‘ओबीसी आरक्षण शून्य करना चाहती थी कांग्रेस’, छत्तीसगढ़-बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने की अनारक्षित सीटों पर पिछड़े वर्ग के प्रत्याशी उतारने की घोषणा

रायपुर।

छत्तीसगढ़ बीजेपी अनारक्षित सीटों पर पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को चुनाव लड़वायेगी। उन्हें प्रतिनिधित्व देगी। ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी। पहले की तरह स्थिति बहाल रहेगी। ये बातें प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल झूठ की राजनीति करती है। वह बिना मु्द्दे के नगरीय निकाय चुनाव लड़ने जा रही है। वह मुद्दों के अभाव से जूझ रही है। राजनीतिक पतन की तरफ बढ़ रही है,इसलिए केवल वर्ग संघर्ष की बात करना, प्रदेश में माहौल खराब करने का प्रयास करना और षड्यंत्र करना ही कांग्रेस का काम रह गया है। प्रदेश भाजपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने तो वास्तव में ओबीसी आरक्षण के विरोध में कोर्ट जाने वाले और ओबीसी का आरक्षण रोकने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का काम किया है। भाजपा कांग्रेस के सभी षडयंत्र उजागर करती रहेगी और कांग्रेस का झूठ अब चलने वाला नहीं है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आरक्षण के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से ओबीसी विरोधी रही है। साव ने कहा कांग्रेस हमेशा पिछड़ा वर्ग का विरोधी रही है। वह आरक्षण के खिलाफ रही है। तब की कांगेस सरकार की ओर से ‘कालेलकर आयोग’ की अनुशंसा को ठंडे बस्ते में डाल देने के बाद आगे फिर ‘मंडल आयोग’ तक का इंतजार करना पड़ा। पंडित नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक के आरक्षण विरोधी वक्तव्यों के अनेक संदर्भ आपको गाहे ब गाहे दिख भी जायेंगे। मसलन 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में पंडित नेहरु ने कहा था कि आरक्षण से अक्षमता और दोयम दर्जे का मानक पैदा होता है। इंदिरा गांधी ने मंडल आयोग की संस्तुति से किनारा कर लिया था। राजीव गांधी ने तो यहां तक कह दिया था कि आरक्षण से हम बुद्धुओं को बढ़ावा देते हैं। इस प्रकार बार-बार प्रमाणित हुआ है कि कांग्रेस पूरी तरह से
आरक्षण विरोधी है।

राज्य सरकार ने 16 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया और आयोग ने प्रदेश के पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर सुझाव एवं अनुशंसाए 24 अक्टूबर 2024 को राज्य शासन को प्रस्तुत किया। उक्त प्रतिवेदन में आयोग द्वारा वर्तमान में पंचायत एवं स्थानीय निकायों में आरक्षण की एकमुश्त सीमा 25% को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 50% की सीमा तक आरक्षण का प्रावधान किया जाये। उक्त प्रतिवेदन को मंत्रिपरिषद् द्वारा 28 अक्तूबर 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993, नगर पालिका निगम 1956 एवं नगर पालिका अधिनियम 1961 में सुसंगत धाराओं में संशोधन किया गया। उपरोक्त के अनुसार पंचायतों एवं नगरीय निकायों में आरक्षण किया गया।

सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में किये गये आरक्षण में जनसंख्या के अनुपात में किये गये आरक्षण के कारण नगरीय निकाय के आरक्षण में विशेष अंतर नहीं पड़ा, परन्तु ग्रामीण क्षेत्र में 33 में से 16 जिले अधिसूचित जिले है तथा राज्य में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 12.72% है। उस अनुपात में 4 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। इस तरह से कुल 33 में से 20 सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई, जोकि 50% से अधिक है। इसलिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का कोई पद आरक्षित नहीं हो पाई है। जबकि जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच के पदों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए नियमानुसार पद आरक्षित हुए है। इस प्रकार राज्य सरकार ने जो आरक्षण निर्धारित किया है, वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के नियमानुसार ही है।

admin

Related Posts

बिलासपुर के छात्रों को मिला संसद में बजट चर्चा का मौका, विश्वविद्यालय में बढ़ा मान

 बिलासपुर  केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026) से जुड़े राष्ट्रीय विमर्श में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों को भागीदारी का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग के…

2000 परिवारों को फंसाने का आरोप, राजनांदगांव में पास्टर डेविड चाको का ‘केरल कनेक्शन’ उजागर

राजनांदगांव  जिला मुख्यालय से नौ किमी दूर ग्राम धर्मापुर से संचालित हो रहे ईसाई मतांतरण नेटवर्क ने राज्य के आदिवासी अंचल में दो हजार से ज्यादा परिवारों को मतांतरित किया…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

खेल जगत की ‘उड़नपरी’ पीटी ऊषा शोक में, पति वी. श्रीनिवासन का हुआ निधन

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
खेल जगत की ‘उड़नपरी’ पीटी ऊषा शोक में, पति वी. श्रीनिवासन का हुआ निधन

इंग्लैंड बन सकता है विलेन! U-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का समीकरण हुआ उलझा

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
इंग्लैंड बन सकता है विलेन! U-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का समीकरण हुआ उलझा

इतिहास रचने को तैयार RCB: WPL 2026 में फाइनल तक पहुंचाने वाली वो 4 खिलाड़ी कौन हैं?

  • By admin
  • January 30, 2026
  • 0 views
इतिहास रचने को तैयार RCB: WPL 2026 में फाइनल तक पहुंचाने वाली वो 4 खिलाड़ी कौन हैं?

प्लेऑफ की जंग तेज: मुंबई–गुजरात भिड़ंत में हारने वाली टीम पर लटक सकती है बाहर होने की तलवार

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 2 views
प्लेऑफ की जंग तेज: मुंबई–गुजरात भिड़ंत में हारने वाली टीम पर लटक सकती है बाहर होने की तलवार

किसे मिला दिग्गजों में स्थान? रवि शास्त्री की टॉप-5 लिस्ट से रोहित शर्मा गायब

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 2 views
किसे मिला दिग्गजों में स्थान? रवि शास्त्री की टॉप-5 लिस्ट से रोहित शर्मा गायब

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! T20 वर्ल्ड कप से पहले कोलंबो स्टेडियम हुआ अपग्रेड, पुरानी कमी खत्म

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 2 views
क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! T20 वर्ल्ड कप से पहले कोलंबो स्टेडियम हुआ अपग्रेड, पुरानी कमी खत्म