कोयला क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है और देश के औद्योगिक व आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है : मंत्री

नई दिल्ली
भारत सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि कोयले के आयात को कम करना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना उसकी प्राथमिकता है। कोयला क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है और देश के औद्योगिक व आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। भारत के पास दुनिया में पांचवां सबसे बड़ा कोयला भंडार है और यह कोयले का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। देश की कुल ऊर्जा जरूरतों का 55 प्रतिशत कोयले से पूरा होता है।

देश में लगभग 74 प्रतिशत बिजली उत्पादन ताप विद्युत संयंत्रों (थर्मल पावर प्लांट) पर निर्भर है। इसलिए एक मजबूत और टिकाऊ कोयला क्षेत्र की जरूरत बनी रहती है, यह बात कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कही। उन्होंने यह भी बताया कि कोयला मंत्रालय इस क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

सरकार के प्रयासों से आयातित कोयले पर निर्भरता कम हुई है। अप्रैल से नवंबर 2024 के बीच कोयला आयात में 5.35 प्रतिशत की कमी आई, जिससे लगभग 3.91 अरब डॉलर (30,007.26 करोड़ रुपये) की बचत हुई। खासकर, घरेलू बिजली संयंत्रों में उपयोग होने वाले कोयले का आयात 23.56 प्रतिशत घटा है।

मंत्रालय की ‘मिशन कोकिंग कोल’ योजना का लक्ष्य 2029-30 तक देश में कोकिंग कोल का उत्पादन बढ़ाकर 140 मिलियन टन (एमटी) करना है, जिससे इस्पात क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम हो सके।

भारत का कोयला उत्पादन वित्त वर्ष 2023-24 में 997.82 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो 2014-15 में 609.18 मिलियन टन था। पिछले दस वर्षों में इस क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि दर 5.64 प्रतिशत रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में उत्पादन में पिछले साल की तुलना में 11.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

जनवरी 2025 तक कोयला मंत्रालय ने 184 खदानों का आवंटन किया, जिनमें से 65 को खनन शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है। इन खदानों से कुल 136.59 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34.20 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 में उत्पादन 170 मिलियन टन से अधिक होने की उम्मीद है।

आठ कोर उद्योगों में कोयला क्षेत्र ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है, दिसंबर 2024 में इसमें 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अलावा, भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से होने वाली कुल आय का लगभग 50 प्रतिशत कोयला परिवहन से आता है। साथ ही, कोयला क्षेत्र में लगभग 4.78 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है।

 

  • admin

    Related Posts

    आतंक के रास्ते पर गया बेटा, पिता बोले- उसके कारण हमने बहुत दुख झेला

    श्रीनगर पुलवामा आतंकी हमले का बदला पूरा हो गया. 6 साल की देरी ही सही, मगर उसका मास्टरमाइंड मारा गया. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान का धुरंधर स्टाइल में…

    IND-US ट्रेड डील पर तेजी, अमेरिकी राजदूत बोले- अंतिम दौर में पहुंची बातचीत

    नई दिल्ली  ईरान युद्ध और तेल संकट के बीच भारत के लिए एक अच्‍छी खबर आ रही है. पिछले करीब एक साल से अटकी अमे‍रिकी ट्रेड डील के फाइनल होने…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    IPL 2026 Playoffs Race: हैदराबाद-बेंगलुरु मैच से तय होगा टेबल का बादशाह

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 2 views
    IPL 2026 Playoffs Race: हैदराबाद-बेंगलुरु मैच से तय होगा टेबल का बादशाह

    ISL में ईस्ट बंगाल की बादशाहत, 22 साल बाद खिताब पर जमाया कब्जा

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 3 views
    ISL में ईस्ट बंगाल की बादशाहत, 22 साल बाद खिताब पर जमाया कब्जा

    GT ने मचाया धमाल, चेन्नई सुपर किंग्स का प्लेऑफ सफर हुआ खत्म

    • By admin
    • May 22, 2026
    • 2 views
    GT ने मचाया धमाल, चेन्नई सुपर किंग्स का प्लेऑफ सफर हुआ खत्म

    विराट कोहली की फॉर्म बनाम SRH की धाकड़ बैटिंग लाइनअप पर नजर

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 3 views
    विराट कोहली की फॉर्म बनाम SRH की धाकड़ बैटिंग लाइनअप पर नजर

    टीम इंडिया में ओपनिंग बदलाव की तैयारी, यशस्वी जायसवाल बन सकते हैं बैकअप ओपनर

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 3 views
    टीम इंडिया में ओपनिंग बदलाव की तैयारी, यशस्वी जायसवाल बन सकते हैं बैकअप ओपनर

    1983 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन बिल पर विवाद, पूर्व क्रिकेटरों ने बताई सच्चाई

    • By admin
    • May 21, 2026
    • 2 views
    1983 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन बिल पर विवाद, पूर्व क्रिकेटरों ने बताई सच्चाई