जापान में खोजा गया एंटीकैंसर ड्रग, ट्री फ्रॉग की मदद से एक ही डोज में कैंसर का इलाज संभव?

नईदिल्ली 

कैंसर को आज भी दुनिया की सबसे गंभीर और जानलेवा बीमारियों में गिना जाता है. विज्ञान और मेडिकल टेक्नोलॉजी में लगातार तरक्की के बावजूद अब तक कैंसर का पूरी तरह और स्थायी इलाज नहीं मिल पाया है. लेकिन अब जापान के वैज्ञानिकों की एक नई खोज ने उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है. यह खोज सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन आने वाले वर्षों में यह लाखों जिंदगियां बचा सकती है.

दरअसल, जापान के वैज्ञानिकों ने मेंढक, भेक (toad) और छिपकली की आंतों में पाए जाने वाले एक खास बैक्टीरिया की पहचान की है, जो इंसानों में होने वाले खतरनाक कोलोरेक्टल कैंसर को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज भविष्य में कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी से भी ज्यादा सुरक्षित और असरदार इलाज का रास्ता हो सकती है.

क्या कहती है रिसर्च
यह रिसर्च जापान की नागोया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है और इसे करीब 7 दिन पहले प्रकाशित किया गया. शोधकर्ताओं ने एक बैक्टीरिया की पहचान की है, जिसका नाम Ewingella americana है. यह बैक्टीरिया आमतौर पर मेंढक और छिपकली जैसे जीवों की पाचन प्रणाली में पाया जाता है. पहले इसे एक सामान्य और नुकसान रहित बैक्टीरिया माना जाता था, लेकिन अब यह कैंसर के खिलाफ एक शक्तिशाली हथियार बनकर उभरा है.

रिसर्च टीम ने जापानी ट्री फ्रॉग, जापानी फायर-बेली न्यूट और जापानी ग्रास लिजर्ड की आंतों से कुल 45 अलग-अलग बैक्टीरियल स्ट्रेन अलग किए. इनमें से 9 स्ट्रेन में कैंसर विरोधी गुण पाए गए, लेकिन Ewingella americana सबसे ज्यादा प्रभावी साबित हुआ.

क्या कमाल किया इस बैक्टीरिया ने?

    सिर्फ एक डोज देने पर चूहों के ट्यूमर पूरी तरह गायब हो गए.
    30 दिन बाद फिर कैंसर सेल डाले गए, तो भी अगले एक महीने में ट्यूमर नहीं बने.

यह बैक्टीरिया दो तरीकों से काम करता है…

    सीधे ट्यूमर पर हमला करता है.

    शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है – टी सेल, बी सेल और न्यूट्रोफिल्स को सक्रिय करता है.

    ट्यूमर में ऑक्सीजन कम होती है, जहां कीमोथेरेपी दवाएं कम असर करती हैं. 

लेकिन यह बैक्टीरिया ऐसे कम ऑक्सीजन वाले माहौल में भी अच्छा काम करता है.

सुरक्षा और तुलना

    चूहों में यह बैक्टीरिया जल्दी खून से साफ हो गया.
    मौजूदा कीमो दवा डॉक्सोरूबिसिन से ज्यादा प्रभावी साबित हुआ.
    कोई लंबे समय का नुकसान नहीं हुआ, स्वस्थ अंगों पर भी असर नहीं पड़ा.
    वैज्ञानिकों ने कहा कि यह बैक्टीरिया क्लिनिकल ट्रायल के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है.

अभी शुरुआत है

यह खोज अभी सिर्फ चूहों पर हुई है. इंसानों पर काम करेगी या नहीं, इसके लिए और बहुत परीक्षण जरूरी हैं. वैज्ञानिक अब इसे अन्य प्रकार के कैंसर पर आजमाना चाहते हैं. दूसरी दवाओं के साथ मिलाकर देखना चाहते हैं और बेहतर तरीके से दवा पहुंचाने के तरीके ढूंढ रहे हैं.

सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल है, क्योंकि Ewingella americana इंसानों में संक्रमण भी पैदा कर सकता है. इसलिए क्लिनिकल ट्रायल में बहुत सावधानी बरतनी होगी. फिलहाल ब्लैडर कैंसर के इलाज में एक बैक्टीरिया थेरेपी पहले से इस्तेमाल हो रही है. मेंढक जैसे जीव भविष्य में कैंसर की नई दवाएं दे सकते हैं.

वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रकृति की जैव विविधता में अभी बहुत सारी छिपी दवाएं हैं. हमें इसे बचाना होगा ताकि नई दवाएं मिलती रहें. यह शोध 'Gut Microbes' जर्नल में प्रकाशित हुआ है. यह खोज कैंसर के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगाती है.

कैसे काम करता है यह बैक्टीरिया?
लैब में किए गए परीक्षणों के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि यह बैक्टीरिया सीधे कैंसर ट्यूमर पर हमला करता है. यह ट्यूमर के अंदर घुसकर शरीर की इम्यून सिस्टम को उसी जगह सक्रिय कर देता है. इसके बाद शरीर की T-Cells कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर उन पर हमला करती हैं और उन्हें खत्म करने लगती हैं. इस प्रक्रिया से न सिर्फ ट्यूमर की बढ़त रुकती है, बल्कि समय के साथ उसका आकार भी छोटा होने लगता है. यानी शरीर खुद ही कैंसर से लड़ने लगता है.

क्या कीमोथेरेपी से मिलेगी राहत?
आज के समय में कीमोथेरेपी कैंसर का सबसे आम इलाज है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स बेहद दर्दनाक होते हैं. बालों का झड़ना, कमजोरी, उल्टी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं मरीजों की जिंदगी को मुश्किल बना देती हैं. अगर यह जापानी रिसर्च आगे के क्लिनिकल ट्रायल्स में सफल रहती है, तो भविष्य में बैक्टीरियल थेरेपी एक नया और सुरक्षित विकल्प बन सकती है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब तक के परीक्षणों में इस बैक्टीरिया के गंभीर साइड इफेक्ट नहीं देखे गए हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में इस बैक्टीरिया पर और रिसर्च की जाएगी. भविष्य में इसे ब्रेस्ट कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर जैसे अन्य गंभीर कैंसर के इलाज में भी आजमाया जा सकता है. 

admin

Related Posts

सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा: ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है अमेरिका

न्यूयॉर्क मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लड़ाकू विमानों, टैंकरों…

जापान की छुपी तस्वीर: हाईटेक छवि के पीछे भी लोग हैं आर्थिक तंगी में

टोक्यो  यह खबर तो आपको भी पता चल गई होगी कि जापान में संपन्‍न हुए हालिया चुनाव में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता सनाए तकाची ने 75.7 फीसदी सीटों पर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

सांसें थाम देने वाला मुकाबला: डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराया

  • By admin
  • February 11, 2026
  • 2 views
सांसें थाम देने वाला मुकाबला: डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराया

सूर्या की बढ़ी मुश्किलें! पाकिस्तान के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाएंगे अभिषेक ? जानिए कौन ले सकता है उनकी जगह

  • By admin
  • February 11, 2026
  • 0 views
सूर्या की बढ़ी मुश्किलें! पाकिस्तान के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाएंगे अभिषेक ? जानिए कौन ले सकता है उनकी जगह

सजा की जगह इनाम! ICC ने बांग्लादेश मामले में लिया विवादित निर्णय

  • By admin
  • February 10, 2026
  • 2 views
सजा की जगह इनाम! ICC ने बांग्लादेश मामले में लिया विवादित निर्णय

BCCI ने T20 World Cup की शुरुआत में टीम मैनेजमेंट की मांग खारिज की, खिलाड़ियों को दिया झटका

  • By admin
  • February 10, 2026
  • 0 views
BCCI ने T20 World Cup की शुरुआत में टीम मैनेजमेंट की मांग खारिज की, खिलाड़ियों को दिया झटका

टी20 विश्व कप में नीदरलैंड की शानदार जीत, बास डे लीडे रहे मैच के हीरो

  • By admin
  • February 10, 2026
  • 2 views
टी20 विश्व कप में नीदरलैंड की शानदार जीत, बास डे लीडे रहे मैच के हीरो

पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ डबल खेला: पहले बायकॉट, फिर खुद लिया यू-टर्न!

  • By admin
  • February 10, 2026
  • 3 views
पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ डबल खेला: पहले बायकॉट, फिर खुद लिया यू-टर्न!