॉस पाकिस्तान के नाम, पहले बैटिंग कर भारत करेगा शुरुआत

    • By admin
    • February 15, 2026
    • 1 views
    वर्ल्ड कप क्लैश में टॉस पाकिस्तान के नाम, पहले बैटिंग कर भारत करेगा शुरुआत

    भारत-पाक मैच के बीच मोहसिन नकवी का बड़ा कदम, ICC से करेंगे चर्चा

    • By admin
    • February 15, 2026
    • 1 views
    भारत-पाक मैच के बीच मोहसिन नकवी का बड़ा कदम, ICC से करेंगे चर्चा

    मार्करम की तूफानी पारी, कप्तानी में सबसे तेज फिफ्टी जड़ रचा इतिहास; रोहित शर्मा के क्लब में जगह

    • By admin
    • February 15, 2026
    • 2 views
    मार्करम की तूफानी पारी, कप्तानी में सबसे तेज फिफ्टी जड़ रचा इतिहास; रोहित शर्मा के क्लब में जगह

    भारत ए महिला टीम ने दिखाया दम, पाकिस्तान ए को 59 गेंद बाकी रहते रौंदा

    • By admin
    • February 15, 2026
    • 2 views
    भारत ए महिला टीम ने दिखाया दम, पाकिस्तान ए को 59 गेंद बाकी रहते रौंदा

    वेस्टइंडीज का शानदार सफर जारी, नेपाल विश्व कप से हुआ बाहर

    • By admin
    • February 15, 2026
    • 2 views
    वेस्टइंडीज का शानदार सफर जारी, नेपाल विश्व कप से हुआ बाहर

    महामुकाबले के मद्देनज़र कोलंबो छावनी में तब्दील, पुलिस-बल तैनात, हर गतिविधि पर नजर

    • By admin
    • February 15, 2026
    • 2 views
    महामुकाबले के मद्देनज़र कोलंबो छावनी में तब्दील, पुलिस-बल तैनात, हर गतिविधि पर नजर