लखनऊ
योगी सरकार राज्य को नवाचार और स्टार्टअप का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बजट 2026-27 के माध्यम से लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में यू-हब स्थापित करने की घोषणा की गई है। योगी सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ तकनीक आधारित उद्यमों को नई गति प्रदान करने का काम करेगी। इस हब को देश के अग्रणी नवाचार केंद्रों की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
तेलंगाना, ओडिशा, केरल और कर्नाटक में स्थापित नवाचार केंद्र की तरह ही इस यू-हब को विश्वस्तरीय नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यू-हब का उद्देश्य युवाओं के नवाचार और नए विचारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इसके माध्यम से स्टार्टअप और उद्यमियों को अपने आइडिया को व्यवसाय में बदलने के लिए जरूरी संसाधन, मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार की योजना के अनुसार यह हब प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जहां स्टार्टअप को शुरुआती स्तर से आगे बढ़ने तक हर चरण में सहयोग मिलेगा। यहां इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन, अनुसंधान, विकास और सहयोग कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही स्टार्टअप को विशेषज्ञों की मेंटोरशिप, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यू-हब की स्थापना से उत्तर प्रदेश में नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी, फिनटेक, हेल्थटेक और अन्य तकनीक आधारित क्षेत्रों में नए स्टार्टअप स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही युवाओं को पारंपरिक नौकरी की तलाश के बजाय उद्यमिता की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा।
बजट में इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलेगी और तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार को गति मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यू-हब के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, नई कंपनियां स्थापित होंगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। आने वाले समय में यू-हब उत्तर प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख स्टार्टअप मामलों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।









