जस्टिस शेखर यादव के महाभियोग प्रस्ताव पर फंसा पेच, एक सांसद के दो साइन

इलाहाबाद
राज्यसभा सचिवालय ने पुष्टि की है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर यादव को उनकी ‘हेटस्पीच’ के लिए पद से हटाने के संबंध में प्रस्ताव लाने का नोटिस देने वाले 55 सांसदों में से 44 सदस्यों के हस्ताक्षर का सत्यापन हो गया है जबकि कपिल सिब्बल और नौ अन्य ने अब तक अपने हस्ताक्षरों का सत्यापन नहीं किया है। सिब्बल नोटिस पर शीघ्र कार्रवाई के लिए मुखर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा सचिवालय से ऐसा कोई ईमेल नहीं मिला है, जिसमें पुष्टि की गई हो कि पिछले छह महीनों के दौरान उनके आधिकारिक ईमेल पर तीन बार नोटिस भेजा गया है।

सिब्बल ने हस्ताक्षरों के सत्यापन की आवश्यकता और मार्च में देरी से प्रक्रिया शुरू करने में पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नोटिस 13 दिसंबर 2024 को प्रस्तुत किया गया था। न्यायमूर्ति यादव को हटाने के लिए 55 सांसदों ने प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन उनमें से एक सदस्य सरफराज अहमद के हस्ताक्षर नोटिस पर दो बार दिखाई दे रहे हैं। राज्यसभा सचिवालय जांच कर रहा है कि नोटिस पर उनके हस्ताक्षर दो बार कैसे दिखाई दे रहे हैं और क्या वे जाली हैं। सूत्रों ने बताया कि झारखंड से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सांसद अहमद इस मुद्दे पर पहले ही राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मिल चुके हैं और इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने दो बार नहीं बल्कि केवल एक बार हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों ने बताया कि न्यायमूर्ति यादव को हटाने के लिए 55 विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत नोटिस पर तारीख नहीं है और ये किसी को संबोधित नहीं है।

संविधान के अनुसार उच्च न्यायापालिका के किसी न्यायाधीश को सेवा से तभी हटाया जा सकता है जब संसद के दोनों सदनों द्वारा प्रस्ताव को वर्तमान सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से मंजूरी दे दी जाए। इसके बाद राष्ट्रपति को इसे मंजूरी देनी होती है। राज्यसभा में ऐसा प्रस्ताव तभी लाया जा सकता है जब 50 सदस्यों के हस्ताक्षर हों। लोकसभा के लिए 100 सदस्यों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है।

सूत्रों के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और अब निर्दलीय राज्यसभा सदस्य सिब्बल ने पिछले छह महीनों में अपने आधिकारिक ईमेल पर तीन बार अनुस्मारक भेजने के बाद भी अब तक राज्यसभा सचिवालय के समक्ष अपने हस्ताक्षर का सत्यापन नहीं कराया है। सिब्बल ने कहा, ‘मैंने सभापति धनखड़ से कई बार मुलाकात की है, लेकिन उन्होंने न्यायमूर्ति यादव को हटाने के नोटिस पर मेरे हस्ताक्षरों के सत्यापन का मुद्दा कभी नहीं उठाया जबकि पूरी प्रक्रिया का प्रस्तुतकर्ता और शुरुआत करने वाला मैं ही हूं’’

उन्होंने यह भी कहा कि हस्ताक्षर सत्यापन की आवश्यकता तभी पड़ती है जब नोटिस पर किए गए हस्ताक्षरों पर सवाल उठाया गया हो। निर्दलीय राज्यसभा सदस्य ने देरी पर भी सवाल उठाया और कहा कि सदन के सभापति को नोटिस को स्वीकार या अस्वीकार करना चाहिए और प्रक्रिया में देरी नहीं करनी चाहिए। सिब्बल ने कहा है कि ऐसे न्यायाधीश को संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। सिब्बल ने पिछले वर्ष एक कार्यक्रम में कथित सांप्रदायिक टिप्पणी करने के लिए न्यायमूर्ति यादव को हटाने की मांग की है।

उन्होंने हस्ताक्षर सत्यापन के लिए छह महीने की अवधि निर्धारित करने पर भी सवाल उठाया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कम से कम 10 सांसदों ने अब तक राज्यसभा सचिवालय के समक्ष अपने हस्ताक्षर सत्यापित नहीं कराए हैं, जिसने उन्हें सात मार्च, 13 मार्च और एक मई को ऐसा करने के लिए अनुस्मारक भेजे हैं। पी चिदंबरम ने कहा कि मंगलवार को पहली बार उन्हें उनके हस्ताक्षर के सत्यापन के लिए भौतिक दस्तावेज (नोटिस) दिखाया गया था। चिदंबरम ने बताया कि उन्होंने अपने हस्ताक्षर सत्यापित किए लेकिन राज्यसभा सचिवालय ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

सूत्रों के मुताबिक जिन सांसदों के हस्ताक्षर सत्यापित नहीं हुए हैं और जिन्होंने अब तक राज्यसभा सचिवालय के ईमेल प्रश्नों का जवाब नहीं दिया है, उनमें आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा और संजीव अरोड़ा, तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव, केरल से कांग्रेस सदस्य जोस के मणि, अजीत कुमार भुइयां, जी सी चंद्रशेखर और फैयाज अहमद शामिल हैं। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने पिछले सत्र के दौरान सदन में इस मुद्दे पर बात की थी और पुष्टि की थी कि सांसदों के हस्ताक्षर का सत्यापन किया जाना है और प्रक्रिया चल रही है।

धनखड़ ने 21 मार्च 2025 को सदन में कहा था, ‘मैंने सभी प्रक्रियागत कदम उठाये हैं, लेकिन मैं आपके साथ एक चिंता साझा करना चाहता हूं जो मेरा ध्यान आकर्षित कर रही है। 55 सदस्यों में से, जिन्होंने इस अभ्यावेदन पर हस्ताक्षर किये थे, एक सदस्य के हस्ताक्षर दो अवसरों पर दिखाई देते हैं और संबंधित सदस्य ने अपने हस्ताक्षर से इनकार किया है।’ राज्यसभा सूत्रों ने कहा कि सदन में न्यायमूर्ति शेखर यादव को हटाने की मांग करने वाले नोटिस के संबंध में आचार समिति और विशेषाधिकार समिति द्वारा आपराधिक जांच की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि दस्तावेज पर ‘जाली’ हस्ताक्षर हैं।

 

  • admin

    Related Posts

    पीएम मोदी के आगमन से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, राष्ट्र प्रेरणा स्थल का सीएम योगी ने किया निरीक्षण

    लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रेरणा के प्रतीक राष्ट्र नायकों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल…

    लखनऊ खादी प्रदर्शनी-2025 का उद्घाटन 18 दिसंबर को

    खादी एवं ग्रामोद्योग को मिलेगा नया आयाम, मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी-2025 का आयोजन मंडल स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना लखनऊ मंडल के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    भारत को लगा झटका, बड़ा खिलाड़ी पांच मैचों की T20I श्रृंखला से बाहर

    • By admin
    • December 17, 2025
    • 1 views
    भारत को लगा झटका, बड़ा खिलाड़ी पांच मैचों की T20I श्रृंखला से बाहर

    टी20 रैंकिंग में भारत का जलवा: तिलक वर्मा ने मारी छलांग, पाक खिलाड़ी बाहर, वरुण चक्रवर्ती नंबर-1

    • By admin
    • December 17, 2025
    • 1 views
    टी20 रैंकिंग में भारत का जलवा: तिलक वर्मा ने मारी छलांग, पाक खिलाड़ी बाहर, वरुण चक्रवर्ती नंबर-1

    सपना हुआ सच: आईपीएल नीलामी में इतिहास रचते ही भावुक हुए कार्तिक शर्मा, आँखों से बह निकले आँसू

    • By admin
    • December 17, 2025
    • 2 views
    सपना हुआ सच: आईपीएल नीलामी में इतिहास रचते ही भावुक हुए कार्तिक शर्मा, आँखों से बह निकले आँसू

    इतिहास रचने वाले कप्तान पर गिरी गाज, इटली ने WC 2026 दिलाने वाले खिलाड़ी को बाहर किया

    • By admin
    • December 17, 2025
    • 1 views
    इतिहास रचने वाले कप्तान पर गिरी गाज, इटली ने WC 2026 दिलाने वाले खिलाड़ी को बाहर किया

    MP का लाल IPL में: अशोकनगर के अक्षत रघुवंशी बने लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा

    • By admin
    • December 17, 2025
    • 2 views
    MP का लाल IPL में: अशोकनगर के अक्षत रघुवंशी बने लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा

    एडिलेड में कैरी–ख्वाजा का जलवा, तीसरे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड को लगा बड़ा झटका

    • By admin
    • December 17, 2025
    • 1 views
    एडिलेड में कैरी–ख्वाजा का जलवा, तीसरे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड को लगा बड़ा झटका