मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि को बताया भारतीय संस्कृति का आलोक स्तंभ

महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि को बताया भारतीय संस्कृति का आलोक स्तंभ

प्रदेशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी बधाई

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर श्रद्धालु नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवता की क्रूरता पर विजय का प्रतीक है। वे अद्वितीय विद्वान ऋषि एवं सहृदय कवि थे, जिन्होंने भारतीय समाज में पूजनीय स्थान अर्जित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभ्यता, धर्म एवं आध्यात्म का अद्वितीय समन्वय भारत के अतिरिक्त और कहीं नहीं मिलता। यही कारण है कि 'विश्व गुरु' की उपाधि से सम्मानित भारत, सनातन धर्म की महानता का दिव्य प्रतीक है। महर्षि वाल्मीकि महिमामयी भारतीय सनातन परंपरा के प्रणेता, प्रहरी, प्रचारक ऋषि भारतीय संस्कृति के गौरव हैं। महर्षि वाल्मीकि के जीवन में परिवर्तन की शुरुआत तब हुई, जब उनकी भेंट महान ऋषि नारद से हुई। नारद जी ने उन्हें 'राम' नाम का जप करने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि के महान कार्यों में से एक है। इसमें उन्होंने भगवान राम के जीवन से जुड़े आदर्शों को विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया है। उनके रचित 23 हजार से अधिक श्लोकों से युक्त रामायण, भारतीय संस्कृति और आत्म संयम की शिक्षा प्रदान करता है। महर्षि वाल्मीकि ने न केवल रामायण की रचना की, बल्कि माता सीता को अपने आश्रम में शरण दी और उनके पुत्रों लव-कुश को ज्ञान प्रदान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने बोध कराया कि जीवन को समझने की सबसे सुंदर यात्रा है रामायण का श्रवण करना। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से यह दिखाया कि सच्चा धर्म सबको साथ लेकर चलता है क्योंकि इसमें करुणा, न्याय और समर्पण शामिल होता है। उन्होंने भगवान राम के जीवन के माध्यम से मानव समाज को मर्यादा, परिवार, समाज और कर्तव्य के महत्व का बोध कराया। महर्षि वाल्मीकि ने यह संदेश दिया कि यदि मनुष्य सच्चे मन से प्रयत्न करे, तो अंधकार से भी प्रकाश की राह बनाई जा सकती है। यही कारण है कि उन्हें आदिकवि कहा गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का दर्शन बहुत सरल है — किसी के साथ अन्याय मत करो, और यदि किसी के जीवन में प्रकाश लाने का अवसर मिले तो पीछे मत हटो। यही भाव एक बेहतर समाज की नींव है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को यह सिखाया कि सम्मान किसी जाति या स्थिति से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से मिलता है। यह शिक्षा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने यह सिखाया कि हर व्यक्ति के भीतर अच्छाई का दीप जल सकता है। यही कारण है कि उनका जीवन हर युग में मार्गदर्शक बना रहेगा। वाल्मीकि जी के आदर्शों से प्रेरित होकर हमें भी यह संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज में किसी के साथ भेदभाव न होने दें। हर घर में शिक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का दीप जले।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि हमारे लिए केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, वे उस चेतना के प्रतीक हैं जो हर मनुष्य के भीतर मौजूद है। जब तक हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारते रहेंगे, समाज आगे बढ़ता रहेगा और मानवता की यह ज्योति जलती रहेगी।

 

admin

Related Posts

धार्मिक विरासत की मिसाल: क्यों नेपाल से भी खास है मंदसौर की अष्टमुखी पशुपतिनाथ प्रतिमा

 मंदसौर मंदसौर में शिवना तट पर विराजे अष्टमुखी श्री पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का सौंदर्य अपने-आप में अनूठा है। नेपाल के पशुपतिनाथ में चार मुख की मूर्ति है, जबकि मंदसौर…

मासूम बच्चियों को डायल 112 के जवानों ने परिजनों से मिलाया

ऑटो से उतरने के बाद मां से बिछड़ गई थी एक और तीन साल की बच्चियां भोपाल सागर जिले के थाना मोतीनगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता, मानवीय संवेदनशीलता…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

वेस्टइंडीज का शानदार सफर जारी, नेपाल विश्व कप से हुआ बाहर

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 0 views
वेस्टइंडीज का शानदार सफर जारी, नेपाल विश्व कप से हुआ बाहर

महामुकाबले के मद्देनज़र कोलंबो छावनी में तब्दील, पुलिस-बल तैनात, हर गतिविधि पर नजर

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 2 views
महामुकाबले के मद्देनज़र कोलंबो छावनी में तब्दील, पुलिस-बल तैनात, हर गतिविधि पर नजर

सीमा पार तनाव अलग, मैदान पर टक्कर जबरदस्त: भारत-पाक मुकाबला हाई-वोल्टेज

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 2 views
सीमा पार तनाव अलग, मैदान पर टक्कर जबरदस्त: भारत-पाक मुकाबला हाई-वोल्टेज

सपनों से हकीकत तक का सफर, चिन्नास्वामी स्टेडियम को कुंबले ने बताया अपना गुरुकुल

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 2 views
सपनों से हकीकत तक का सफर, चिन्नास्वामी स्टेडियम को कुंबले ने बताया अपना गुरुकुल

फिल्म से मिली प्रेरणा या भटका रास्ता? उस्मान तारिक ने नौकरी छोड़ी, अब भारत के लिए चुनौती

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 3 views
फिल्म से मिली प्रेरणा या भटका रास्ता? उस्मान तारिक ने नौकरी छोड़ी, अब भारत के लिए चुनौती

पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के 3 ट्रम्प कार्ड, कोलंबो में SKY की रणनीति पर नजर

  • By admin
  • February 15, 2026
  • 3 views
पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के 3 ट्रम्प कार्ड, कोलंबो में SKY की रणनीति पर नजर