CJI सूर्यकांत का गंभीर बयान, 54 हजार करोड़ रुपये के गबन पर इन बैंकों की स्थिति पर उठाया सवाल

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी के जरिये 54 हजार करोड़ रुपये के गबन को पूरी तरह से लूट और डकैती करार दिया। सोमवार को केंद्र सरकार को ऐसे मामलों से निपटने के लिए आरबीआई, बैंकों और दूरसंचार विभाग जैसे हितधारकों के साथ चर्चा करके मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का निर्देश दिया। न्यायालय ने डिजिटल अरेस्ट मामलों से जुड़े 'खतरे' पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि साइबर धोखाधड़ी को रोकने में बैंकों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे उन खातों में असामान्य और बड़े पैमाने का लेनदेन होने पर ग्राहकों को सतर्क करें, जिनका आम तौर पर छोटे लेनदेन के लिए उपयोग किया जाता है। पीठ ने कहा कि यदि 10,000 या 20,000 रुपये की राशि निकालने वाला कोई सेवानिवृत्त व्यक्ति अचानक बहुत बड़ी रकम निकालता है, तो बैंक को तुरंत अलर्ट जारी करना चाहिए।

ई राज्यों के बजट से ज्यादा धोखाधड़ी की धनराशि

पीठ ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के जरिये गबन की गई धनराशि कई छोटे राज्यों के बजट से अधिक है। अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराध बैंक अधिकारियों की मिलीभगत या उनकी लापरवाही के कारण हो सकते हैं। शीर्ष अदालत ने आरबीआई और बैंकों की ओर से समय पर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

CBI को किया शामिल

अदालत ने सीबीआई को 'डिजिटल अरेस्ट' के मामलों की पहचान करने का निर्देश दिया और गुजरात तथा दिल्ली की सरकार से कहा कि वे इन मामलों में जांच के लिए सीबीआई को आवश्यक स्वीकृति प्रदान करें। शीर्ष अदालत ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट के शिकार लोगों को मुआवजा देने के मामलों में एक व्यावहारिक और उदार दृष्टिकोण अपनाए जाने की आवश्यकता है। अदालत ने याचिका को चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

SOP तैयार

सुनवाई की शुरुआत में, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने पीठ को बताया कि आरबीआई ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए बैंकों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का मसौदा तैयार किया है, जिसमें साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए खातों पर अस्थायी डेबिट होल्ड लगाए जाने जैसी कार्रवाई समेत कई प्रावधान हैं।

अदालत ने कई नए निर्देश जारी करते हुए गृह मंत्रालय से कहा कि वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विचार करे और देशभर में लागू करने के लिए निर्देश जारी करे।

AI के इस्तेमाल की सिफारिश

न्यायमित्र के तौर पर पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता एनएस नप्पिनई ने कहा कि बैंकों को संदिग्ध लेनदेन के बारे में ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए जाने चाहिए और इसके लिए AI उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है।

क्या बोला सुप्रीम कोर्ट

पीठ ने कहा, 'यदि करोड़ों रुपये का लेनदेन करने वाली कोई कारोबारी संस्था है, तो उस पर संदेह नहीं हो सकता। लेकिन यदि आमतौर पर 15,000 से 20,000 रुपये निकालने वाले पेंशनभोगी के खाते से अचानक 50 लाख, 70 लाख या एक करोड़ रुपये निकाले जा रहे हैं, तो बैंक के एआई से चलने वाले उपकरणों ने इसे संदिग्ध मानकर उसे अलर्ट क्यों नहीं किया?'

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि RBI इस मुद्दे पर विचार करेगा।

बैंकों पर भड़की अदालत

इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, 'समस्या यह है कि बैंक ज्यादातर व्यवसायिक मोड में काम कर रहे हैं, और यह स्वाभाविक भी है। लेकिन ऐसा करते हुए वे या तो अनजाने में या मिलीभगत से ऐसे मंच बनते जा रहे हैं, जिनके जरिये अपराध से अर्जित धन का तेज और निर्बाध लेनदेन हो रहा है।' न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में ही यह दर्शाया गया है कि अप्रैल 2021 से नवंबर 2025 के बीच साइबर धोखाधड़ी के जरिये 52,000 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, 'ये बैंक अब एक बोझ बनते जा रहे हैं। बैंकों को यह समझना चाहिए कि वे धन के रखवाले हैं और उन्हें इसके प्रति अति-उत्साहित नहीं होना चाहिए। उस भरोसे को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। समस्या यह है कि ये बैंक ऐसे धोखेबाज़ों को ऋण भी देते हैं और फिर एनसीएलटी, एनसीएलएटी जैसी संस्थाएं सामने आती हैं, जब धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां दिवालिया कार्यवाहियों में उलझ जाती हैं।'

यह टिप्पणी उस समय की गई जब अटॉर्नी जनरल ने अदालत को बताया कि आरबीआई द्वारा लागू किए गए उपायों के दौरान 'म्यूल' बैंक खातों का पता चला है।

डिजिटल अरेस्ट पर पहले से अलर्ट सुप्रीम कोर्ट

पीठ ने 16 दिसंबर को केंद्र सरकार से कहा था कि वह डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों के लिए मुआवजा सुनिश्चित करने के संबंध में न्यायमित्र के सुझावों पर विचार करे। साथ ही उसने साइबर अपराधियों द्वारा देश से बाहर ले जाई जा रही भारी धनराशि पर चिंता भी जताई थी।

'डिजिटल अरेस्ट' साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ स्वरूप है, जिसमें ठग कानून प्रवर्तन एजेंसियों, अदालतों या सरकारी विभागों के अधिकारियों के रूप में खुद को प्रस्तुत करके ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ितों को डराते-धमकाते हैं। वे पीड़ितों को उलझाकर रखते हैं और उन पर पैसे देने का दबाव डालते हैं।

एक दिसंबर को शीर्ष अदालत ने सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट मामलों की एकीकृत, देशव्यापी जांच करने का निर्देश दिया था और आरबीआई से यह भी पूछा था कि वह साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों का पता लगाने और उन्हें 'फ्रीज़' करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग क्यों नहीं कर रहा है।

admin

Related Posts

झुलसाने वाली गर्मी की जगह बरसेगा पानी, जम्मू-कश्मीर से झारखंड तक आंधी-तूफान का दौर, जानें अपडेट

 दिल्ली देश के 15 से अधिक राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है. अप्रैल महीने की शुरुआत होने जा रही है और आमतौर पर इस समय…

महान कवि माइकल मधुसूदन दत्त के वंशज हुए ‘भगवा’, लिएंडर पेस ने बंगाल के विकास के लिए मिलाया हाथ

 दिल्ली खेल की दुनिया में तिरंगे का मान बढ़ाने वाले महान टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने सोमवार को राजनीति के ‘कोर्ट’ पर अपनी नयी पारी की शुरुआत की. नयी दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

आईपीएल का नया सितारा, वैभव सूर्यवंशी की 15 गेंदों वाली फिफ्टी ने मचाया तहलका, क्या मिलेगा टीम इंडिया का टिकट?

  • By admin
  • March 31, 2026
  • 0 views
आईपीएल का नया सितारा, वैभव सूर्यवंशी की 15 गेंदों वाली फिफ्टी ने मचाया तहलका, क्या मिलेगा टीम इंडिया का टिकट?

बिना सेट गंवाए चैंपियन, सिनर ने बनाया 34 सेट जीतने का महारिकॉर्ड, लेहेका का सपना टूटा

  • By admin
  • March 31, 2026
  • 3 views
बिना सेट गंवाए चैंपियन, सिनर ने बनाया 34 सेट जीतने का महारिकॉर्ड, लेहेका का सपना टूटा

LSG vs DC, लखनऊ में ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू, स्टेडियम हाउसफुल होने के आसार

  • By admin
  • March 31, 2026
  • 0 views
LSG vs DC, लखनऊ में ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू, स्टेडियम हाउसफुल होने के आसार

इकाना स्टेडियम ट्रैफिक अपडेट, मैच के दौरान शहीद पथ पर ई-रिक्शा और ऑटो रहेंगे प्रतिबंधित

  • By admin
  • March 31, 2026
  • 2 views
इकाना स्टेडियम ट्रैफिक अपडेट, मैच के दौरान शहीद पथ पर ई-रिक्शा और ऑटो रहेंगे प्रतिबंधित

श्रेयस बनाम शुभमन, पंजाब और गुजरात के बीच कांटे की टक्कर

  • By admin
  • March 31, 2026
  • 2 views
श्रेयस बनाम शुभमन, पंजाब और गुजरात के बीच कांटे की टक्कर

टेनिस का नया सुल्तान, सिनर ने फेडरर के रिकॉर्ड की बराबरी की, मियामी ओपन फाइनल में लेहेका को दी मात

  • By admin
  • March 31, 2026
  • 3 views
टेनिस का नया सुल्तान, सिनर ने फेडरर के रिकॉर्ड की बराबरी की, मियामी ओपन फाइनल में लेहेका को दी मात