‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद केंद्र सरकार ने तुर्की की कंपनियों से जुड़े सभी समझौते और परियोजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी

नई दिल्ली
भारत और तुर्की के बीच वर्षों से चल रहे व्यापारिक और रणनीतिक संबंध अब एक नई दिशा की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद केंद्र सरकार ने तुर्की की कंपनियों से जुड़े सभी समझौते और परियोजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। भारत में निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग, एविएशन, मेट्रो रेल और आईटी जैसे क्षेत्रों में सक्रिय तुर्की की कंपनियों की भूमिका को दोबारा परखा जा रहा है। यह कदम तुर्की के कश्मीर मुद्दे पर बार-बार टिप्पणी और पाकिस्तान के साथ उसकी बढ़ती निकटता के मद्देनजर उठाया गया है। भारत ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) की फरवरी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत-तुर्की के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। वहीं, अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक भारत में तुर्की से कुल 240.18 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एफडीआई आया है, जिससे तुर्की एफडीआई इक्विटी फ्लो में 45वें स्थान पर रहा।

इन निवेशों का विस्तार गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली जैसे राज्यों तक है। मेट्रो रेल, सुरंग निर्माण, और एयरपोर्ट सेवाओं से लेकर शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में कई समझौते और साझेदारियां की गई थीं। उदाहरण के तौर पर, 2020 में अटल टनल के इलेक्ट्रोमैकेनिकल हिस्से का कार्य एक तुर्की कंपनी को सौंपा गया था, जबकि 2024 में रेलवे विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने मेट्रो परियोजना के लिए एक तुर्की कंपनी के साथ समझौता किया।

तुर्की के ऑपरेटरों ने की पाकिस्तान की मदद
लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर' और उसके बाद की घटनाओं ने भारत सरकार को एक निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है। तुर्की ने न केवल पाकिस्तान को सैन्य ड्रोन उपलब्ध कराए, बल्कि यह भी सामने आया कि तुर्की के ऑपरेटरों ने पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों में सहायता की। यह प्रमुख वजह है कि अब सभी तुर्की कंपनियों से जुड़े प्रोजेक्ट्स की गहन समीक्षा की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सरकार सभी तुर्की परियोजनाओं और समझौतों को फिर से जांच रही है, भले ही वे समाप्त हो चुके हों। हर सौदे और परियोजना का पूरा डेटा इकट्ठा किया जा रहा है।"

सरकार के इस कदम के पीछे एक बड़ा कारण तुर्की का लगातार कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बयानबाजी करना और पाकिस्तान के साथ उसकी बढ़ती नजदीकियां हैं। भले ही अब तक किसी भी परियोजना को औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं- भारत अपनी विदेश नीति में 'जरूरी बदलाव' की ओर बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने बताया, "कुछ दीर्घकालिक समझौते तत्काल प्रभाव से प्रभावित नहीं हो सकते, लेकिन ताजा परिस्थितियां और तुर्की का रवैया भविष्य के निवेश और साझेदारियों को प्रभावित कर सकता है।"

कई परियोजनाओं में तुर्की की कंपनियां भागीदार
भारत में तुर्की की मौजूदगी को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। लखनऊ, पुणे और मुंबई जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं में तुर्की की कंपनियां भागीदार हैं। गुजरात में एक संयुक्त उद्यम के तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित की गई है। इसके अलावा, एक प्रमुख तुर्की विमानन कंपनी भारतीय हवाई अड्डों पर सेवाएं प्रदान कर रही है।

तुर्की की कंपनी सलेबी एविएशन भारत के आठ प्रमुख हवाई अड्डों पर कार्गो हैंडलिंग जैसे हाई-सिक्योरिटी कार्यों में शामिल है। इनमें हवाई अड्डों में दिल्ली, मुंबई और चेन्नई शामिल हैं। इस लिहाज से पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई में तुर्की ऑपरेटरों के शामिल होने के खुलासे ने भारत में सुरक्षा चिंताएं बढ़ी दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में तुर्की की भागीदारी को देखते हुए, भारत सरकार इन सौदों की गहन जांच कर सकती है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कम शोर, सख्त संदेश
2017 में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मीडिया, शिक्षा और कूटनीतिक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए कई समझौते हुए थे। लेकिन आठ साल बाद अब ये समझौते कागजों पर ही सिमटते नजर आ रहे हैं। सरकार की मौजूदा रणनीति कम शोर, सख्त संदेश वाली प्रतीत हो रही है। फिलहाल किसी परियोजना को आधिकारिक रूप से समाप्त नहीं किया गया है, लेकिन अंदरखाने एक ठोस बदलाव की तैयारी चल रही है। भारत अब अपने रणनीतिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे व्यापारिक रिश्तों पर पुनर्विचार कर रहा है जो देश की विदेश नीति और सुरक्षा नीतियों से मेल नहीं खाते।

तुर्की का हर मोर्चे पर बहिष्कार जारी
अखिल भारतीय सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने फिल्म शूटिंग और सांस्कृतिक सहयोग के लिए तुर्की का "पूर्ण बहिष्कार" करने की घोषणा की है। AICWA ने X पर कहा, "तुर्की में तत्काल प्रभाव से कोई भी बॉलीवुड या भारतीय फिल्म प्रोजेक्ट शूट नहीं किया जाएगा। किसी भी भारतीय निर्माता, प्रोडक्शन हाउस, निर्देशक या फाइनेंसर को तुर्की में कोई भी फिल्म, टेलीविजन या डिजिटल कंटेंट प्रोजेक्ट ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" 

admin

Related Posts

भारत को होर्मुज से नहीं, एक और दोस्त भेजेगा LNG-LPG के जहाज, अर्जेंटीना के बाद नया सहयोग

मुंबई   ईरान युद्ध के लंबा खिंचने की पूरी आशंका है. अमेरिका और इजरायल ने जब ईरान पर अटैक किया था, तब दावा किया गया था कि यह जंग कुछ ही…

डिजिटल पेमेंट से जुड़ा नया नियम 1 अप्रैल से, अब करना होगा यह बदलाव

मुंबई  मॉल या स्थानीय दुकान पर बहुत से लोग पेमेंट करने के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन या UPI का सहारा लेते हैं. अब डिजिटल ट्रांजैक्शन को लेकर एक नियम बदलने जा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

आरसीबी ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराया, कोहली की बेहतरीन पारी और देवदत्त का जोरदार प्रदर्शन

  • By admin
  • March 29, 2026
  • 0 views
आरसीबी ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराया, कोहली की बेहतरीन पारी और देवदत्त का जोरदार प्रदर्शन

ईशान का अर्धशतक, हैदराबाद का बड़ा स्कोर—RCB के सामने 202 रन की चुनौती

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 1 views
ईशान का अर्धशतक, हैदराबाद का बड़ा स्कोर—RCB के सामने 202 रन की चुनौती

IPL 2026: 200 विकेट क्लब में एंट्री के करीब भुवनेश्वर कुमार, क्या आज बनेगा इतिहास?

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 3 views
IPL 2026: 200 विकेट क्लब में एंट्री के करीब भुवनेश्वर कुमार, क्या आज बनेगा इतिहास?

आईपीएल 2026 बना बड़ा मौका, टीम इंडिया सिलेक्शन पर खुलकर बोले अंगकृष रघुवंशी

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 2 views
आईपीएल 2026 बना बड़ा मौका, टीम इंडिया सिलेक्शन पर खुलकर बोले अंगकृष रघुवंशी

सीजन शुरू होने से पहले बड़ा अपडेट: MS Dhoni और Pat Cummins समेत ये खिलाड़ी नहीं खेलेंगे शुरुआती मैच

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 2 views
सीजन शुरू होने से पहले बड़ा अपडेट: MS Dhoni और Pat Cummins समेत ये खिलाड़ी नहीं खेलेंगे शुरुआती मैच

बांगलादेश का फैसला, IPL टेलीकास्ट पर लगा बैन हटा, IND के साथ सीरीज को देखते हुए

  • By admin
  • March 28, 2026
  • 3 views
बांगलादेश का फैसला, IPL टेलीकास्ट पर लगा बैन हटा, IND के साथ सीरीज को देखते हुए