स्वच्छता में नंबर-1 इंदौर अब भीषण जल संकट से जूझ रहा, तीन साल तक टैंकरों पर निर्भरता बढ़ी

इंदौर

 देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर गंभीर जलसंकट से गुजर रहा है। हालत यह है कि 35 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाला यह शहर आज भी पानी के मामले में 70 किमी दूर बहने वाली नर्मदा नदी के भरोसे है। शहर में सवा लाख से ज्यादा बोरिंग हैं, लेकिन वर्षाजल को जमीन में सहेजने की प्रवृत्ति नहीं होने की वजह से इनमें से ज्यादातर सूख चुके हैं। वर्ष 2013 में नर्मदा का तीसरा चरण इंदौर आया था जो वर्ष 2024 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था।

पिछले 13 साल में भविष्य की आवश्यकता को लेकर कोई काम ही नहीं हुआ। स्थिति यह है कि आज शहर का बड़ा हिस्सा टैंकरों के भरोसे है। रोज किसी न किसी क्षेत्र में जलसंकट को लेकर चक्काजाम और प्रदर्शन हो रहे हैं। नींद से जागे नगर निगम ने नर्मदा के चौथे चरण को लेकर काम तो शुरू कर दिया है, लेकिन इसे पूरा होने में कम से कम तीन साल लगेंगे। मतलब साफ है कि शहरवासियों को आने वाले तीन साल जलसंकट झेलना ही पड़ेगा।

इन वजहों से बिगड़े हालात

1970 के आसपास इंदौर में सूखे के हालात बने थे। 70 किमी दूर बहने वाली नर्मदा का जल इंदौर लाने के लिए आंदोलन हुआ, जिसके बाद नर्मदा परियोजना को स्वीकृति मिली। वर्ष 1978 में नर्मदा का पहला चरण इंदौर आया और शहर को 90 एमएलडी पानी मिलने लगा। वर्ष 1990 में नर्मदा का दूसरा चरण इंदौर आया और 90 एमएलडी पानी और मिलने लगा। वर्ष 2013 में तीसरा चरण इंदौर आया और इंदौर को 430 एमएलडी पानी मिलने लगा।

पिछले दो दशक में शहर का विस्तार तेजी से हुआ। नई कॉलोनियां, टाउनशिप आईं, जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई, लेकिन पानी की मात्रा बढ़ाने को लेकर कोई काम नहीं हुआ। हाल ही में नर्मदा के चौथे चरण का काम शुरू हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2029 के अंत तक यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद इंदौर को कुल 900 एमएलडी पानी मिलने लगेगा।

बोरिंग या तो सूख गए या दूषित पानी दे रहे हैं

शहर के 25 प्रतिशत हिस्से में आज भी नर्मदा लाइनें नहीं हैं। ये क्षेत्र पूरी तरह से बोरिंग पर निर्भर हैं। गर्मी के चलते ज्यादातर बोरिंग या तो सूख चुके हैं या दूषित पानी दे रहे हैं। इसके चलते ये क्षेत्र अब पूरी तरह से टैंकरों पर आश्रित हो गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला प्रदूषित पानी खुले में छोड़ने से आसपास के क्षेत्रों का भू-जल दूषित हो गया। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 36 मौतें हुईं।

नए तालाबों की योजना नहीं बनी, पुरानों का गहरीकरण नहीं हुआ

लगभग 87 वर्ष पहले होलकरकाल में इंदौर की पानी की आवश्यकता पूरी करने के लिए यशवंत सागर जलाशय बनाया गया था। इसके बाद किसी नए तालाब की योजना तक नहीं बनी। शहर में सिरपुर, बिलावली, पिपल्याहाना तालाब हैं, लेकिन इनके गहरीकरण को लेकर काम ही नहीं हुआ।
प्रति व्यक्ति 100 लीटर पानी भी नहीं मिल रहा

नर्मदा के तीन चरण इंदौर लाने के बाद अधिकारियों का अनुमान था कि शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 180 लीटर पानी की आपूर्ति हो सकेगी, लेकिन तेजी से बढ़ती जनसंख्या की वजह से ऐसा नहीं हो सका। नर्मदा का तीसरा चरण 25 लाख जनसंख्या की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, लेकिन नगर निगम सीमा में 29 गांव शामिल करने के बाद इन गांवों में नर्मदा पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम पर आ गई। जनसंख्या भी 35 लाख से अधिक हो गई। यही वजह है कि शहर को इस वर्ष शहर में जबरदस्त जलसंकट झेलना पड़ रहा है।

चौथा चरण आने के बाद मिलेगी राहत

नर्मदा के चौथे चरण पर नगर निगम लगभग 2300 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके बाद इंदौर को 900 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। अमृत 2.0 योजना के तहत किए जा रहे इस कार्य में शहर में 1500 किमी नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। दो लाख से ज्यादा पुराने जल कनेक्शन की लाइन भी बदली जाएगी। 1.47 लाख नए कनेक्शन भी दिए जाएंगे। इसके अलावा 40 नई टंकियां बनाई जाएंगी। अनुमान है कि नर्मदा के चौथे चरण से इंदौर की वर्ष 2045 तक की आवश्यकता पूरी होगी।

 

admin

Related Posts

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाने पहुँचाया

भोपाल उज्जैन जिले के थाना चिंतामन गणेश क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए मानसिक रूप से अस्वस्थ 10 वर्षीय बालक को…

अवैध ड्रग्स तस्करों पर MP पुलिस का शिकंजा, कई जिलों में गांजा, स्मैक और अफीम की बड़ी खेप बरामद

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

Rajasthan Royals के लिए चमके वैभव सूर्यवंशी, फिर भी टीम नहीं खड़ा कर सकी बड़ा टोटल

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
Rajasthan Royals के लिए चमके वैभव सूर्यवंशी, फिर भी टीम नहीं खड़ा कर सकी बड़ा टोटल

गांगुली ने चयनकर्ताओं को दी सलाह, वैभव सूर्यवंशी और आकिब नबी पर रखी बेबाक राय

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 3 views
गांगुली ने चयनकर्ताओं को दी सलाह, वैभव सूर्यवंशी और आकिब नबी पर रखी बेबाक राय

गेल मोनफिल्स की भावुक विदाई, सबालेंका ने फ्रेंच ओपन में दर्ज की दमदार शुरुआत

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
गेल मोनफिल्स की भावुक विदाई, सबालेंका ने फ्रेंच ओपन में दर्ज की दमदार शुरुआत

निशेश बसावरेड्डी का धमाका, फ्रेंच ओपन में अमेरिकी दिग्गज को हराकर दूसरी राउंड में पहुंचे

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
निशेश बसावरेड्डी का धमाका, फ्रेंच ओपन में अमेरिकी दिग्गज को हराकर दूसरी राउंड में पहुंचे

सिंगापुर ओपन: भारत के कई खिलाड़ी बाहर, सिंधू और पुरुष डबल्स ने बढ़ाया उम्मीद का दायरा

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
सिंगापुर ओपन: भारत के कई खिलाड़ी बाहर, सिंधू और पुरुष डबल्स ने बढ़ाया उम्मीद का दायरा

मेसी-रोनाल्डो-नेयमार युग का अंत? फीफा 2026 में दिखेगा आखिरी बार बड़ा सितारा कारवां

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
मेसी-रोनाल्डो-नेयमार युग का अंत? फीफा 2026 में दिखेगा आखिरी बार बड़ा सितारा कारवां