21 साल बाद धर्म परिवर्तन: पूर्व पार्षद रानी बेगम ने छोड़ा इस्लाम, अपनाया हिंदू धर्म

छतरपुर 
छतरपुर में वार्ड क्रमांक 11 की पूर्व पार्षद रानी बेगम ने साधु-संतों की मौजूदगी में विधि-विधान से पुनः हिंदू धर्म अपनाते हुए घर वापसी की। इस अवसर पर हनुमान जी को साक्षी मानकर हवन-पूजन किया गया और गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण संपन्न कराया गया। घर वापसी के बाद उन्होंने अपना मूल नाम शीला यादव पुनः धारण किया।

वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया

शीला यादव मूल रूप से छतरपुर जिले के ग्राम कुर्रा, थाना ईसानगर की निवासी हैं। जो वर्तमान वार्ड नंबर 12 मैं रह रही है उन्होंने बताया कि उनका बचपन का नाम शीला यादव था और उनके पिता का नाम चिंटोले यादव है। वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया और करीब 21 वर्षों तक वैवाहिक जीवन व्यतीत किया। हालांकि, वहां की परंपराओं और जीवनशैली को स्वीकार न कर पाने के कारण वर्ष 2018 में उन्होंने तलाक लेकर हिंदू धर्म पुनः अपना लिया था, लेकिन धार्मिक विधि से घर वापसी नहीं हो सकी थी। 

शीला यादव का कहना है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा घर वापसी और हिंदू राष्ट्र को लेकर चलाए जा रहे अभियान से वे प्रेरित हुईं। उन्होंने कहा कि भारतीय और हिंदू होने के नाते हिंदू धर्म ही उनकी आत्मा से जुड़ा है।

उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन को लेकर समाचार पत्रों में इश्तिहार प्रकाशित कराया, आधार कार्ड में नाम अपडेट कराया, लेकिन प्रशासनिक दस्तावेजों में रानी बेगम से शीला यादव नाम दर्ज कराने के लिए वे पिछले एक वर्ष से कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। छतरपुर के साधू संतो औऱ सनातन धर्म सेवा समिति से संपर्क किया जहां एआज गुरुवार को अनगढ़ टोरिया में साधु-संतों की उपस्थिति में विधिवत घर वापसी कराई गई

शीला यादव बोलीं, जैसे पुनर्जन्म  हुआ हो..

शीला यादव ने कहा कि मैंने यादव कुल में जन्म लिया था और मैं यादव परिवार में पली बढ़ी। वो याद करते हुए कहती हैं कि  मैने शादी के बाद इस्लाम कुबूल किया और 20-25 साल तक मैं साबिर काजी के साथ मुस्लिम रीतिरिवाज के साथ रही, लेकिन ये रास नहीं आ रहा था, घुटन महसूस हो रही थी।  अब से मैं अपने धर्म और समाज में जीना मरना चाहती हूँ। रानी बताती हैं कि इन बीच रानी बेगम बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा और पार्षद रही, लोगों की जनसेवा की, पर जो सुकून अपने धर्म में था और है वो कहीं नहीं हैं मैं मजबूरी में घुट-घुट कर जीती रही।   

admin

Related Posts

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविदाकर्मियों के लिए कीं महत्वपूर्ण घोषणाएं

संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास के आधार पर ही जनकल्याणकारी योजनाएं उतार रही हैं धरातल पर संविदाकर्मी राज्य सरकार का कार्यबल ही नहीं, हमारा आत्मबल भी हैं   भोपाल मुख्यमंत्री…

ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन विन्ध्य की विकास रेखा है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रेलवे परियोजना का कार्य 2028 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

टाटा स्टील मास्टर्स: युवा सितारे गुकेश का मुकाबला अनुभवी अरविंद चिदंबरम से

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
टाटा स्टील मास्टर्स: युवा सितारे गुकेश का मुकाबला अनुभवी अरविंद चिदंबरम से

सेलेक्शन कमेटी सख्त: मनप्रीत और दो अन्य खिलाड़ी बाहर, नई रणनीति के संकेत

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
सेलेक्शन कमेटी सख्त: मनप्रीत और दो अन्य खिलाड़ी बाहर, नई रणनीति के संकेत

ऑस्ट्रेलियन ओपन में ओलिविया गैडेकी व जॉन पीयर्स बने मिश्रित डबल्स चैंपियन

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
ऑस्ट्रेलियन ओपन में ओलिविया गैडेकी व जॉन पीयर्स बने मिश्रित डबल्स चैंपियन

टी20 विश्व कप 2026 के लिए न्यूजीलैंड ने बेन सियर्स को रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
टी20 विश्व कप 2026 के लिए न्यूजीलैंड ने बेन सियर्स को रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया

आईओए अध्यक्ष पी.टी. उषा के पति वेंगलिल श्रीनिवासन का निधन

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
आईओए अध्यक्ष पी.टी. उषा के पति वेंगलिल श्रीनिवासन का निधन

युवा जोश का धमाका! अल्काराज पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में, खिताब से एक कदम दूर

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 1 views
युवा जोश का धमाका! अल्काराज पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में, खिताब से एक कदम दूर