कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, ईरान संकट के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना

नई दिल्ली

क्या पश्चिम एशिया में छिड़ा नया सैन्य टकराव भारतीयों की जेब पर भारी पड़ने वाला है? ईरान पर हुए ताज़ा हमले के बाद होरमुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव चरम पर है और वैश्विक तेल बाज़ार में घबराहट साफ दिख रही है. ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है और आशंका है कि हालात बिगड़े तो कीमतें 100 डॉलर के पार जा सकती हैं | 

तेल के लिए 85–90 प्रतिशत तक आयात पर निर्भर भारत के लोगों के लिए यह बड़ा प्रश्न है कि क्या यहां पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ सकते हैं? आशंका तो यह भी है कि अगर हालात जल्दी ही ठीक नहीं हुए, तो ऑयल कंपनियां भाव में 12 से 14 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं | 

एक अच्छी बात यह भी है कि भारत ने अपने तेल आयात के दूसरे विकल्पों को फिर से टटोलना शुरू कर दिया है, ताकि आम लोगों पर किसी तरह का संकट न आए. भारत में रणनीतिक पेट्रोलियम रिवर्ज का बड़ा भंडार यह आश्वासन देता है कि संभवत: देश में पेट्रोल और डीजल के दाम न बढ़ें 

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि भारत का पेट्रोलियम रिजर्व 74 दिनों की मांग पूरी कर सकता है. इसमें ISPRL की SPR कैविटी, रिफाइनरी स्टॉक और फ्लोटिंग स्टोरेज शामिल हैं. ISPRL और PIB के डेटा के अनुसार, भारत के पास 5.33 MMT क्रूड ऑयल तीन भूमिगत भंडारों में है. विशाखापट्टनम, मंगलुरु और पदुर. SPR अकेले 9-10 दिन का स्टॉक है, लेकिन सभी तेल कंपनियों का कमर्शियल स्टॉक मिलाकर कुल 70-75 दिन का बफर बनता है. तो कुल मिलाकर, शायद ऐसा संकट नहीं आएगा कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम अनियंत्रित हो जाएं. फिर भी, पेट्रोल के दाम कैसे बढ़ते हैं, इस बारे में जान लेना आवश्यक है | 
कंपनियों के हाथ में है चाबी

भारत में पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतें सरकार तय करती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह से तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के हाथ में है. जून 2010 में सरकार ने पेट्रोल की कीमतों को और अक्टूबर 2014 में डीजल की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त (De-regulate) कर दिया था. इसका मतलब कि सरकार का तेल की कीमतों पर कंट्रोल नहीं है.

अब तेल की कीमत हर सुबह 6 बजे बदलती है. 16 जून 2017 से भारत में डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग (Dynamic Fuel Pricing) लागू है. इसके तहत अब कीमतें 15 दिन में नहीं, बल्कि पिछले 15 दिनों के अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के औसत दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर हर रोज सुबह 6 बजे तय की जाती हैं | 
1 डॉलर बढ़ने पर आपकी जेब से कितना असर?

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बैरल में खरीदा जाता है, जबकि भारत में पेट्रोल-डीज़ल लीटर में बिकते हैं.
    एक बैरल में लगभग 159 लीटर कच्चा तेल होता है.
    जब कीमत 1 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती है, तो इसे 159 लीटर में बांटने पर प्रति लीटर करीब 0.006 डॉलर की बढ़ोतरी होती है.
    भारत तेल डॉलर में खरीदता है. अगर डॉलर का भाव 91 रुपये है, तो प्रति लीटर यह बढ़ोतरी लगभग 57 पैसे बैठती है.

यानी बाजार की आम धारणा के अनुसार, कच्चे तेल में 1 डॉलर की तेजी से खुदरा कीमतों में करीब 50 से 60 पैसे प्रति लीटर का इजाफा होता है. लेकिन संकट के समय अगर रुपया कमजोर होकर 92 या 93 रुपये तक पहुंच जाए, तो यह असर 65 पैसे या उससे अधिक भी हो सकता है. कच्चे तेल की तेजी और रुपये की गिरावट मिलकर ग्राहकों को दोहरा झटका देती है | 
100 डॉलर पर कितना बढ़ेगा बोझ?

    90 डॉलर प्रति बैरल: रिटेल कीमतों में करीब 5 से 6 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी संभव है.
    100 डॉलर प्रति बैरल: यह बढ़ोतरी 12 से 14 रुपये प्रति लीटर तक जा सकती है.
    110 डॉलर प्रति बैरल: पेट्रोल-डीज़ल 18 से 21 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं.

ये अनुमान केवल मूल गणित पर आधारित हैं. वास्तविक कीमतों में टैक्स जुड़ने के बाद असर और बढ़ जाता है.
पंप पर कीमत कैसे बनती है?

जब आप पेट्रोल पंप पर भुगतान करते हैं, तो आप सिर्फ तेल का पैसा नहीं दे रहे होते. भारत में पेट्रोल-डीजल की कुल कीमत का लगभग 40% से 50% हिस्सा सिर्फ टैक्स होता है| 

    बेस प्राइस: सबसे पहले कच्चे तेल की कीमत में समुद्री ढुलाई और इंश्योरेंस जैसी लागत जुड़ती है (रिफाइनरी ट्रांसफर प्राइस).
    केंद्र का टैक्स: इसके ऊपर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) जुड़ती है.
    डीलर का मुनाफा: फिर पेट्रोल पंप मालिक का कमीशन शामिल होता है.
    राज्य का टैक्स: अंत में राज्य सरकारें अपना टैक्स लगाती हैं. चूंकि यह प्रतिशत में होता है, इसलिए जैसे ही कच्चे तेल का बेस प्राइस बढ़ता है, टैक्स की राशि भी अपने आप बढ़ जाती है. यही कारण है कि हर राज्य में कीमतें अलग-अलग होती हैं. चूंकि पेट्रोल-डीजल फिलहाल GST के दायरे से बाहर हैं, इसलिए इन पर टैक्स का बोझ काफी ज्यादा रहता है.

भारत का रिजर्व आएगा काम?

स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है. भारत की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां कई बार शार्ट टर्म का झटका खुद सहकर अचानक कीमत बढ़ोतरी को टालने की कोशिश करती हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार चाहे तो उत्पाद शुल्क में कटौती कर सकती है, जैसा 2022 में किया गया था. भारत के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) भी हैं, जिनका उपयोग आपूर्ति संतुलित रखने के लिए किया जा सकता है | 

admin

Related Posts

OpenAI की मुश्किलें बढ़ी, पेंटागन डील के बाद ChatGPT अकाउंट्स की हो रही बर्खास्तगी, Claude AI को मिल रही सफलता

नई दिल्ली दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट ChatGPT के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में OpenAI द्वारा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के…

फरवरी 2026: कारों की बिक्री में वृद्धि जारी, Tata की 34% और Mahindra की 19% बढ़ी

 मुंबई  फरवरी 2026 के खत्म होते ही पैसेंजर व्हीकल्स निर्माता कंपनियों ने डीलरों को बेहतर बिक्री की जानकारी दी है, जिससे यह पता चलता है कि दुनिया भर में चल…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

सेमीफाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड: ICC इवेंट्स में भारत ने फिर दिखाया दम

  • By admin
  • March 2, 2026
  • 1 views
सेमीफाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड: ICC इवेंट्स में भारत ने फिर दिखाया दम

गंभीर का चौंकाने वाला खुलासा: सैमसन के 97 रन नहीं, इन दो चौकों ने पलटा खेल

  • By admin
  • March 2, 2026
  • 2 views
गंभीर का चौंकाने वाला खुलासा: सैमसन के 97 रन नहीं, इन दो चौकों ने पलटा खेल

युवाओं को मिलेगा दिग्गजों का साथ, कुंबले-जहीर-हरभजन करेंगे नई प्रतिभाओं को तैयार

  • By admin
  • March 2, 2026
  • 2 views
युवाओं को मिलेगा दिग्गजों का साथ, कुंबले-जहीर-हरभजन करेंगे नई प्रतिभाओं को तैयार

वेस्टइंडीज पर जीत के बाद बुमराह बोले—यह रहा टर्निंग पॉइंट, संजू सैमसन पर चुप्पी

  • By admin
  • March 2, 2026
  • 2 views
वेस्टइंडीज पर जीत के बाद बुमराह बोले—यह रहा टर्निंग पॉइंट, संजू सैमसन पर चुप्पी

वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख का जुर्माना, नकवी के बयान ने मचाई हलचल

  • By admin
  • March 2, 2026
  • 2 views
वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख का जुर्माना, नकवी के बयान ने मचाई हलचल

संजू की दमदार पारी से भारत पंहुचा सेमीफाइनल में , वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐतिहासिक जीत

  • By admin
  • March 1, 2026
  • 2 views
संजू की दमदार पारी से भारत पंहुचा सेमीफाइनल में , वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐतिहासिक जीत