जयपुर
जयपुर का अनु मीणा सुसाइड केस बेहद ही चौंकाने वाला है. अनु ने 7 अप्रैल को फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी, लेकिन 15 मई को एफआईआर दर्ज हुई. करीब 38 दिन बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी. परिजनों का कहना है कि अनु का पति गौतम मीणा उसकी बेरहमी से पिटाई करता था और लगातार प्रताड़ना से वो परेशान थी. इस बारे में महिला ने कई बार परिवार को भी बताया था. पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत एक्सईएन गौतम मीणा हर बार माफी मांगकर मामला ठीक करने की बात कहता था, लेकिन हालात नहीं सुधरे. बार-बार बेरहमी से पिटाई सहने के बाद उसने आत्महत्या कर ली.
मृतका के भाई ने डीसीपी को दी शिकायत
अनु मीणा का भाई नीरज डीसीपी से मिलने गया. इसके बाद पुलिस ने BNS 128 और 85 धारा के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. मानसरोवर एसीपी आदित्य ककड़े को जांच सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है.
शादी में लिए 5 लाख रुपये और होंडा सिटी कार
अनु मीणा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के समय ही पति गौतम मीणा और उसके मामा ने होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे परिवार ने शादी के समय ही पूरा कर दिया था. पीड़ित परिवार के मुताबिक, शादी में 60 लाख रुपये खर्च किए थे. इसके बावजूद गौतम अनु को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित करता रहा. कई बार उसने गाली-गलौज भी की.
शराब पीकर मारपीट करता था गौतम
जब परिजन मामला दर्ज करवाने गए तो समाज के पंच और रिश्तेदार की ओर से दवाब बनाया गया. पति गौतम मीणा पंचों के जरिए कोशिश कर रहा था कि किसी तरह मामला दब जाए. प्रकरण में समझौते की कोशिश होती रही, लेकिन नीरज को यह मंजूर नहीं था. पंचायत के दवाब के बावजूद वह एफआईआर दर्ज करने पर अड़ गया. नीरज ने आरोप लगाया कि शादी के बाद गौतम मीणा अपनी पत्नी अनु को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था. शादी के वक्त परिवार को नहीं पता था कि वह शराब का आदी है. अक्सर शराब पीकर वह मारपीट और गाली गलौज करता था.









