CG हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला, संविदा कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश वेतन से वंचित नहीं किया जा सकता

बिलासपुर
 संविदा कर्मियों के लिए हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया कि केवल संविदा कर्मचारी होने के आधार पर मातृत्व अवकाश (Maternity leave) का वेतन देने से इनकार नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने स्टाफ नर्स को अवकाश अवधि का वेतन देने के निर्देश दिए हैं. न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने राज्य प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता द्वारा दायर मातृत्व अवकाश के वेतन संबंधी दावा पर तीन माह के भीतर नियमानुसार निर्णय लें.

न्यायालय ने कहा कि मातृत्व और शिशु की गरिमा के अधिकार को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है. इसे प्रशासनिक अधिकारियों की इच्छा पर निर्भर नहीं किया जा जा सकता. कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा मातृत्व अवकाश वेतन की मांग पर नियमानुसार तीन माह के माह के भीतर निर्णय लिया जाए.

याचिकाकर्ता राखी वर्मा, जिला अस्पताल कबीरधाम में स्टाफ नर्स के रूप में संविदा पर कार्यरत हैं. उन्होंने 16 जनवरी 2024 से 16 जुलाई 2024 तक मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया था. इसे स्वीकृत कर लिया गया. उन्होंने 21 जनवरी 2024 को एक कन्या को जन्म दिया और 14 जुलाई 2024 को पुनः ड्यूटी ज्वाइन की. इसके बावजूद, उन्हें मातृत्व अवधि का वेतन नहीं दिया गया. इससे उन्हें और उनके नवजात को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ा. उन्होंने 25 फरवरी 2025 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को वेतन की मांग का आवेदन प्रस्तुत किया. कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक ने तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2010 के नियम 38 के अंतर्गत मातृत्व अवकाश एक विधिक अधिकार है, जो संविदा कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होता है.

याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व में दिए गए कोर्ट के निर्णय का हवाला दिया, जिसमें संविदा कर्मचारियों को मातृत्व लाभ दिये जाने की पुष्टि की गई थी. उन्होंने यह भी तर्क रखा कि वेतन न देना अनुच्छेद 14 और 16 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन है, क्योंकि यह स्थायी व अस्थायी कर्मचारियों के मध्य अनुचित भेदभाव को जन्म देता है. राज्य की ओर से महाधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि याचिकाकर्ता संविदा पर नियुक्त थीं और उन्हें स्थायी कर्मचारियों की भांति लाभ प्राप्त करने का अधिकार नहीं है.

कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य मातृत्व की गरिमा की रक्षा करना है, ताकि महिला व उसके बच्चे का पूर्ण व स्वस्थ विकास हो हो सके. संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार में मातृत्व का अधिकार और प्रत्येक बच्चे के पूर्ण विकास का अधिकार भी सम्मिलित है.सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का उल्लेख करते हुए जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने कहा कि मातृत्व लाभ अधिनियम एक कल्याणकारी कानून है. और इसे केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता. कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा अवकाश नियम, 2010 के नियम 38 एवं अन्य लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार शासन को विचार करने और आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से तीन माह के भीतर इस संबन्ध में उपयुक्त निर्णय पारित करने के निर्देश दिए.

admin

Related Posts

जिला स्तरीय समिति निर्माण कार्यों की करेगी निगरानी

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण से जुड़े विभागों और ठेकेदारों की मैराथन समीक्षा बैठक ली।उन्होंने प्रोजेक्ट में…

अनियमित भुगतान का मामला: छत्तीसगढ़ में 8 पंचायत सचिव सस्पेंड, 1.19 करोड़ का घोटाला सामने

गौरेला. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने गौरेला जनपद के 8 पंचायत सचिवों द्वारा 15वें वित्त आयोग मद की कुल 1 करोड़ 19 लाख 56 हजार रुपये की अनियमित भुगतान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL से पहले आस्था का सहारा: Lucknow Super Giants संग ऋषभ पंत ने राम मंदिर में की पूजा-अर्चना

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 0 views
IPL से पहले आस्था का सहारा: Lucknow Super Giants संग ऋषभ पंत ने राम मंदिर में की पूजा-अर्चना

T20I डेब्यू पर 15 साल की क्रिकेटर ने शतक जड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 1 views
T20I डेब्यू पर 15 साल की क्रिकेटर ने शतक जड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

8000 रन से कोई बेहतर नहीं बन जाता, डिविलियर्स ने IPL पर दिया बयान

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 3 views
8000 रन से कोई बेहतर नहीं बन जाता, डिविलियर्स ने IPL पर दिया बयान

IPL से हर्षित राणा की छुट्टी, रिप्लेसमेंट के लिए KKR ने चुने 5 विकल्प

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 2 views
IPL से हर्षित राणा की छुट्टी, रिप्लेसमेंट के लिए KKR ने चुने 5 विकल्प

ड्यूक्स गेंदों की सप्लाई संकट में, मिडिल ईस्ट टेंशन से इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट पर असर, ECB ने दी सफाई

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 2 views
ड्यूक्स गेंदों की सप्लाई संकट में, मिडिल ईस्ट टेंशन से इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट पर असर, ECB ने दी सफाई

CSK जॉइन करते ही धोनी संग दिखे संजू सैमसन, बातचीत का वीडियो बना चर्चा का विषय

  • By admin
  • March 20, 2026
  • 2 views
CSK जॉइन करते ही धोनी संग दिखे संजू सैमसन, बातचीत का वीडियो बना चर्चा का विषय